'असम में UCC से बाहर रहेंगे आदिवासी', विधानसभा चुनाव से पहले सीएम हिमंत बिस्वा सरमा का बड़ा बयान
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने स्पष्ट किया है कि राज्य में लागू होने वाले समान नागरिक संहिता (UCC) से आदिवासी समुदायों को अलग रखा जाएगा। ...और पढ़ें
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UCC का आदिवासियों पर नहीं पड़ेगा प्रभाव (फोटो-पीटीआई)

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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। असम में लागू किए जा रहे समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के बारे में पूछे जाने पर मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने विश्वास व्यक्त किया और आदिवासी समुदायों की स्थिति स्पष्ट की।
सीएम सरमा ने कहा, 'आदिवासियों को यूसीसी से अलग रखा जाएगा।' उनकी यह टिप्पणी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बुधवार को गोगमुख में हुई जनसभा के बाद आई है, जहां पीएम ने असम में समान नागरिक संहिता लागू करने का संकल्प लिया और आदिवासी परंपराओं, छठी अनुसूची के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों की रक्षा और असम की पहचान को संरक्षित करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
असम में लागू होगा UCC
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा, 'हमारी बेटियों के साथ कोई धोखा न हो, यह सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी की गई हैं ताकि उनकी गरिमा, सम्मान और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।'
सीएम सरमा ने आगे कहा, 'असम में समान नागरिक संहिता लागू करना, हमारे आदिवासी समाज की परंपराओं, छठी अनुसूची के अंतर्गत आने वाले क्षेत्रों की रक्षा करना या असम की पहचान को बचाना बहुत बड़ी घोषणाएं हैं। भाजपा अपने वादे पूरे करती है।'
यूसीसी का उद्देश्य विवाह, तलाक और उत्तराधिकार से संबंधित विभिन्न व्यक्तिगत कानूनों को एक समान, धर्मनिरपेक्ष कानूनी ढांचे से प्रतिस्थापित करना है, ताकि समानता, राष्ट्रीय एकता और लैंगिक न्याय को बढ़ावा दिया जा सके।
(समाचार एजेंसी एएनआइ के इनपुट के साथ)
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