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हनुमान जी को चमेली का तेल चढ़ाने की परंपरा क्यों है? इसके महत्व के बारे में नहीं जानते होंगे आप

Published: Tue, 25 Aug 2026 11:28 AM (IST)

हनुमान जी को चमेली का तेल चढ़ाने की परंपरा सदियों पुरानी है, जिसके पीछे माता सीता और श्रीराम से जुड़ी ...और पढ़ें

हनुमान जी को चमेली का तेल क्यों चढ़ाते हैं (Picture Credit: AI Generated)

हनुमान जी को चमेली का तेल क्यों चढ़ाते हैं (Picture Credit: AI Generated)

HighLights

  1. हनुमान जी को चमेली का तेल चढ़ाने की सदियों पुरानी परंपरा।

  2. माता सीता और श्रीराम से जुड़ी है तेल चढ़ाने की कथा।

  3. कष्टों से मुक्ति, मंगल दोष शांति, शनि साढ़ेसाती में लाभ।

धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में सभी देवी-देवताओं को उनकी पसंद की चीजें चढ़ाई जाती हैं। ऐसा माना जाता है कि इससे ईश्वर का आशीर्वाद मिलता है और जीवन में कृपा दृष्टि बनी रहती है।

जिस तरह से उन्हें कुछ चीजें पसंद होती हैं और उन्हें चढ़ाने से उनकी कृपा मिलती है उसी तरह यह जानना भी जरूरी है कि कोई भी सामग्री क्यों चढ़ाई जाती है और इसके क्या परिणाम होते हैं? मुख्य रूप से जब बात हनुमान जी को चमेली का तेल चढ़ाने की आती है तब यह परंपरा सदियों से चली आ रही है।

आपने अक्सर देखा होगा कि हनुमान मंदिर में चमेली का तेल चढ़ाया जाता है और हनुमान जी को चोला चढ़ाते समय भी उसमें चमेली का तेल भी जरूर रखा जाता है। आइए आपको बताते हैं इस तेल को चढ़ाने के कारणों के बारे में और इससे भक्तों को क्या शुभ फल मिलते हैं?

हनुमान जी को चमेली का तेल क्यों चढ़ाते हैं?

हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए उन्हें चमेली का तेल चढ़ाने की परंपरा सदियों से चली आ रही है और इसके पीछे एक कथा प्रचलित है। इस कथा के अनुसार एक बाद माता सीता अपनी मांग में सिंदूर लगा रही थीं और तभी हनुमान जी ने उन्हें देख लिया और उसका कारण पूछा। माता सीता ने बताया कि वो मांग में सिंदूर श्रीराम की लंबी आयु के लिए लगाती हैं।

उस समय श्री राम के प्रति भक्ति दिखाने के लिए हनुमान जी ने भी अपने पूरे शरीर पर सिंदूर लगा लिया। चूंकि सिंदूर सूखा होता है और वह शरीर से झड़ न जाए इसलिए हनुमान जी ने शरीर में चमेली के तेल का लेप भी कर लिया। उसी समय से भक्त हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाने लगे।

चमेली का तेल चढ़ाने से भक्तों के कष्ट दूर होते हैं

सदियों से चली आ रही परंपरा आज भी मंदिरों में निभाई जाती है और भक्तों का मानना है कि हनुमान जी की मूर्ति पर चमेली का तेल लगाने से और उन्हें यही तेल चढ़ाने से भक्तों के सभी कष्ट दूर होते हैं और जीवन में समृद्धि बनी रहती है।

यही नहीं इस उपाय से बड़े से बड़े दोषों को दूर करने में मदद मिलती है। यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में काल सर्प दोष है या शनि की साढ़ेसाती चल रही है तो इसे दूर करने में मदद मिलती है। मुख्य रूप से हनुमान जी को मंगलवार और शनिवार के दिन यह तक अवश्य चढ़ाना चाहिए।

चमेली का तेल चढ़ाने से कुंडली में मंगल मजबूत

यदि किसी व्यक्ति की कुंडली में मंगल दोष होता है तो इसे मजबूत करने के लिए प्रत्येक मंगलवार को हनुमान जी को चमेली का तेल अवश्य चढ़ाना चाहिए। इससे मंगल दोष का प्रभाव कम हो सकता है।

हनुमान जी को चमेली का तेल चढ़ाने की सदियों से चली आ रही परंपरा आज भी निभाई जा रही है और इसे कष्टों को दूर करने का एक माध्यम माना जाता है।

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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।