Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    बच्चों के लिए जहर बन रहे हैं ऑनलाइन गेम्स? एक्सपर्ट ने बताए 5 लक्षण, जिन्हें इग्नोर करना पड़ेगा भारी

    Updated: Wed, 04 Feb 2026 07:06 PM (GMT+05:30)

    गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग की लत के कारण तीन नाबालिग बहनों की आत्महत्या के बाद बच्चों पर इसके गंभीर प्रभावों पर बहस छिड़ गई है। सीनियर साइकोलॉजिस्ट म ...और पढ़ें

    बच्चों के लिए ऑनलाइन गेमिंग का खतरा (Picture Credit- AI Generated)

    बच्चों के लिए ऑनलाइन गेमिंग का खतरा (Picture Credit- AI Generated)

    HighLights

    1. गाजियाबाद में ऑनलाइन गेमिंग से तीन बहनों ने की आत्महत्या

    2. विशेषज्ञों ने बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर गेमिंग के खतरे बताए

    3. माता-पिता बच्चों को प्यार से समझाएं, आउटडोर गेम्स को बढ़ावा दें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हाल ही में गाजियाबाद से एक दुखद खबर सामने आई। यहां ऑनलाइन गेमिंग की लत के चलते तीन नाबालिग बहनों से एक साथ सुसाइड कर लिया। इस घटना के सामने आने के बाद से ही एक बार फिर इस बात पर बहस शुरू हो गई है कि ऑनलाइन गेमिंग बच्चों के दिमाग पर कितना गहरा असर डाल रही है। 

    एक समय था जब इस तरह के खेल और गेम्स को टाइमपास का जरिया माना जाता था, लेकिन अब यह बच्चों के लिए जानलेवा लत भी बन सकता है। इस मामले को विस्तार से जानने के लिए हमने नई दिल्ली की सीनियर साइकोलॉजिस्ट, मोनिका शर्मा से बात की। आइए जानते हैं क्या है इस पूरे मामले में एक्सपर्ट की राय- 

    क्या है एक्सपर्ट की राय?

    एक्सपर्ट के अनुसार, बहुत ज्यादा गेम खेलने से बच्चों की मेंटल हेल्थ बिगड़ सकती है। इससे उनके स्वाभाव में बदलाव हो सकता है, नींद की समस्या हो सकती है और तनाव भी हो सकता है। इसके अलावा बच्चे असली दुनिया से दूरी बनाने लगते हैं और धीरे-धीरे बच्चे का मन पढ़ाई, दोस्तों और परिवार से हट जाता है। इतना ही नहीं यह बच्चे के मन पर इतना गहरा असर करता है कि वह हार या नाकामी को बर्दाश्त नहीं कर पाते।

    बच्चों को क्यों लगती है ऑनलाइन गेम्स की लत?

    कोरोना महामारी के बाद से ही मोबाइल का इस्तेमाल काफी ज्यादा बढ़ चुका है। खासकर अब बच्चे की डिजिटल वर्ल्ड का इस्तेमाल तेजी से करने लगे हैं। ऐसे में ऑनलाइन गेम्स में कई ऐसे एलिमेंट्स होते हैं, तो बच्चों को अपनी तरफ खींचते हैं। छोटी उम्र होने की वजह से उनका समझ कच्ची होती है, इसलिए वे आसानी से इसके जाल में फंस जाते हैं।

    खबरें और भी

    बच्चों में गेम्स की लत के संकेत

    • व्यवहार: गेम खेलने से रोकने पर बहुत ज्यादा गुस्सा करना या आक्रामक हो जाना
    • सेहत: नींद न आना, आंखों के नीचे काले घेरे, वजन बढ़ना और खाने की आदत में बदलाव
    • पढ़ाई: स्कूल के रिजल्ट में लगातार गिरावट और होमवर्क न करना
    • दूसरों से दूरी: दोस्तों से मिलना-जुलना बंद कर देना और कमरे में बंद रहना
    • इमोशनल होना: बात-बात पर रोना, खुद को बेकार समझना या जीवन खत्म करने जैसी बातें करना

    माता-पिता क्या करें?

    एक्सपर्ट की मानें तो इस लत को दूर करने के लिए बच्चों पर सख्ती दिखाना सही नहीं होगा। ऐसा करने के बच्चे बागी हो सकते हैं या गलत कदम उठा सकते हैं, इसलिए बच्चों पर रोक लगाने के बजाय, उन्हें प्यार से समझाएं और धीरे-धीरे टाइम लिमिट सेट करें।

    बच्चों को आउटडोर गेम्स और एक्सरसाइज के लिए मोटिवेट करें। अगर आपको लगता है कि बच्चा डिप्रेशन में जा रहा है या उसका व्यवहार बहुत बदल गया है, तो तुरंत किसी मनोवैज्ञानिक (Psychologist) से सलाह लें।

    यह भी पढ़ें- 'मुझे मालूम नहीं था कि...', गाजियाबाद में आधी रात को पड़ोसी ने देखा पूरा मंजर; तीन बच्चियों को न बचा पाने का है गम

    यह भी पढ़ें- कोरियन लवर गेम ने ली 3 बहनों की जान, बच्चों की ऑनलाइन गेमिंग पर ऐसे रखें नजर