पहाड़ों को चीरकर, नदियों से होकर दौड़ेगी देश की पहली बुलेट ट्रेन; वीडियो में देखें ग्राउंड रिपोर्ट
भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना, मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, का निर्माण कार्य ठाणे और पालघर जिलों में तेजी से ...और पढ़ें
HighLights
ठाणे और पालघर में बुलेट ट्रेन का निर्माण तेजी से जारी।
100 किलोमीटर से अधिक पियर निर्माण कार्य महाराष्ट्र में पूरा।
परियोजना 2027 तक आंशिक, 2029 तक पूर्णतः चालू होगी।
डिजिटल डेस्क, मुंबई। भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना , मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर, का निर्माण कार्य ठाणे और पालघर जिलों में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
विभिन्न भौगोलिक क्षेत्रों, नदियों और मुख्य ट्रांसपोर्ट रूट से गुजरने वाले इस प्रोजेक्ट का 135.45 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड हिस्सा बेहद महत्वपूर्ण है, जिसमें 124.027 किलोमीटर वायडक्ट और पुल शामिल हैं।
100 किलोमीटर से ज्यादा का पियर निर्माण कार्य पूरा
महाराष्ट्र सेक्शन के तहत ठाणे, विरार और बोइसर में तीन एलिवेटेड स्टेशन बनाए जा रहे हैं। इनमें ठाणे स्टेशन जमीन से लगभग 12 मीटर ऊपर होगा। प्रोजेक्ट में निर्माण की गति का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि 100 किलोमीटर से अधिक का पियर निर्माण कार्य पूरा हो चुका है।
साथ ही, पहाड़ों से गुजरने वाली 7 सुरंगों में वॉटरप्रूफिंग, ड्रेनेज और लाइनिंग का काम जारी है।
36 मुख्य पुल और क्रॉसिंग
महाराष्ट्र हिस्से में नदियों, हाईवे और रेलवे लाइनों को पार करने के लिए 36 पुल और क्रॉसिंग बनाए जा रहे हैं। इनमें प्रमुख नदियों पर बनने वाले पुलों में शामिल हैं।
- वैतरणा नदी: 2.32 किलोमीटर लंबा पुल
- जगनी नदी: 510 मीटर लंबा पुल
- उल्हास नदी: 460 मीटर लंबा पुल
टार्गेट और टाइमलाइन
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, भारत को अपनी पहली बुलेट ट्रेन 15 अगस्त 2027 को मिल सकती है। यह कॉरिडोर एक साथ शुरू न होकर चरणों में खोला जाएगा।
पहला चरण में सूरत से बिलिमोरा के बीच शुरू होने की संभावना है। वहीं दूसरे चरण में वापी से सूरत के बीच शुरू होने की संभावना है। और अंतिम चरण यानी पूरा कॉरिडोर 2029 तक पूरी तरह चालू होने की उम्मीद है।
320 किमी/घंटा की अधिकतम रफ्तार से चलने वाली यह ट्रेन मुंबई से अहमदाबाद के बीच की पूरी यात्रा को महज़ 1 घंटे 58 मिनट में समेट देगी।
