हनुमान चालीसा का पूरा लाभ पाने के लिए इन 5 बातों का रखें खास ध्यान
हनुमान चालीसा का पाठ भय, रोग और कष्टों को दूर करता है, लेकिन इसके आध्यात्मिक लाभ के लिए सही विधि ...और पढ़ें

हनुमान चालीसा पढ़ने के 5 जरूरी नियम

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में कलियुग के देवता कहे जाने वाले भगवान हनुमान की पूजा- पाठ करने से भय, रोग, कष्ट और दुखों का विनाश होता है। भक्त हनुमान जी की स्तुति करने के लिए हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ करते हैं। हनुमान चालीसा में करीब 40 श्लोक हैं जो भगवान हनुमान की स्तुति करते हैं।
माना जाता है कि, हनुमान जी का यह भजन भक्तों को भक्ति और सुरक्षा प्रदान करता है। अधिकतर भारतीय घरों में रोजाना हनुमान चालीसा का पाठ होता है। लेकिन बहुत से लोगों को आध्यात्मिक लाभ हासिल करने के लिए पाठ की विधि के बारे में नहीं पता होता। माना जाता है कि, हनुमान चालीसा का गलत तरीके से पाठ करने पर शक्ति कम हो जाती है।

हनुमान चालीसा से जुड़ी 5 गलतियां जिनसे बचने की सलाह दी जाती है
गलत तरह से उच्चारण
हनुमान चालीसा पाठ के उच्चारण के दौरान अधिकतर लोग कई तरह की गलतियां करते हैं। लोग कुछ संस्कृति के शब्दों का गलत तरह से उच्चारण करते हैं। वे आमतौर पर कठिन अक्षरों को कई बार गलत या फिर स्किप कर देते हैं।
इससे पाठ की शक्ति कम हो जाती है। पाठ शुरू करने से पहले जिन भी संस्कृत के अक्षरों में गलती होनी की संभावना हो उन्हें जानकार व्यक्ति से पूछ लें या फिर प्रामाणिक स्रोतों से ऑडियो का इस्तेमाल करें। हर श्लोक को धीरे-धीरे पढ़ें।
अशुद्ध शरीर और कपड़े
हनुमान चालीसा पाठ के दौरान लोग आमतौर पर गंदे कपड़े पहनकर मंत्रोच्चारण करते हैं और कई लोग तो ऐसे भी होते हैं, जो बिना नहाए केवल वस्त्र बदलकर जाप करते हैं।
ऐसा करना इस पवित्र पाठ का अनादर करना माना जाता है। हिंदू शास्त्रों में कहा गया है कि, किसी भी धार्मिक अनुष्ठान में शामिल होने से पहले तन-मन की पवित्रता का ध्यान रखना चाहिए।
श्लोकों को जल्दी-जल्दी पढ़ना
बहुत से लोग हनुमान चालीसा का पाठ काफी तेज गति से करते हैं, जिस कारण कई बार हनुमान चालीसा दो से तीन मिनट में ही खत्म हो जाती है। ऐसा करना गलत माना जाता है।
ऐसा करने से इसका आध्यात्मिक लाभ खत्म हो जाता है। हमें प्रत्येक पंक्ति को साफतौर पर पढ़ना चाहिए। अपने लय को स्थिर रखने के साथ हर शब्द के अर्थ को महसूस करना चाहिए।
गलत समय
लोग आमतौर पर हनुमान चालीसा का जाप किसी भी समय पर करने लग जाते हैं। अधिकतर लोग शुभ और अशुभ समय को नजरअंदाज कर देते हैं। हनुमान चालीसा का पाठ सू्र्योदय और सूर्यास्त के बाद सबसे प्रभावी माना जाता है।
खासकर मंगलवार और शनिवार के दिन इस पाठ का जाप करने से हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त होती है। सुबह जाप करने से जहां दिन भर की ऊर्जा बनी रहती है, वहीं शाम में जाप करने से मन की शांति और नकारात्मक ऊर्जा का प्रभाव खत्म होता है।
विचलित मन
अधिकतर लोग हनुमान चालीसा का जाप काम या जीवन की कई बातों के बारे में सोचते हुए करते हैं। कई लोग तो जाप के दौरान फोन भी देखते हैं। ऐसा करने से आध्यात्मिक प्रभाव शून्य होने के साथ ध्यान भी बार-बार भटकता है।
हनुमान चालीसा पाठ के दौरान पूरा मन हनुमान जी की भक्ति पर केंद्रित होना चाहिए। आपको उनके शक्तिशाली स्वरूपों का ध्यान करना चाहिए। और सबसे बड़ी हनुमान चालीसा पाठ का जाप नियमित रूप से करना शुभ माना जाता है।
यह भी पढ़ें- सुरसा कौन थीं? जानिए नागों की माता का पौराणिक इतिहास, हनुमान जी की परीक्षा और रोहिणी का अवतार
यह भी पढ़ें- हनुमान जी को चमेली का तेल चढ़ाने की परंपरा क्यों है? इसके महत्व के बारे में नहीं जानते होंगे आप
अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
