'गृहमंत्री को हटाएं, SC की निगरानी में हो जांच', अमित शाह पर राहुल गांधी की टिप्पणी के बाद क्या हुआ? इनसाइड स्टोरी
राहुल गांधी ने दिल्ली में छात्रों पर पुलिस की हिंसात्मक कार्रवाई को लेकर गृहमंत्री अमित शाह को हटाने और सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उच्चस्तरीय जांच क ...और पढ़ें
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लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी

समय कम है?
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संजय मिश्र, नई दिल्ली। लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में आंदोलन के दौरान छात्रों पर पुलिस की हिंसात्मक कार्रवाई को लेकर संसद के भीतर ही नहीं बाहर भी गृहमंत्री अमित शाह के खिलाफ आक्रामक हमला बोलते हुए उनको हटाने की मांग उठा दी है।
दिल्ली पुलिस-आरएएफ के छात्रों पर पैलेट गन चलाने तथा कील लगी लाठियों से पिटाई के लिए अमित शाह को सीधे जिम्मेदार ठहराते हुए नेता विपक्ष ने पुलिस की कथित हिंसक 'बर्बरता' की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की भी मांग उठा दी है।
वहीं लोकसभा में उन्हें नहीं बोलने दिए जाने पर भी सवाल उठाते हुए राहुल गांधी ने कहा कि सरकार के मंत्रियों को स्पीकर अनगिनत बार बोलने देते हैं मगर नेता विपक्ष के रूप में उनको हमेशा माइक बंद कर चुप करा दिया जाता है।

राहुल ने गृहमंत्री को हटाए जाने की उठाई मांग
पेपर लीक विरोधी विधेयक पर दूसरे दिन हंगामेदार चर्चा के दौरान भाषण पूरा करने का मौका नहीं दिए जाने के बाद राहुल गांधी ने बुधवार को कांग्रेस मुख्यालय इंदिरा भवन में प्रेस कांफ्रेंस में पहली बार गृहमंत्री को हटाए जाने की मांग उठाते हुए कहा कि पैलेट गन या घातक हथियारों का इस्तेमाल विरोध प्रदर्शनों पर गृहमंत्री की अनुमति के बिना पुलिस कर रही नहीं सकती यह हमें मालूम है क्योंकि हमने भी सरकारें चलाई हैं।
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इसलिए शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों, नाबालिंगों, लड़कियों को गृहमंत्री के आदेश पर ही पैलेट गन और कील वाली लाठियों से मारा गया जिसमें पुलिस-आरएएफ के साथ सादे कपड़े में अनजान लोग थे जो आरएएस के भी हो सकते हैं। नेता विपक्ष ने कहा कि इस हिंसक कार्रवाई मामले में दो ही विकल्प हैं या तो गृहमंत्री ने आदेश दिया या फिर उन्हें मालूम नहीं था और दोनों ही स्थितियों में प्रधानमंत्री अमित शाह को हटाएं और कांग्रेस छात्रों के लिए यह लड़ाई लड़ेगी।

मुझे लोकसभा में बोलने नहीं दिया गया: राहुल
राहुल गांधी ने कहा कि छात्रों की बात उठाने का यह मंच नहीं था और लोकसभा में उन पर बर्बरता को आज उठाने की उन्होंने कोशिश की तो मुझे बोलने नहीं दिया गया। रक्षामंत्री राजनाथ सिंह, किरेन रिजीजू आदि को बोलने दिया गया मगर उनसे कहा गया कि माफी मांगने पर ही बोलने देंगे। तब मैंने साफ कहा कि भाजपा और आरएसएस से मैं कभी माफी नहीं मांग सकता।
नेता विपक्ष के रूप में बोलना सदन में उनकी जवाबदेही है मगर उन्हें चुप करा दिया गया। कहा अमित शाह को इसलिए हटाया जाना चाहिए क्योंकि दिल्ली पुलिस तथा आरएएफ दोनों गृहमंत्री को रिपोर्ट करते हैं और छात्रों के खिलाफ पुलिस हिंसा की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में उच्चस्तरीय समिति जांच करा जवाबदेही तय की जाए।

विपक्ष सुनिश्चित करेगा कि छात्रों के साथ न्याय हो: राहुल
हिंसा की कार्रवाई में शामिल अधिकारियों को चेतावनी देते हुए उन्होंने कहा कि देर सबेर विपक्ष सुनिश्चित करेगा कि छात्रों के साथ न्याय हो और वे पुलिस अधिकारी खुद को ज्यादा स्मार्ट न समझें क्योंकि उनकी पहचान भी कर ली गई है।
वहीं पीएम तथा शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों ने प्रधानमंत्री तथा गृहमंत्री की छवि के गुब्बारे को फोड़ दिया है और उन्हें देश के हर छात्र पर गर्व है कि जो साहस उनके माता-पिता ने नहीं किया वह बच्चों ने दिखाया।

लोकसभा में तीन स्टेप में चर्च
इससे पूर्व लोकसभा में विधेयक पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए नेता विपक्ष ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस की ज्यादती और फायरिंग को लेकर गृहमंत्री पर हमला बोला तो सत्तापक्ष बेहद उत्तेजित हो गया।
लगातार हंगामे के बीच राहुल गांधी ने परोक्ष रूप से भाजपा तथा उसके समर्थकों पर निशाना साधते हुए तीन श्रेणियों की चर्चा की- पहला छात्र जो उदार होते हैं, दूसरे वे लोग जो सोचते हैं कि वे सब कुछ जानते हैं और भगवान होने का दिखावा करते हैं तथा तीसरे "अंधभक्त" जो दूसरी श्रेणी के लोगों को भगवान मानते हैं।
इस दौरान उनके एक शब्द के इस्तेमाल पर भी भाजपा सांसदों ने हंगामा किया तो राहुल ने कहा कि यह किसी के खिलाफ नहीं कहा है मगर स्पीकर ने इसे रिकार्ड से निकाल दिया। शोर-शराबे के बीच उन्होंने आरोप लगाया कि गृहमंत्री डर के चलते सदन में नहीं आ रहे हैं क्योंकि छात्रों पर फायरिंग के आदेश दिए थे।

जब तक राहुल माफी नहीं मांगते सदन नहीं चलेगा: रिजीजू
स्पीकर ने इस पर हस्तक्षेप करते हुए उनसे प्रमाण देने को कहा जबकि रिजीजू ने कहा कि जब तक राहुल गांधी माफी नहीं मांगते तब तक सदन नहीं चलेगा। हंगामा खेज टकराव के चलते सदन दो बार स्थगित हुई फिर स्पीकर ने जितेंद्र सिंह को विधेयक का जवाब की अनुमति दे दी और नेता विपक्ष अपना भाषण पूरा नहीं कर सके।

हालांकि राहुल गांधी ने इससे पूर्व स्पीकर से व्यवस्था कायम करने का आग्रह करते हुए कहा कि नेता विपक्ष के रूप में बोलना उनका अधिकार है जो उन्हें मिलना चाहिए।विपक्षी सांसदों की नारेबाजी और तमाम मांगों के बावजूद राहुल गांधी को भाषण पूरा करने का मौका नहीं मिला और हंगामे में ही विधेयक पारित हो गया।
छात्रों से किए गए 3 वादे
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी ने कथित पुलिस कार्रवाई से प्रभावित छात्रों से तीन वादे भी किए। उन्होंने कहा कि वे घायल छात्रों को न्याय दिलाएंगे, पेलेट गन के कथित इस्तेमाल के लिए जिम्मेदार लोगों को दंडित करेंगे और इसमें शामिल दोषियों को जवाबदेह ठहराएंगे।
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