Gulzar Sahab का साहित्य सिर्फ शायरी और फिल्मों के गीतों तक सीमित नहीं है। उन्होंने कविताओं, कहानियों और दूसरी तरह की लेखनी में भी अपनी अलग पहचान बनाई है। 18 अगस्त 1934 को जन्मे गुलज़ार ने अपने लेखन में रिश्तों, यादों, बंटवारे, प्रकृति, शहरों और रोजमर्रा की जिंदगी जैसे विषयों को अलग अंदाज में लिखा है। उनकी किताबों में Green Poems प्रकृति और यादों से जुड़ी कविताओं पर केंद्रित है, जबकि Neglected Poems में प्रकृति, रिश्तों और इंसानी सोच से जुड़े विषय मिलते हैं। कहानियों में Half a Rupee: Stories उनकी लेखनी का अलग पहलू दिखाती हैं।
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नीचे देखें गुलजार साहब की वो 5 किताबें जो उनकी लेखनी की खूबसूरती को बयां करती है।
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