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    अनजाने में तीज का व्रत खंडित होने पर क्या करें? इस आसान विधि से करें प्रायश्चित

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 01:04 PM (IST)

    हरियाली तीज का व्रत सुहागिन महिलाओं के लिए अखंड सौभाग्य और पति की लंबी उम्र के लिए महत्वपूर्ण है। इस व्रत के दौरान कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है ता ...और पढ़ें

    गलती से व्रत टूट जाए तो क्या करें? (AI-Generated Image)

    गलती से व्रत टूट जाए तो क्या करें? (AI-Generated Image)

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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    धर्म डेस्क, नई दिल्ली। सावन का महीने आते ही चारों ओर एक अलग ही उमंग और हरियाली का माहौल छा जाता है। खासकर, यह महीना सुहागिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। उनकी गहरी आस्था से भरा सावन का महीना महादेव की पूजा और उपासना के लिए मशहूर है। इस दिन महिलाएं अपने अखंड सौभाग्य, पति की लंबी उम्र और दांपत्य जीवन में खुशहाली के लिए भगवान शिव और माता पार्वती की पूरे विधि-विधान से पूजा करती हैं।

    मान्यताओं के मुताबिक, इस पावन दिन पर सच्चे मन से किया गया तप वैवाहिक जीवन को खुशियों से भर देता है। लेकिन, व्रत और पूजा का पूरा फल तभी मिलता है जब इसके नियमों का सही तरीके से पालन किया जाए। अगर आप भी हरियाली तीज का व्रत रख रही हैं, तो कुछ खास बातों और सावधानियों का ध्यान जरूर रखें। इस आर्टिकल में जानिए ध्यान रखने वाली बातें-

    1. निर्जला व्रत के नियमों का करें पालन

    हरियाली तीज का व्रत मुख्य रूप से बिना अन्न और जल के यानी निर्जला रखा जाता है। कई बार अनजाने में महिलाएं फल, चाय या पानी ले लेती हैं, जिससे व्रत अधूरा माना जा सकता है। अगर आप स्वस्थ हैं तो पूरे दिन बिना जल के ही व्रत का संकल्प निभाएं। हालांकि, गर्भवती महिलाओं या अस्वस्थ व्रतियों को स्वास्थ्य का ध्यान रखते हुए डॉक्टर या बड़ों की सलाह से फलाहार करना चाहिए।

    2. गुस्सा या कड़वाहट मन में लाने से बचें

    किसी भी व्रत का सीधा संबंध हमारे मन और आचरण से होता है। इस दिन किसी पर क्रोध करने, बहस करने या कड़वे शब्द बोलने से पूरी तरह बचना चाहिए। अपने मन को साफ रखें, सकारात्मक विचार रखें और खाली समय में शिव-पार्वती के भजनों, कथाओं या मंत्रों का ध्यान करें।

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    3. दिन में सोने की भूल न करें

    व्रत के दौरान दिन में सोना धार्मिक दृष्टि से ठीक नहीं माना गया है। ऐसा करने से व्रत का आध्यात्मिक फल घटता है। थकान लगे तो आराम से बैठकर तीज के पारंपरिक गीत गाएं या सत्संग करें।

    4. शुभ रंगों का ही करें चुनाव

    तीज के दिन काले और सफेद रंग के कपड़े पहनने से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। सावन और प्रकृति का प्रतीक हरा रंग इस दिन सबसे उत्तम माना गया है। इसके अलावा आप लाल, पीला, नारंगी या गुलाबी जैसे शुभ रंगों के वस्त्र पहन सकती हैं।

    5. सोलह श्रृंगार का महत्व समझें

    यह पर्व सुहाग का उत्सव है, इसलिए सोलह श्रृंगार का विशेष महत्व है। हाथों में मेहंदी रचाना, हरी चूड़ियां, सिंदूर, बिंदी और पायल पहनकर ही पूजा में बैठें। बिना श्रृंगार के यह व्रत अधूरा माना जाता है।

    6. व्रत के बाद दान-पुण्य जरूर करें

    शास्त्रों के अनुसार, कोई भी व्रत दान के बिना पूर्ण नहीं होता। पूजा संपन्न होने के बाद किसी जरूरतमंद या सुहागिन महिला को अन्न, जल का पात्र, मौसमी फल और सुहाग की सामग्री भेंट करें।

    7. कैंची-सुई और तुलसी दल से करें परहेज

    इस पावन दिन पर सुई, कैंची या अन्य नुकीली चीजों का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए। साथ ही, तीज के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना भी वर्जित माना गया है।

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    अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।