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उम्र सिर्फ एक नंबर है! 50 की उम्र में 100 किलो का डेडलिफ्ट उठाकर इन महिलाओं ने तोड़ी फिटनेस की पुरानी सोच

Published: Sat, 29 Aug 2026 06:30 AM (IST)

अब उन बातों में दम नहीं रहा कि 50 के बाद हड्डियां मजबूत नहीं रहतीं।

50 पार की महिलाओं का फिटनेस को लेकर संदेश (Image Source: AI Generated)

50 पार की महिलाओं का फिटनेस को लेकर संदेश (Image Source: AI Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। फिटनेस को हमेशा कम उम्र और कम वजन से जोड़कर देखा जाता रहा है। बढ़ती उम्र के लोगों खासकर महिलाओं में यह आम धारणा कहीं न कहीं नकारात्मक विचार को भी जन्म देती है। ऐसे में हमें जानना जरूरी है कि फिटनेस का मतलब जवान दिखना या पतला होना नहीं है। इसी बात को 50 पार की महिलाएं जोर देकर कह रही हैं, ताकि समाज को सही संदेश जा सके। 

भारतीय महिलाओं को सीखने की जरूरत 

हां, इस बात में कोई शक नहीं कि उम्र के हर पड़ाव में शरीर में कई तरह के बदलाव देखने को मिलते हैं, इस तरह आपको नहीं लगता कि उम्र बढ़ने पर ऐसा होना सामान्य बात ही होनी चाहिए? यही संदेश ब्रिटेन की दो महिलाओं ने दिया। उनका मानना है कि 50 पार कर लेने का मतलब बुढ़ापा नहीं और फिटनेस का मतलब वजन घटाना या डाइटिंग तक ही सीमित नहीं। 

53 साल की जो बर्लैर्ड करती हैं डेडलिफ्ट 

ब्रिटेन में रहने वाली 53 साल की जो बर्लैर्ड ने सारा ध्यान अपनी फिटनेस को दिया, तभी तो इस उम्र में भी उन्हें कोई डेडलिफ्ट करने से नहीं रोक पाया। उन्होंने डाइट कंट्रोल और एक्सरसाइज के साथ अपना वजन कंट्रोल किया। जब उनका 50 वां जन्मदिन आया तो उन्हें एहसास हुआ कि इस उम्र में हड्डियों और मांसपेशियों की मजबूती बहुत जरूरी है। 

इसके बाद उन्होंने वेट ट्रेनिंग शुरू कर अपनी इसे अपनी फिटनेस जर्नी का अहम हिस्सा बना लिया। आज जो बर्लैर्ड हफ्ते में 4-5 दिन जिम जाकर खुद को मजबूत कर रही हैं। आपको जानकार हैरानी होगी कि जो करीब 100 किलो तक डेडलिफ्ट कर लेती हैं। 

46 की उम्र में एक्सरसाइज से कारा मेट्ज ने बदली लाइफ 

कारा मेट्ज ने अपनी फिटनेस जर्नी को 46 साल की उम्र में शुरू किया था। उस समय कारा मूड स्विंग्स, नींद की कमी, सोचने-समझने में परेशानी और वजन बढ़ने जैसी बहुत सी समस्याओं का सामना कर रही थीं। पहले पहल उन्होंने वॉक करना शुरू किया, फिर डॉक्टर की सलाह पर हॉर्मिन बैलेंस करने के लिए दवा भी लेनी शुरू कर दी। 

उनके जीवन में सबसे बड़ा बदलाव तब आया जब उन्होंने वेट ट्रेनिंग को अपने फिटनेस रूटीन का हिस्सा बनाया। रोजाना महज 15 मिनट की एक्सरसाइज से उन्होंने अपने शरीर में बड़े बदलाव महसूस किए। उनकी शरीरिक ताकत और पीठ बेहद मजबूत हो गई। इसके बाद जाकर उन्होंने अपना फिटनेस बिजनेस शुरू किया। 

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