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10 मिनट में डिलीवरी पर 3 गुना ज्यादा पैसे लुटा रहे Gen-Z, शॉपिंग पैटर्न पर आई हैरान करने वाली रिपोर्ट

Published: Mon, 31 Aug 2026 07:00 AM (IST)

अब नई जेनरेशन पैसे बचाने की जगह शॉपिंग में समय बचाने को प्राथमिकता दे रही है।

जेन-जी कर रहे हैं क्विक कॉमर्स पर तीन गुना खर्च (Image Source: AI Generated)

जेन-जी कर रहे हैं क्विक कॉमर्स पर तीन गुना खर्च (Image Source: AI Generated)

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समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। आजकल 10 मिनट डिलीवरी एप्स इतने चलन में हैं कि हमें जब भी कुछ अर्जेंट मंगाना होता है तो तुरंत फोन से ऑर्डर कर देते हैं। पर हम समझ ही नहीं पा रहे कि हम तकनीक का इस्तेमाल नहीं कर रहे बल्कि तकनीक हमें अपना आदि बनाती जा रही है। खैर, इस मामले में जेन जी को लेकर थोड़ी पॉजिटिव लेकिन निर्भर रहने वाली रिपोर्ट सामने आई है। 

इससे जुड़ी हाल ही की एक रिपोर्ट बड़ा दावा करती है, जिसके मुताबिक जेनरेशन-जेड क्विक कॉमर्स पर जरूरत से ज्यादा खर्च कर रही है। आइए जानते हैं जेन-जी के खरीदारी करने के मामले में नई स्टडी क्या कहती है। 

जेन-जी कर रहे हैं क्विक कॉमर्स पर तीन गुना खर्च 

किवी ने साल 2026 के जून-जुलाई महीने में करीब 25,000 हजार के लगभग नई पीढ़ी के युवाओं का इंटर्नल डेटा इकट्ठा किया है। इन आंकड़ों की मदद से जेन-जी युवाओं में शॉपिंग करने की प्रवृति को समझने की कोशिश की गई है। यह रिपोर्ट कहती है कि अब जेन-जी शॉपिंग में समय बचाने को प्राथमिकता दे रहे हैं। नए युवाओं के लिए सुविधा और हर महीने का खर्च किसी भी रिवॉर्ड या कैशबैक की तुलना में ज्यादा मायने रखता है। 

क्विक कॉमर्स पर तीन गुना खर्च 

पिछली पीढ़ी से आज के युवाओं की तुलना की जाए तो वो क्विक कॉमर्स पर यानी 10 से 30 मिनट के अंदर ऑर्डर होने वाली चीजों पर तीन गुना ज्यादा खर्च कर रहे हैं। उनके वॉलेट में कुछ मिनटों के अंदर आने वाली इन चीजों पर खर्च करने की हिस्सेदारी 2.6% है। वहीं, इसके उलट पारंपरिक शॉपिंग के तरीके जैसे डिमार्ट पर उनकी हिस्सेदारी महज 0.85% तक ही सिमटकर रह गई है। 

क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल सिर्फ लाइफस्टाइल पर नहीं 

ऐसा भले ही लग सकता हो कि जेन-जी अपने लाइफस्टाइल और फैशन पर खर्च करना ज्यादा पसंद कर रहे हैं। हाल की यह रिपोर्ट इसके विपरीत जानकारी देती है क्योंकि ये युवा पीढ़ी रेंट और शिक्षा पर क्रेडिट कार्ड से 20% तक पेमेंट कर रही है। 

जिससे यह साफ इशारा मिलता है कि उनके खर्चे लग्जरी या लाइफस्टाइल तक ही सीमित नहीं है। ऐसे में यह कहना एकदम सही होगा कि शॉपिंग के मामले में जेन जी का रवैया गैर-जिम्मेदाराना नहीं बल्कि पहले से ज्यादा प्रैक्टिकल और सुविधा के इर्द-गिर्द केंद्रित हो चुका है। 

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