Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    क्या तीज के व्रत में बालों में कंघी करने और मुंह पर मेकअप लगाने से पूजा निष्फल हो जाती है? मिथ है या सच्चाई?

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 06:38 PM (IST)

    तीज व्रत के दौरान मेकअप लगाने और बालों में कंघी करने को लेकर अक्सर महिलाओं के मन में दुविधा रहती है। जानिए इस पुरानी मान्यता के पीछे का धार्मिक सच। ...और पढ़ें

    तीज है सौभाग्‍य का पर्व । (Picture Credit- AI Generated)

    तीज है सौभाग्‍य का पर्व । (Picture Credit- AI Generated)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। महिलाओं के 16 श्रृंगार का जुड़ाव केवल फैशन से नहीं है बल्कि इसका धार्मिक महत्‍व भी है। खासतौर पर सुहागन महिलाओं के लिए श्रृंगार करना हिंदू धर्म में अनिवार्य बताया गया है। हालांकि, तीज के व्रत को लेकर एक भ्रांति है कि जो महिलाए तीज का व्रत रखती हैं, उन्‍हें व्रत में न तो बालों को कॉम्‍ब करना चाहिए और न ही मेकअप करना चाहिए।

    हालांकि, एक तरफ तो तीज महिलाओं को अखंड सौभाग्‍य दिलाने वाला व्रत है। अपने पतियों की लंबी उम्र और सुखद वैवाहिक जीवन के लिए महिलाएं तीज वाले दिन व्रत रखती हैं। इस त्‍योहार पर महिलाएं नए कपड़े और गहने पहनने के साथ-साथ श्रृंगार भी करती हैं।

    ऐसे में यह मत कि तीज के व्रत में मेकअप नहीं करना चाहिए और बालों में कंघी नहीं करनी चाहिए, सही है या गलत, आइए जानते हैं।

    क्‍यों कहा गया व्रत में न करें मेकअप ?

    यह बात किसी प्रमुख सनातन धार्मिक ग्रंथ, पुराण या पुस्‍तक आदि में नहीं मिलती है कि तीज के व्रत में महिलाओं को मेकअप नहीं करना चाहिए। हां, यह किसी विशेष स्‍थानीय मान्‍यता से जुड़ी बात जरूर हो सकती है। हालांकि, सनातन धर्म में इस बात का समर्थन जरूर मिलता है कि व्रत करने वाले को केवल अन्‍न-जल का त्‍याग नहीं करना चाहिए बल्कि बुरे विचारों के त्‍याग का व्रत भी जरूरी है।

    हिंदू धर्म में व्रत का अर्थ है अपनी इंद्रियों को नियंत्रण में रखना। केवल खाना छोड़कर व्रत पूरा नहीं होता है, बल्कि मानसिक व्रत भी रखना पड़ता है। ऐसे में व्रत में कई लोग साधारण तरह से रहना भी पसंद करते हैं। हो सकता है, इसी मानसिकता के आधार पर कहा गया हो कि व्रत वाले दिन मेकअप नहीं करना चाहिए।

    खबरें और भी

    क्‍यों कहा गया व्रत में न करें बालों में कंघी?

    मेकअप की ही तरह व्रत में कंघी न किए जाने वाली बात केवल लोकपरंपरा, किसी खास वर्ग की मानसिकता या फिर पूरी तरह भ्रम फैलाने वाली हो सकती है। शास्त्रों में इसका उल्लेख कहीं नहीं मिलता है। तीज सौभाग्य का पर्व है और बाल एक स्त्री का सबसे प्रिय गहना है। सुंदर दिखने के लिए बेशक महंगे ब्यूटी प्रोडक्ट और खूबसूरत गहने हों न हों, मगर स्त्री के बाल यदि संवरे हुए हों, तो वह बेहद खूबसूरत नजर आती है।

    हां, यह बात जरूर है कि व्रत के दिन साफ-सुथरी तरह रहना जरूरी है। ऐसे में बालों को टूटना, झड़ना या उड़कर मुंह में आना, व्रत को खंडित करता है। इसलिए व्रत के दिन बालों में कंघी करें, मगर बालों इस तरह से पिनअप करें कि वे मैनेजेबल लगें।

    अतः तीज के व्रत में शारीरिक साफ-सफाई रखते हुए बालों में कंघी और चेहरे पर मेकअप दोनों कर सकती हैं।

    यह भी पढ़ें- जिन महिलाओं पर शनि की साढ़ेसाती है, उन्हें हरियाली तीज पर करना चाहिए ये 4 काम, टल जाएगा हर संकट

    यह भी पढ़ें- हरियाली तीज पर झूला झूलना क्यों माना जाता है शुभ? पढ़ें इस परंपरा का धार्मिक महत्व

    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण तथा जागरण न्यू मीडिया अंधविश्वास के खिलाफ है।