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2027 में पटरी दौड़ेगी मेड इन इंडिया बुलेट ट्रेन, जापान को सीधी टक्कर; कितना खास है डिजाइन?

Published: Thu, 03 Sep 2026 11:52 PM (IST)

भारत 2027 तक अपनी पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन सेवा शुरू करने की तैयारी में है, जिसमें मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर का सूरत-बिलिमोरा सेक्शन पहले चालू होगा।

भारत 2027 तक स्वदेशी बुलेट ट्रेन सेवा शुरू करेगा

भारत 2027 तक स्वदेशी बुलेट ट्रेन सेवा शुरू करेगा

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। साल 2017 में शुरू हुए बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के दस साल बाद भारतीय रेलवे एक ऐतिहासिक उपलब्धि की ओर बढ़ रहा है। अगले साल की शुरुआत तक रेलवे अपनी खुद की 866.87 करोड़ रुपये की लागत वाली, 280 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से दौड़ने वाली हाई-स्पीड ट्रेन पेश करने की तैयारी में जुटा है। भले ही मूल प्रोजेक्ट की लागत लगभग दोगुनी हो गई हो, फिर भी काम तेजी से आगे बढ़ रहा है।

मुंबई-अहमदाबाद कॉरिडोर न सिर्फ देश का पहला हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनेगा, बल्कि ‘मेक इन इंडिया’ के तहत देश में ही डिजाइन और विकसित की जा रही इस ट्रेन से रेलवे के मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में नई तरक्की आएगी।

इसे इंजीनियरिंग की बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। मार्च 2027 तक पहला प्रोटोटाइप तैयार कर RDSO से परीक्षण कराने का लक्ष्य रखा गया है। भारत अब अपनी धरती पर ही बुलेट ट्रेन बनाने की दिशा में मजबूती से कदम बढ़ा रहा है।

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अगले साल पटरी पर दौएगी बुलेट ट्रेन

भारत में 2027 में पहली बुलेट ट्रेन सर्विस शुरू हो सकती है, क्योंकि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का सूरत-बिलिमोरा सेक्शन उस साल अगस्त तक चालू होने की उम्मीद है। बुलेट ट्रेन बनाने के मामले में भारत की सीखने की प्रक्रिया को दो चरणों में बांटा गया है।

शुरुआती ट्रेनसेट 280 kmph की स्पीड से चलने के लिए डिजाइन किए जाएंगे, जबकि बाद के ट्रेनसेट में आगे चलकर 350 kmph की स्पीड तक पहुंचने की क्षमता होने की उम्मीद है।

चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) ने BEML लिमिटेड को दो प्रोटोटाइप बुलेट ट्रेन या हाई-स्पीड ट्रेनसेट के डिजाइन, मैन्युफैक्चरिंग और कमीशनिंग के लिए 866।87 करोड़ रुपये का कॉन्ट्रैक्ट दिया है।

ये ट्रेनें 250 किमी/घंटा से ज्यादा की रफ्तार से चल सकेंगी और इनकी डिजाइन स्पीड 280 किमी/घंटा होगी। हाई-स्पीड ट्रेनों के घरेलू प्रोडक्शन को बढ़ावा देने के लिए, BEML ने बेंगलुरु में इनके मैन्युफैक्चरिंग के लिए एक खास 'आदित्य' हाई-स्पीड रेल कॉम्प्लेक्स बनाया है। कॉन्ट्रैक्ट के तहत बनने वाले दोनों ट्रेनसेट में आठ-आठ कोच होंगे।

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कैसी होगी भारत की पहली बुलेट ट्रेन?

TOI की खबर के मुताबिक, 'ट्रेन की मैन्युफैक्चरिंग शुरू हो गई है। बुलेट ट्रेनों में पूरी तरह से एयर-कंडीशंड चेयर-कार कोच होंगे और इनमें यात्रियों के लिए वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं होंगी। ट्रेनों में एडवांस्ड ऑनबोर्ड इंफोटेनमेंट सिस्टम के साथ-साथ पीछे झुकने वाली और घूमने वाली सीटें भी होंगी। दिव्यांगजनों के लिए भी खास सुविधाएं दी जाएंगी।

B-28 कोडनेम वाले इन हाई-स्पीड ट्रेनसेट को एडवांस्ड प्रिसिजन-ड्रिवेन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करके बनाया जाएगा। जापान और यूरोप जैसे देशों में चलने वाली बुलेट ट्रेनें आम तौर पर ठंडे मौसम में चलने के हिसाब से डिजाइन की जाती हैं।

भारतीय माहौल के लिए, इन ट्रेनों को गर्मी और धूल जैसी बातों को ध्यान में रखकर बनाया जाएगा। अभी, भारतीय रेलवे स्टेनलेस स्टील का इस्तेमाल करके बुलेट ट्रेन बनाने की योजना बना रही है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव पहले ही कह चुके हैं कि अगली पीढ़ी की बुलेट ट्रेनें 350 किमी/घंटा की स्पीड से चलने के लिए बनाई जाएंगी।

 

बुलेट ट्रेन: इंजीनियरिंग में बड़ी छलांग

जानकारों ने बुलेट ट्रेन प्रोग्राम को भारत के लिए इंजीनियरिंग के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग बताया है, क्योंकि हाई-स्पीड ट्रेन बनाने के लिए ऐसी क्षमताओं की जरूरत होती है जो देश में अभी बन रहे पारंपरिक LHB कोच बनाने की क्षमताओं से काफी अलग हैं। चुनौती सिर्फ तेज रफ्तार की नहीं है।

ट्रेन को इस तरह से बनाना होगा कि बहुत तेज रफ्तार पर भी सफर आरामदायक रहे। साथ ही, इसकी बॉडी मजबूत और हल्की होनी चाहिए और इसके पहिए व सस्पेंशन सिस्टम ऐसे हों जो स्थिरता और यात्रियों को आराम दें।

जल्द बनेंगे 7 और बुलेट ट्रेन कॉरिडोर

मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट भारतीय रेलवे की हाई-स्पीड रेल की बड़ी योजनाओं का सिर्फ एक हिस्सा है। इस साल के केंद्रीय बजट में सात और हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर बनाने का एलान किया गया है।

देश में ही बुलेट ट्रेन बनाने की क्षमता विकसित करने से इन प्रस्तावित कॉरिडोर के लिए जरूरी रोलिंग स्टॉक की जरूरतों को कम लागत में पूरा करने में मदद मिल सकती है। प्रस्तावित रूट और उनमें लगने वाला समय इस प्रकार है।

रूट समय  
मुंबई-पुणे 48 मिनट  
पुणे-हैदराबाद 1 घंटा 55 मिनट  
हैदराबाद-बेंगलुरु 2 घंटे  
हैदराबाद-चेन्नई 2 घंटे 55 मिनट  
चेन्नई-बेंगलुरु 1 घंटा 13 मिनट  
दिल्ली-वाराणसी 3 घंटे 50 मिनट  
वाराणसी-सिलीगुड़ी 2 घंटे 55 मिनट  

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