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किस दिन किया जाएगा गणेश विसर्जन? अभी नोट करें तारीख और बप्पा की विदाई का सही समय

Published: Tue, 08 Sep 2026 01:20 PM (IST)

अनंत चतुर्दशी 25 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी, इसी दिन गणेश विसर्जन भी होगा। इस दौरान भगवान गणेश की पूजा ...और पढ़ें

गणेश विसर्जन का धार्मिक महत्व (AI-Generated Image)

गणेश विसर्जन का धार्मिक महत्व (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर अनंत चतुर्दशी (Anant chaturdashi 2026) मनाई जाती है। इस दिन गणेश विसर्जन (Ganesh Visarjan 2026) किया जाता है। इस अवसर पर भगवान गणेश की पूजा-अर्चना करने के बाद गणेश विसर्जन करने का विधान है। इस उत्सव की शुरुआत गणेश चतुर्थी पर होती है।

धार्मिक मान्यता के अनुसार, जब गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश हम लोगों के घरों में आते हैं, तो सुख-समृद्धि लाते हैं और विसर्जन के समय वे अपने साथ परिवार के सभी दुखों, बीमारियों और बाधाओं को भी जल में प्रवाहित कर देते हैं। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में जानते हैं कि गणेश विसर्जन किस दिन किया जाएगा और इसके शुभ मुहूर्त क्या हैं।

अनंत चतुर्दशी 2026 डेट और शुभ मुहूर्त (Anant Chaturdashi 2026 Date and Shubh Muhurat)

वैदिक पंचांग के अनुसार, भाद्रपद माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि की शुरुआत 24 सितंबर को रात 11 बजकर 18 मिनट पर होगी। वहीं, इस तिथि का समापन 25 सितंबर को रात 11 बजकर 08 मिनट पर होगा। उदया तिथि के अनुसार, अनंत चतुर्दशी का पर्व 25 सितंबर को मनाया जाएगा। इसी दिन गणेश विसर्जन (Ganesh Visarjan Kab Hai) किया जाएगा।
अनंत चतुर्दशी पूजा मुहूर्त: सुबह 06 बजकर 11 मिनट से 11 बजकर 06 मिनट तक।

गणेश विसर्जन के लिए शुभ चौघड़िया मुहूर्त

प्रातः मुहूर्त (चर, लाभ, अमृत)- सुबह 06 बजकर 11 मिनट से 10 बजकर 42 मिनट
अपराह्न मुहूर्त (शुभ- दोपहर 12 बजकर 13 मिनट से 01 बजकर 43 मिनट
अपराह्न मुहूर्त (चर)- दोपहर 04 बजकर 44 मिनट से 06 बजकर 14 मिनट
रात्रि मुहूर्त (लाभ)- रात 09 बजकर 14 मिनट से 10 बजकर 43 मिनट
रात्रि मुहूर्त (शुभ, अमृत, चर)- रात 12 बजकर 13 मिनट से 04 बजकर 42 मिनट

अन्य मुहूर्त

ब्रह्म मुहूर्त- सुबह 04 बजकर 35 मिनट से 05 बजकर 23 मिनट तक
अभिजीत मुहूर्त- सुबह 11 बजकर 48 मिनट से 12 बजकर 37 मिनट तक
विजय मुहूर्त- दोपहर 02 बजकर 13 मिनट से 03 बजकर 01 मिनट तक
गोधूलि मुहूर्त- शाम 06 बजकर 14 मिनट से 06 बजकर 38 मिनट तक
रवि योग- सुबह 06 बजकर 11 मिनट से 11 बजकर 22 मिनट तक

गणेश विसर्जन का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में गणेश विसर्जन का विशेष महत्व है। गणेश उत्सव के दौरान भगवान गणेश को 10 दिनों तक एक प्रिय अतिथि के रूप में घर में रखा जाता है। इस दौरान उनकी रोजाना पूजा-अर्चना करने का विधान है। साथ ही फल, मोदक आदि चीजों का भोग लगाया जाता है। इससे प्रभु प्रसन्न होकर सुख-समृद्धि का आशीर्वाद प्रदान करते हैं और भक्तों को शुभ फल प्राप्त होता है। अनंत चतुर्दशी के दिन पूरे सम्मान और उल्लास के साथ गणेश विसर्जन किया जाता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें।