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Janmashtami 2026: कान्हा के जन्म की रात क्यों खोले जाते हैं घर के दरवाजे, जानिए इस परंपरा का रहस्य क्या है?

Published: Thu, 03 Sep 2026 06:06 PM (IST)Updated: Fri, 04 Sep 2026 08:46 AM (IST)

कृष्ण जन्माष्टमी 2026 यानी आज रात 12 बजे पूजा के बाद घर का मुख्य द्वार या मंदिर के पट कुछ ...और पढ़ें

बाल गोपाल के स्वागत से जुड़ी मान्यता (AI-Generated Image)

बाल गोपाल के स्वागत से जुड़ी मान्यता (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। इस साल कृष्ण जन्माष्टमी का त्योहार कल यानी 4 सितंबर को मनाया जा रहा है। हर कोई अपने प्यारे नन्हे कान्हा के स्वागत की तैयारियों में जुटा हुआ है। इस दिन कान्हा के भक्त अपने-अपने घरों में सुंदर झांकियां सजाते हैं, कृष्णा को नए-नए कपड़े पहनाते हैं और रात 12 बजे धूम-धड़ाके से उनका स्वागत करते हैं।

लेकिन, क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि जन्माष्टमी की रात, ठीक 12 बजे जब कान्हा का जन्म होता है, तो लोग अपने घरों के दरवाजे या घर के मंदिर के पट खुले क्यों रखते हैं? एस्ट्रोपत्री के श्री चंद्रेश शर्मा ने इस बारे में विस्तार से बताया है।

ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा का कहना है कि जन्माष्टमी की मध्यरात्रि को पूजा-अर्चना के बाद घर का मुख्य द्वार या मंदिर के पट कुछ समय के लिए खुले रखने की प्राचीन परंपरा का विशेष आध्यात्मिक महत्व है।

कंस के कारागार का वो चमत्कार

हम सबने बचपन से भगवान कृष्ण के जन्म की कहानियां सुनी हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, जब मथुरा में कंस की कड़ी सुरक्षा वाली जेल (कारागार) में आधी रात को श्री कृष्ण का जन्म हुआ था, तब एक बहुत बड़ा चमत्कार हुआ था। भगवान की माया से जेल के मजबूत ताले अपने आप टूट गए थे और सारे दरवाजे खुद-ब-खुद खुल गए थे।

ऐसा इसलिए हुआ ताकि वासुदेव जी नन्हे कान्हा को सुरक्षित गोकुल ले जा सकें। बस, उसी अद्भुत और दिव्य घटना को याद करने के लिए आज भी लोग प्रतीक के तौर पर रात 12 बजे अपने घरों के दरवाजे खोल देते हैं।

बाल गोपाल का प्यार से स्वागत

दरवाजा खुला रखने से मान्यता है कि बाल गोपाल हमारे घर आ रहे हैं। मुख्य द्वार खुला रखना इस बात का प्रतीक है कि भक्त पूरी श्रद्धा, प्रेम और भक्ति भाव के साथ अपने घर और अपने दिल के दरवाजे बांके बिहारी के स्वागत के लिए खोल रहा है।

सकारात्मक ऊर्जा का घर में प्रवेश

इसके अलावा, इसका एक और बड़ा आध्यात्मिक कारण है। जन्माष्टमी की आधी रात को जब लड्डू गोपाल का जन्म होता है, तब पूरे ब्रह्मांड में बहुत ही पवित्र, सात्विक और सकारात्मक ऊर्जा अपनी चरम सीमा पर होती है। ऐसे में दरवाजा खुला रखने से यह शुभ ऊर्जा बिना किसी रुकावट के हमारे घर में प्रवेश करती है। मान्यता है कि इससे घर-परिवार में सुख, शांति, समृद्धि और अच्छा स्वास्थ्य आता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।