पंजाब में बिजली संकट के बीच बड़ी राहत, राजपुरा का 700 मेगावाट यूनिट चालू; मांग 16 हजार MW के पार
बिजली की बढ़ती मांग के बीच राजपुरा थर्मल प्लांट की बंद यूनिट रविवार सुबह चालू हो गई। राज्य में मांग ...और पढ़ें

राजपुरा थर्मल प्लांट की फाइल फोटो।
HighLights
राजपुरा थर्मल प्लांट की बंद यूनिट फिर से हुई चालू।
पंजाब में बिजली की मांग 16,000 मेगावाट से अधिक।
तलवंडी साबो यूनिट भी जल्द शुरू होने की उम्मीद।
जागरण संवाददाता, पटियाला। बिजली संकट के दौर में पावरकॉम को आज रविवार सुबह ही राहत मिली। राज्य में प्राइवेट सेक्टर के राजपुरा थर्मल प्लांट का बंद एक यूनिट रविवार सुबह चालू हो गया और इसने पावर जेनरेशन भी शुरू कर दी है। यह यूनिट 700 मेगावाट क्षमता का है।
दूसरी ओर राज्य के दूसरे प्राइवेट थर्मल प्लांट तलवंडी साबो का 660 मेगावाट क्षमता का एक यूनिट अभी भी बंद है। बहरहाल पावरकॉम अधिकारी इस यूनिट के आज रविवार सायं तक चलने का अनुमान लगा रहे हैं।
साथ ही चूंकि आज दोपहर तक ही राज्य के विभिन्न शहरों में वर्षा हुई तो इससे भी बिजली की कमी में मांग में गिरावट आने का अनुमान है। यह पावरकॉम के लिए सहज स्थिति होगी।
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16601 MW पहुंची मांग
पंजाब में बिजली की अधिकतम मांग आज रविवार दोपहर तक 16601 मेगावाट से ऊपर रही, जिसे पूरा करने के लिए पावरकॉम मुख्य तौर पर केंद्रीय पूल से मिलने वाली बिजली पर निर्भर रहा। इसे पूरा करने के लिए पावरकॉम का अपने सभी स्रोतों से बिजली उत्पादन 5032 मेगावाट रहा है जबकि पावरकॉम को केंद्रीय पूल से 11509 मेगावाट लेनी पड़ी है।
रविवार को दोपहर तक पावरकॉम को रोपड़ थर्मल प्लांट के चार यूनिटों से 482, लहरा मोहब्बत प्लांट के चार यूनिटों से 800 मेगावाट और गोइंदवाल साहब के दो यूनिटों से 496 मेगावाट बिजली मिली।
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1328 मेगावाट बिजली का उत्पादन
इसी तरीके से राजपुरा के दोनों यूनिट चलने से पावरकॉम को 1328 मेगावाट यूनिट बिजली मिली हालांकि तलवंडी साबो थर्मल प्लांट के तीन यूनिटों में से एक यूनिट बंद ह लेकिन यहां से भी पावरकॉम को 1166 मेगावाट बिजली हासिल हुई।
इसी दौरान अगर आज 13 सितंबर को साल 2026 की बिजली की मांग के विपरीत साल 2024 और 2025 की तुलना करें तो मौजूदा साल की मांग बीते वर्ष के मुकाबले 2200 मेगावाट से भी ज्यादा है।
आज 13 सितंबर को राज्य में जहां अभी तक बिजली की सर्वाधिक मांग 16601 मेगावाट दर्ज की जा चुकी है वहीं बीते वर्ष यह मांग इसी दिन 13208 मेगावाट रिकखर्ड की गई थी। इसी तरह वर्ष 2024 में 13 सितंबर को बिजली की मांग 13835 मेगावाट रही थी।
