गणेश चतुर्थी पर दूर्वा से कैसे करें गणपति का अभिषेक? यहां पढ़ें आवश्यक सामग्री और सही नियम
गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जाएगी, जिसमें भगवान गणेश को 108 दूर्वा अर्पित करने का विशेष महत्व है। यह ...और पढ़ें

दूर्वा अभिषेक की सरल विधि (AI-Generated Image)

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धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म के प्रमुख पर्वों में गणेश चतुर्थी (Ganesh Chaturthi 2026) शामिल है। हर साल गणेश उत्सव की शुरुआत भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी से होती है। वहीं, इसका समापन अनंत चतुर्दशी के दिन होता है। इस दौरान भगवान गणेश की विशेष पूजा-अर्चना करने का विशेष महत्व है। वैदिक पंचांग के अनुसार, इस बार गणेश चतुर्थी 14 सितंबर को मनाई जाएगी।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, सच्चे मन से गणपति बप्पा की पूजा करने से भक्त के जीवन की सभी बाधाएं दूर होती हैं और सुख-समृद्धि में वृद्धि होती है। भगवान गणेश को दूर्वा अत्यंत प्रिय है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, गणेश जी का 108 दूर्वा से अभिषेक करने पर वे शीघ्र प्रसन्न होते हैं और भक्त पर अपनी कृपा बरसाते हैं। ऐसे में आइए इस आर्टिकल में आपको बताते हैं कि गणेश चतुर्थी के दिन कैसे करें भगवान गणेश का 108 दूर्वा से अभिषेक।
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इन चीजों को पूजा थाली में करें शामिल
108 ताजी दूर्वा, गंगाजल या शुद्ध जल, पंचामृत, चंदन, रोली, अक्षत (चावल), धूप, देसी घी, रुई, फूल, और मोदक, लड्डू या गुड़ का प्रसाद।
कैसे करें दूर्वा अभिषेक?
- गणेश चतुर्थी के दिन सुबह स्नान करने के बाद सूर्य देव को अर्घ्य दें।
- इसके बाद मंदिर की सफाई करें।
- गणपति बप्पा को तांबे या पीतल के पात्र में रखें और पंचामृत से स्नान कराएं।
- अंत में शुद्ध जल या गंगाजल से अभिषेक करें।
- भगवान को साफ कपड़े पहनाएं।
- चंदन, रोली और अक्षत अर्पित करें।
- 108 दूर्वा को शुद्ध जल से धो लें। आप 108 अलग-अलग दूर्वा ले सकते हैं या 21-21 दूर्वा की 5 गांठें (और 3 अतिरिक्त दूर्वा) बनाकर भी अर्पित कर सकते हैं।
- दूर्वा को हमेशा गणेश जी के मस्तक, सूंड या उनके चरणों के पास अर्पित करना चाहिए।देसी घी का दीपक जलाकर आरती करें।
- भगवान गणेश के मंत्रों का जप करें और गणेश चालीसा का पाठ करें।
- फल, मोदक आदि चीजों का भोग लगाएं।
- प्रभु से मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करें और अंत में लोगों में प्रसाद का वितरण करें।
दूर्वा अभिषेक से प्रसन्न होते हैं गणेश जी
धार्मिक मान्यता के अनुसार, गणेश चतुर्थी के दिन विधिपूर्वक भगवान गणेश का अभिषेक करने से भक्त को जीवन में सकारात्मक बदलाव देखने को मिलते हैं और रुके हुए काम पूरे होते हैं। इसके अलावा, प्रभु की कृपा से जीवन में सदैव सुख-शांति बनी रहती है।
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