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    कोरियन लवर गेम ने ली 3 बहनों की जान, बच्चों की ऑनलाइन गेमिंग पर ऐसे रखें नजर

    Updated: Wed, 04 Feb 2026 01:25 PM (GMT+05:30)

    गाजियाबाद में तीन बहनों ने 'कोरियन लवर' गेम की लत के चलते नौवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली। यह टास्क-आधारित रोल-प्लेइंग गेम ब्लू व्हेल जैसे खतरनाक ...और पढ़ें

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    संक्षेप में पढ़ें

    टेक्नोलॉजी डेस्क, नई दिल्ली। दिल्ली एनसीआर के गाजियाबाद में तीन बहनों ने गेम के चलते 9वीं फ्लोर से कूद कर मौत को गले लगा लिया। बताया जा रहा है कि तीनों बहने कोरियन गेम की लत थी। रिपोर्ट्स की मानें तो गेम का नाम कोरियन लवर था। इस गेम में यूजर्स को अलग-अलग टास्क मिलते हैं। अगर आपके घर में भी बच्चे इस गेम को खेलते हैं तो आपको सावधान रहने की जरूरत है। यहां हम डिटेल में आपको इस गेम से जुड़ी बातों के बारे में जानकारी दे रहे हैं।

    क्या है कोरियन लवर गेम?

    कोरियन लवर गेम टास्क आधारित गेम है। इन्हें रोल-प्लेइंग गेम के रूप में जाना जाता है। इस गेम में यूजर को वर्चुअल कोरियन कैरेक्टर के रोल में दिखाया जाता है। गेम को इस तरह डिजाइन किया गया है कि लगता है कि वे सच में किसी से कनेक्ट हैं और बात कर रहे हैं।

    गेम में यूजर्स अलग-अलग टास्क दिए जाते हैं। यह गेम काफी हद तक ब्लू व्हेल या मोमो चैलेंज की तरह ही है। इन गेम के चलते भी कई बच्चे अपने को नुकसान पहुंचा चुके हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि आपको बच्चों की ऑनलाइन हरकत पर करीब से नजर रखने की जरूरत है।

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    गेमिंग एप्स पर रखें करीबी नजर

    अगर आपके बच्चे ऑनलाइन गेमिंग के शौकीन हैं तो सबसे पहले यह जानने की कोशिश करें कि वे किस तरह के गेम खेल रहे हैं। अगर बच्चे टास्क या चैलेंज वाला गेम खेल रहे हैं तो करीब से उनकी ऑनलाइन और ऑफलाइन हरकत पर नजर रखें।

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    कई बार गेम का टास्क पूरा होने पर बच्चे एप डिलीट कर देते हैं। ऐसे में फोन की एक्टिविटी हिस्ट्री जरूर चेक करें। बच्चे ने कौन की एप पर कितना वक्त बिताया है यह चेक करना बेहद जरूरी है।

    इसके साथ ही सामान्य दिखने वाली ऐप को भी ऐसे ही न छोड़े। गेमिंग चैट जरूर चेक करें। गेमिंग चैट को आमतौर पर प्लेयर्स एक दूसरे से कनेक्ट रहने के लिए इस्तेमाल करते हैं। अगर बच्चा ऑनलाइन गेमिंग करता है तो चैट जरूर और नियमित रूप से चेक करें।

    आपका बच्चा जो भी गेम खेलता है उसे प्ले स्टोर पर उसकी रेटिंग जरूर देखें। प्ले स्टोर पर हर गेम को किस उम्र के लोगों को ध्यान में रखकर बनाया गया है लिखा होता है। इसके साथ ही गेम को किस-किस चीज की परमिशन मिलती है। यह जरूर चेक करें।

    बच्चों के फोन में पेरेंटल कंट्रोल ऑन करें

    • गूगल प्ले स्टोर पर जाएं और सेटिंग मैन्यू पर क्लिक करें।
    • अब आपको फैमली ऑप्शन सलेक्ट कर पेरेंटल कंट्रोल ऑन करना है।
    • अब आपको 4 अंकों का पिन बनाना है। ध्यान रखें यह पिन आपको अपने बच्चों को नहीं बताना है।
    • अब आपको बच्चे की उन एप्स और गेम्स को सलेक्ट करना है। इसके बाद एज लिमिट सलेक्ट कर सेव पर क्लिक करना है।

    पेरेंटल कंट्रोल ऑन करने से बच्चे फोन में गलत या हानिकारक एप इंस्टॉल नहीं कर पाएंगे। इसके साथ ही एज लिमिट न होने वाली एप्स खुद ही डिलीट हो जाएंगी।

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    क्या खतरनाक ऑनलाइन गेम्स से बच्चों को बचाने के लिए उन पर प्रतिबंध लगाना ही एकमात्र उपाय है?