बुलेट ट्रेन का काउंटडाउन शुरू: अगले साल मई-जून में होगा ट्रायल, 90 मिनट में मुंबई से पहुंचेंगे वडोदरा
रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने घोषणा की कि भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन का परीक्षण अगले साल मई-जून में ...और पढ़ें
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अगले साल मई-जून में स्वदेशी बुलेट ट्रेन का ट्रायल शुरू

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को कहा कि भारत की पहली स्वदेशी बुलेट ट्रेन के परीक्षण अगले वर्ष मई या जून में शुरू होने की संभावना है, जबकि ट्रायल यानी परीक्षण शुरू होने के दो से चार महीने बाद इस आम यात्रियों के लिए खोल दिया जाएगा।
वडोदरा में 'नमो फार विकसित भारत' कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि हाई स्पीड ट्रेन का पहला बाडी फ्रेम हाल ही में बनकर तैयार हुआ है और इसे स्क्वीज टेस्ट के लिए भेजा गया है।
वैष्णव ने कहा- 'अगले वर्ष मई या जून में भारत की अपनी बुलेट ट्रेन टेस्टिंग के लिए ट्रैक यानी पटरियों पर होगी। टेस्टिंग पूरी होने के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा बुलेट ट्रेन का उद्घाटन किया जाएगा।'
उन्होंने बताया कि यह प्रोजेक्ट ‘आत्मनिर्भर भारत’ विजन के तहत तैयार किया जा रहा है और वडोदरा और मुंबई के बीच यात्रा समय को काफी कम करेगा।
सूरत-वापी खंड दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद
उन्होंने कहा- 'जब आप वडोदरा से बुलेट ट्रेन में यात्रा करेंगे तो आप मुंबई केवल डेढ़ घंटे में पहुंचेंगे।' वैष्णव ने बताया कि मुंबई-अहमदाबाद बुलेट ट्रेन कारिडोर का निर्माण तेजी से चल रहा है।
सूरत-वापी खंड के इस वर्ष दिसंबर तक पूरा होने की उम्मीद है। यहां बता दें कि वडोदरा से मुंबई के बीच अभी ट्रेन का सफर पांच से छह घंटे का है।
रेलवे सेक्टर में बड़े सुधारों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार रेलवे के आपरेटिंग सिस्टम, रिजर्वेशन प्लेटफार्म और निर्माण से जुड़े नियमों को आधुनिक बना रही है।
उन्होंने बताया कि हाल के वर्षों में कई लंबित रेलवे परियोजनाएं पूरी की गई हैं, जिनमें चेनाब ब्रिज और मिजोरम को राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से जोड़ने वाली रेल कनेक्टिविटी परियोजना शामिल है।
36000 किमी नई रेलवे पटरियां बिछाई गई
मंत्री ने कहा कि 280 रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास किया गया है और 36,000 किमी नई रेलवे पटरियां बिछाई गई हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वंदे भारत तकनीक को शामिल करते हुए मालगाड़ियां विकसित की जा रही हैं। वैष्णव ने कहा कि रेलवे अवसंरचना विकास की गति कोविड-19 महामारी के बावजूद तेज हुई है।
वैष्णव ने यह भी बताया कि वंदे भारत टेक्नोलाजी वाली मालगाड़ियां भी विकसित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि कोविड-19 महामारी की चुनौतियों के बावजूद रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर के विकास की रफ्तार तेज हुई है।
उन्होंने बताया कि 2020 में बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट का पहला खंड पूरा होने के बाद अगले खंडों पर काम में तेजी आई। उन्होंने कहा कि भारतीय रेलवे का जो आधुनिक चेहरा उभर रहा है, उससे आने वाली कई पीढ़ियों को लाभ मिलेगा।
