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    अक्षय तृतीया पर बन रहा महासंयोग, 'सर्वार्थ सिद्धि योग' में शुरू किया गया हर काम होगा सफल

    Updated: Thu, 16 Apr 2026 06:00 PM (IST)

    2026 की अक्षय तृतीया पर 'सर्वार्थ सिद्धि योग' का अद्भुत संयोग बन रहा है। जानें इस दुर्लभ मुहूर्त का महत्व, खरीदारी के लाभ और मां लक्ष्मी को प्रसन्न कर ...और पढ़ें

    'सर्वार्थ सिद्धि योग' का अद्भुत संयोग (Image Source: AI-Generation)

    'सर्वार्थ सिद्धि योग' का अद्भुत संयोग (Image Source: AI-Generation)

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    दिव्या गौतम, एस्ट्रोपत्री। अक्षय तृतीया का पर्व भारतीय संस्कृति में अटूट फल देने वाला माना जाता है। वर्ष 2026 में यह पावन पर्व 19 अप्रैल, रविवार को मनाया जाएगा। इस वर्ष की अक्षय तृतीया बेहद खास है क्योंकि इस दिन 'सर्वार्थ सिद्धि योग' का शुभ संयोग बन रहा है।

    ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, इस योग में किए गए सभी कार्य सफल होते हैं और उनका फल कभी समाप्त नहीं होता। इस दिन सूर्य और चंद्रमा अपनी उच्च राशियों में होते हैं, जो सफलता और समृद्धि का मार्ग खोलते हैं। यह तिथि नई शुरुआत, खरीदारी और निवेश के लिए अबूझ मुहूर्त मानी जाती है। श्रद्धा के साथ किया गया दान और पूजन न केवल आत्मिक शांति देता है, बल्कि जीवन के सही संचालन में भी सहायक होता है।

    सर्वार्थ सिद्धि योग का महत्व और लाभ

    अक्षय तृतीया पर सर्वार्थ सिद्धि योग का होना एक दुर्लभ घटना है, जो हर किसी के जीवन में सकारात्मकता लाती है। इस योग में किए गए कार्यों में बाधाएं कम आती हैं और परिणाम मनचाहा मिलता है। जो लोग लंबे समय से किसी नए व्यवसाय या काम की योजना बना रहे हैं, उनके लिए यह दिन सबसे उत्तम है। यह शुभ संयोग मानसिक स्पष्टता प्रदान करता है और निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाता है।

    इस दिन सोने-चांदी की खरीदारी करना या नया निवेश करना बहुत शुभ माना जाता है, क्योंकि अक्षय का अर्थ ही है जिसका कभी क्षय न हो। श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई पूजा व्यक्ति के संकल्पों को सिद्ध करती है और परिवार में खुशहाली लाती है।

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    इन लोगों को मिलेगा विशेष शुभ फल

    इस विशेष योग का सबसे अधिक लाभ उन लोगों को मिलेगा जो ईमानदारी और सेवा भाव से अपने कार्ये करते हैं। विद्यार्थियों के लिए यह समय नई शिक्षा या कौशल सीखने के लिए बहुत अच्छा है। व्यापारियों के लिए अपने काम को बढ़ाने और नई साझेदारी शुरू करने का यह सुनहरा अवसर है।

    साथ ही, जो लोग अपनी आर्थिक स्थिति में सुधार चाहते हैं, उन्हें इस दिन देवी लक्ष्मी और भगवान विष्णु का पूजन करना चाहिए। यह योग समाज के हर वर्ग को कुछ न कुछ सकारात्मक देने की शक्ति रखता है। यदि आप निस्वार्थ भाव से किसी जरूरतमंद की मदद करते हैं, तो इस योग का पुण्य फल आपके जीवन की सभी बाधाओं को दूर कर उन्नति के द्वार खोलता है।

    शुभ फल के लिए आवश्यक नियम और सावधानियां

    अक्षय तृतीया और सर्वार्थ सिद्धि योग का पूरा लाभ उठाने के लिए कुछ नियमों का पालन करना बहुत जरूरी है। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और मन में किसी के प्रति द्वेष न रखें। अपनी वाणी पर संयम रखें और कड़वे शब्द बोलने से बचें। घर की सफाई का विशेष ध्यान रखें और शाम के समय मुख्य द्वार पर घी का दीपक जलाएं।

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    (Image Source: AI-Generated)

    सात्विक आहार ग्रहण करें और किसी भी प्रकार की नकारात्मकता से दूर रहें। मन को शांत रखने के लिए मंत्रों का जाप करना बहुत फायदेमंद होता है। अपनी मेहनत पर भरोसा रखें और दूसरों की भलाई के लिए दान अवश्य करें। सही दिशा में किए गए ये छोटे प्रयास जीवन में बड़ी खुशियां लाते हैं।

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    लेखक: दिव्या गौतम, Astropatri.com अपनी प्रतिक्रिया देने के लिए [email protected] पर संपर्क करें।