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    पाकिस्तान सीमा से ड्रोन ‘ड्रग डिलीवरी’ का जाल; पंजाब में तीन साल में डेढ़ गुना मामले बढ़े

    Updated: Sat, 28 Mar 2026 05:24 PM (IST)

    पंजाब में ड्रोन के जरिए नशा तस्करी तेजी से बढ़ी है। 2025 में 1.16 लाख किलो बरामदगी के साथ राज्य देश में पहले स्थान पर पहुंचा। हथियार और जाली नोटों की ...और पढ़ें

    HighLights

    1. पंजाब नशा तस्करी में देश में नंबर-1 राज्य बना।

    2. पिछले तीन साल में मामले डेढ़ गुना बढ़े, 2025 में रिकॉर्ड जब्ती।

    3. ड्रोन से ड्रग्स, हथियार, जाली नोटों की तस्करी बढ़ी।

    रोहित कुमार, चंडीगढ़। पाकिस्तान से सटी सीमा के रास्ते ड्रोन के जरिए हो रही नशा तस्करी ने पंजाब की कानून-व्यवस्था के सामने नई और गंभीर चुनौती खड़ी कर दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) की रिपोर्ट के मुताबिक, पंजाब अब नशा तस्करी के मामलों में देश में नंबर-1 बन गया है।

    पिछले तीन साल में मामलों में डेढ़ गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है, जबकि वर्ष 2025 में 1.16 लाख किलोग्राम ड्रग्स की बरामदगी ने सभी पुराने रिकार्ड तोड़ दिए हैं। रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि ड्रग्स तस्करी के साथ-साथ हथियार, गोला-बारूद और जाली नोटों की सप्लाई भी बढ़ रही है। सीमावर्ती इलाकों से एके-47, एके-56 राइफल, आरडीएक्स और अन्य विदेशी हथियारों की बरामदगी सुरक्षा के लिए गंभीर खतरे का संकेत है।

    इससे साफ है कि यह सिर्फ नशे का कारोबार नहीं, बल्कि संगठित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क का हिस्सा बन चुका है।

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    सीमावर्ती गांव तस्करों के निशाने पर 

    रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि पाकिस्तान से सटे सीमावर्ती गांव तस्करों के मुख्य निशाने पर हैं। ड्रोन के जरिए सीमा पार से ड्रग्स गिराने के मामलों में तेजी आई है, जिससे सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। पंजाब की 553 किलोमीटर लंबी अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर, पठानकोट, फिरोजपुर और फाजिल्का जिले तस्करी के बड़े हाटस्पाट बनते जा रहे हैं।

    आंकड़ों पर नजर डालें तो वर्ष 2023 में 47,475 किलो और 2024 में 46,227 किलो ड्रग्स बरामद हुई थी। वहीं 2025 में यह आंकड़ा अचानक बढ़कर 1.16 लाख किलो तक पहुंच गया, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। विशेषज्ञों के अनुसार, ड्रोन तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल ने तस्करी को पहले से कहीं ज्यादा आसान और खतरनाक बना दिया है।

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    एंटी-ड्रोन सिस्टम भी पूरी तरह कारगर नहीं

    ड्रोन तस्करी पर लगाम लगाने के लिए पंजाब सरकार ने सीमावर्ती जिलों, खासकर तरनतारन में अत्याधुनिक एंटी-ड्रोन सिस्टम तैनात किए हैं। करीब 51.41 करोड़ रुपये की लागत से लगाए गए ये सिस्टम ड्रोन और उसके कंट्रोल स्टेशन की लोकेशन ट्रैक कर रियल टाइम अलर्ट देते हैं। इसके बावजूद तस्कर लगातार नए तरीके अपनाकर सुरक्षा एजेंसियों को चुनौती दे रहे हैं।

    अन्य राज्यों से तुलना में पंजाब की स्थिति गंभीर

    अन्य राज्यों के मुकाबले पंजाब की स्थिति ज्यादा चिंताजनक दिख रही है। जम्मू-कश्मीर में 2024 में 5,708 किलो और 2025 में 4,491 किलो ड्रग्स पकड़ी गई। गुजरात में 2024 में 20,971 किलो और 2025 में 22,758 किलो बरामद हुई। वहीं राजस्थान में कुल बरामदगी अधिक होने के बावजूद मामलों में कमी आई है, जबकि पंजाब में लगातार उछाल जारी है।

    स्पष्ट है कि सीमा पार से ड्रोन के जरिए हो रही तस्करी ने पंजाब को नशा नेटवर्क का सबसे बड़ा केंद्र बना दिया है। सुरक्षा एजेंसियों के सामने अब इस हाई-टेक तस्करी पर प्रभावी रोक लगाना सबसे बड़ी चुनौती बन चुकी है।

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