China Masters: सात्विक-चिराग की ऐतिहासिक जीत, चीनी जोड़ी को हराकर जीता खिताब
सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने चीन के हे जी टिंग और रेन जियांग यू को एक रोमांचक फाइनल में हराकर 'चाइना मास्टर्स' का खिताब अपने नाम किया।
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सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी

समय कम है?
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स्पोर्ट्स डेस्क, नई दिल्ली। सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी ने चीन के हे जी टिंग और रेन जियांग यू को एक रोमांचक फाइनल में हराकर 'चाइना मास्टर्स' का खिताब अपने नाम किया। अपना तीसरा फाइनल खेल रहे सात्विक और चिराग (जो 2023 और 2025 के एडिशन में रनर-अप रहे थे) ने एक घंटे 10 मिनट तक चले कड़े मुकाबले में पूर्व वर्ल्ड नंबर 4 हे और रेन को 11-21, 21-13, 21-17 से हराया।
भारतीय जोड़ी के लिए यह इस सीजन का दूसरा ख़िताब है। इससे पहले उन्होंने 'सिंगापुर ओपन सुपर 750' जीता था और 'थाईलैंड ओपन सुपर 500' के फाइनल में भी जगह बनाई थी।
HISTORIC TITLE FOR SAT-CHI 🤩
— BAI Media (@BAI_Media) September 6, 2026
Satwiksairaj Rankireddy and Chirag Shetty stage a remarkable comeback to win their maiden China Masters trophy 🏆
▶️ Their second S750 title in 2026 and fourth overall
▶️ Third time lucky at #ChinaMasters with two runners-up finishes
Drop a 💪🏽… pic.twitter.com/LEazwR3TA8
हे जी टिंग और रेन जियांग यू ने जबरदस्त शुरुआत की और 5-0 की बढ़त बना ली। नेट पर उनके तेज खेल और जबरदस्त स्मैश ने भारतीय खिलाड़ियों पर दबाव बना दिया। 'रंकीरेड्डी' और 'शेट्टी' ने कुछ अंक तो हासिल किए, लेकिन वे अंतर को कम करने के लिए संघर्ष करते रहे, जबकि चीनी जोड़ी लगातार सटीक शॉट लगाती रही और इंटरवल तक 11-5 से आगे रही। इसके बाद 'हे' और 'रेन' ने भारतीय खिलाड़ियों को चार अंकों से ज्यादा करीब नहीं आने दिया और 18 मिनट में पहला गेम 21-11 से जीत लिया। भारतीय जोड़ी के दो शॉट कोर्ट की लाइन से बाहर चले गए।
दूसरा गेम भी कुछ ऐसा ही शुरू हुआ, जिसमें चीन ने शुरुआत में 2-0 की बढ़त बना ली, लेकिन फिर रंकीरेड्डी और शेट्टी ने वापसी करते हुए स्कोर 3-3 से बराबर कर लिया। उन्होंने और रेन ने अपनी स्पीड और कंट्रोल दिखाते हुए फिर से बढ़त बना ली, लेकिन भारतीय खिलाड़ी मुकाबले में बने रहे और स्कोर 6-6 से बराबर कर दिया।
इसके बाद रंकीरेड्डी और शेट्टी ने खेल पर पकड़ बनाई और इंटरवल तक 11-7 की बढ़त ले ली। ब्रेक के बाद भी उन्होंने दबाव बनाए रखा और स्कोर 17-11 तक पहुंचा दिया, जिसमें शेट्टी के जबरदस्त स्मैश काफी असरदार साबित हुए। चीन की तरफ से देर से की गई वापसी के बावजूद, भारतीयों ने 21-13 से गेम जीतकर मैच बराबर कर दिया।
फैसले वाले गेम में वे और रेन मजबूती से उतरे और 4-0 की बढ़त बना ली। रंकीरेड्डी और शेट्टी ने धीरे-धीरे अंतर कम करना शुरू किया और फिर एक ज़बरदस्त वापसी करते हुए 7-3 से पिछड़ने के बाद स्कोर 7-7 से बराबर कर लिया। भारतीय खिलाड़ी 9-8 से आगे हो गए और आखिरी इंटरवल तक 11-9 की बढ़त बनाए रखी।
साइड बदलने के बाद रैंकीरेड्डी और शेट्टी ने अपनी बढ़त 15-12 कर ली, लेकिन हे और रेन ने हार नहीं मानी। चीनी जोड़ी ने वापसी करते हुए स्कोर 16-16 और फिर 17-17 से बराबर कर दिया, जिससे मुकाबला रोमांचक हो गया।
भारतीय जोड़ी ने अहम मौकों पर संयम बनाए रखा और लगातार चार अंक जीतकर स्कोर 21-17 कर लिया। यह जीत रैंकीरेड्डी और शेट्टी के करियर का 10वां BWF वर्ल्ड टूर खिताब था।
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