पहली बार मना रहे हैं लड्डू गोपाल की छठी? भूलकर भी न करें 5 गलतियां, वरना नहीं मिलेगा पूजा का पूर्ण फल
जन्माष्टमी के छह दिन बाद लड्डू गोपाल की छठी मनाई जाती है, जिसका हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। पहली ...और पढ़ें

लड्डू गोपाल की छठी के नियम (Picture Credits- AI Images)
HighLights
घर और मंदिर की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें।
तामसिक भोजन से बचें, सात्विक भोग में तुलसी दल शामिल करें।
वाद-विवाद न करें, काले रंग के कपड़े पहनने से बचें।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। जन्माष्टमी के पर्व के छह दिन बाद लड्डू गोपाल की छठी (Krishna Chhathi 2026) का पर्व मनाया जाता है। हिंदू धर्म में इस पर्व का विशेष महत्व है। भगवान श्रीकृष्ण की छठी हर साल बेहद श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाई जाती है। इस शुभ अवसर पर भगवान श्रीकृष्ण को स्नान कराकर पीले वस्त्र पहनाएं। इसके बाद शृंगार कर पूजा-अर्चना करें। साथ ही उनकी प्रिय चीजों का भोग लगाएं। वैदिक पंचांग के अनुसार, कृष्ण छठी का पर्व 9 सितंबर को मनाया जाएगा।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, छठी के दिन लड्डू गोपाल की साधना करने से साधक के जीवन में कान्हा जी की कृपा से सुख-शांति बनी रहती है और सभी बाधाओं से छुटकारा मिलता है। ऐसा माना जाता है कि लड्डू गोपाल की छठी का पूर्ण फल तभी प्राप्त होता है जब इस दौरान नियमों का पालन किया जाए। अगर आप पहली बार लड्डू गोपाल (Krishna Chhathi Ke Niyam) की छठी मना रहे हैं, तो इस आर्टिकल में बताई गई बातों का विशेष ध्यान रखें।

(Picture Credits- AI Images)
इन बातों का रखें ध्यान
लड्डू गोपाल का अभिषेक और शृंगार- इस दिन सुबह स्नान करने के बाद भगवान श्रीकृष्ण का अभिषेक और शृंगार करें। इसके बाद सच्चे मन से पूजा-अर्चना करें। साथ ही माखन-मिश्री और कढ़ी-चावल का भोग लगाएं। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इससे लड्डू गोपाल की कृपा बरसेगी और घर में सुख-शांति का वास होगा।
स्वच्छता का रखें ध्यान- लड्डू गोपाल की छठी के दिन मंदिर और घर की सफाई का विशेष ध्यान रखें। ऐसा माना जाता है कि जिन घरों में स्वच्छता का ध्यान नहीं रखा जाता है, वहां धन की देवी मां लक्ष्मी वास नहीं करती हैं। इसलिए घर में गंदगी न होने दें।
तामसिक भोजन से रहें दूर- छठी के दिन तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन लड्डू गोपाल के लिए घर में सात्विक भोजन बनाकर भोग लगाएं। एक बात का विशेष ध्यान रखें कि कान्हा जी के भोग में तुलसी के पत्ते जरूर शामिल करें। ऐसा माना जाता है कि तुलसी दल के बिना प्रभु भोग स्वीकार नहीं करते हैं।
वाद-विवाद न करें- लड्डू गोपाल की छठी के दिन किसी से वाद-विवाद न करें और न ही किसी के बारे में गलत सोचें। ऐसा माना जाता है कि इन वर्जित कार्यों को करने से पूजा का पूर्ण फल प्राप्त नहीं होता है और अशुभ परिणाम मिलते हैं। इसलिए पूजा के दौरान मन को शांत रखना चाहिए।
काले रंग के कपड़े पहनने से बचें- पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों में भूलकर भी काले रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए, क्योंकि काला रंग नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करता है, जिसका बुरा प्रभाव व्यक्ति के जीवन पर पड़ता है।
यह भी पढ़ें- किस दिन किया जाएगा गणेश विसर्जन? अभी नोट करें तारीख और बप्पा की विदाई का सही समय
यह भी पढ़ें- गणेश चतुर्थी पर दूर्वा से कैसे करें गणपति का अभिषेक? यहां पढ़ें आवश्यक सामग्री और सही नियम
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।
