केरल की एंसी सोजन ने नेशनल रिकॉर्ड तोड़ मचाई सनसनी, कामयाबी के पीछे है दो ऑटो ड्राइवरों की कड़ी मेहनत
केरल की एंसी सोजन ने भुवनेश्वर में 6.88 मीटर की छलांग लगाकर महिलाओं की लॉन्ग जंप का राष्ट्रीय रिकॉर्ड तोड़ा। ...और पढ़ें

एंसी सोजन

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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। केरल की एंसी सोजन ने महिलाओं की लॉन्ग जंप में राष्ट्रीय रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया। एंसी ने इसी के साथ अपने पिता के सपने को पूरा किया। केरल के थ्रिस्सूर जिले के नत्तिका गांव की इस लड़की ने लॉन्ग जंप का रिकॉर्ड तोड़ते हुए सभी को हैरान कर दिया। उन्होंने भुवनेश्वर में 6.88 मीटर की छलांग लगाकर नया कीर्तिमान स्थापित किया। हालांकि, उनकी इस कामयाबी के पीछे दो ऑटो ड्राइवर की कड़ी मेहनत और लगन है।
एंसी एक बेहद साधारण परिवार से आती हैं और उनके पिता सोजन ईटी ऑटो चलाते हैं। वे खुद पहले जिला स्तर पर लॉन्ग जंप के खेल में हिस्सा ले चुके हैं लेकिन आर्थिक तंगी के कारण आगे बढ़ नहीं सके। इसके बाद उन्होंने अपनी बेटी के जरिए अपना सपना पूरा करने की ठानी। इसमें उनके दोस्त और एंसी के बचपन के दोस्त सनोज वीवी ने खूब साथ दिया। वे भी ऑटो चलाते थे और इन दोनों ऑटो ड्राइवर के कारण ही एंसी आज ये रिकॉर्ड तोड़ सकी हैं।
दो ऑटो ड्राइवरों का सपना हुआ साकार
एंसी के पिता सोजन और उनके बचपन के कोच सनोज वीवी दोनों ने जिला स्तर तक एथलेटिक्स खेला था लेकिन आगे नहीं बढ़ पाए। सुविधाओं की कमी और घर की आर्थिक तंगी ने उनके सपनों पर ब्रेक लगा दिया। हालांकि, शनिवार को जब एंसी ने 2004 एथेंस ओलंपिक में अंजू बॉबी जॉर्ज के 6.83 मीटर के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा, तो दोनों की आंखें नम हो गईं।
पिता सोजन को पिछले सप्ताह चोट लगी थी। इसलिए वे बेटी का हौसला बढ़ाने के लिए भुवनेश्वर नहीं पहुंच सके। हालांकि, उन्होंने अपनी रिकॉर्डधारी बेटी की सफलता को घर पर ही सेलिब्रेट किया। एंसी की इस उपलब्धि के बाद बात करते हुए उन्होंने कहा, "मैं अपनी बेटी के जरिए अपना सपना जी रहा हूं। हमारे समय में ट्रेनिंग की अच्छी सुविधाएं नहीं थीं, इसलिए हम आगे नहीं बढ़ पाए लेकिन एंसी ने सब कुछ बदल दिया है।"
एंसी ने सच साबित क कोच की भविष्यवाणी
कोच सनोज को गांव में सब 'कन्नन माश' कहकर बुलाते हैं। वे भी हाई जंप में जिला स्तर के स्वर्ण पदक विजेता रह चुके हैं। उन्होंने बताया, "2019 में जब एंसी सिर्फ 18 साल की थी, तो मैंने कहा था कि यह लड़की अंजू जॉर्ज का रिकॉर्ड तोड़ेगी। उस वक्त लोग हंसते थे लेकिन आज वो दिन आ गया है।"
एंसी ने पिता को समर्पित की जीत
एंसी ने भुवनेश्वर में कहा, "यह रिकॉर्ड मैंने अपने पिता को समर्पित किया है। पापा हमेशा कहते थे कि हमारे परिवार में कोई राष्ट्रीय स्तर का रिकॉर्ड नहीं है। उन्होंने मुझ पर पूरा भरोसा किया और सालों तक बहुत त्याग किया। यह मेरी तरफ से उनके लिए छोटा सा तोहफा है।"
