Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    तिरंगा फहराते समय अनजाने में न हो जाए अपमान! हर भारतीय को पता होने चाहिए झंडा फहराने के ये नियम

    Updated: Tue, 11 Aug 2026 04:06 PM (IST)

    स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराते समय भारतीय ध्वज संहिता के नियमों का पालन करना जरूरी है। ...और पढ़ें

    तिरंगा फहराने के नियम (AI Generated Image)

    तिरंगा फहराने के नियम (AI Generated Image)

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। 15 अगस्त का दिन हर भारतीय के लिए बहुत खास होता है। इसी दिन साल 1947 में हमारा देश अंग्रेजों की गुलामी से आजाद हुआ था और एक स्वतंत्र राष्ट्र बना था। इसलिए हर साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस मनाया जाता है। इस दिन देश के प्रधानमंत्री लाल किले पर ध्वजारोहण करते हैं। 

    स्वतंत्रता दिवस पर स्कूल, कॉलेजों और सरकारी दफ्तरों में भी ध्वजारोहण किया जाता है। कई लोग अपने घरों में भी झंडा फहराते हैं। तिरंगा हमारे देश की आन, बान और शान का प्रतीक है। इसलिए इसे फहराते समय हमेशा भारतीय ध्वज संहिता के नियमों का पालन करना होता है, ताकि तिरंगे का अपमान न हो। आइए जानें झंडा फहराने के जरूर नियम, जिनके बारे में हर नागरिक को पता होना चाहिए।  

    झंडा फहराते समय क्या करें?

    • तिरंगा हमेशा रेक्टेंगल आकार का होना चाहिए और उसका अनुपात 3:2 का होना चाहिए। 
    • जब भी तिरंगा फहराया जाए, केसरिया रंग हमेशा सबसे ऊपर, बीच में सफेद और नीचे हरा रंग होना चाहिए। सफेद पट्टी के बीच अशोक चक्र बना होना चाहिए, जिसमें 24 तीलियां बनी होनी चाहिए, जो तिरंगे के दोनों तरफ से साफ दिखाई दें। 
    • तिरंगा ऐसी जगह पर फहराया जाना चाहिए, जहां से वह साफ दिखाई दे और किसी दूसरे झंडे या चीज की आड़ में न छिपे। 
    • तिरंगा हमेशा साफ-सुथरा और बिना कटा-फटा होना चाहिए। 
    • तिरंगा हमेशा हाथ से काते गए, बुने गए या मशीन से बने सूती, पॉलिएस्टर,रेशनी या खादी के कपड़े से बना होना चाहिए। 
    • आम नागरिक, प्राइवेट संगठन और शैक्षणिक संस्थान रविवार और छुट्टियों सहित सभी दिनों में तिरंगा फहरा सकते हैं। 
    • तिरंगा जमीन या पानी को नहीं छूना चाहिए। 
    • तिरंगा हमेशा सावधानी से धीरे-धीरे नीचे उतारा जाना चाहिए और इसे हमेशा सही तरीके से मोड़कर रखा जाना चाहिए। इस दौरान भी तिरंगा जमीन को नहीं।

    किन गलतियों से बचना चाहिए?

    • तिरंगा कभी भी उल्टा नहीं फहराया जाना चाहिए। 
    • तिरंगे को कभी जमीन, फर्श या पानी का स्पर्श नहीं होना चाहिए। 
    • तिरंगे का इस्तेमाल किसी भी सजावटी वस्तु या ड्रेस के रूप में नहीं किया जा सकता है और न ही इसे अपने कपड़े पर छपवाया जा सकता है। 
    • राजकीय या सैन्य अंतिम संस्कार को छोड़कर किसी भी चीज को ढकने के लिए तिरंगे का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
    • तिरंगे को किसी दूसरे झंडे के मास्ट हेड पर या किसी झंडे से नीचे नहीं फहराएं, जिससे उसकी अहमियत कम लगे। 
    • तिरंगे पर कुछ भी लिखना, छापना या निशान बनाना पूरी तरह से प्रतिबंधित है। 
    • सीने पर फ्लैग पिन या बैज लगाया जा सकता है, लेकिन कमर के नीचे के हिस्से पर बिल्कुल नहीं।
    • तिरंगे को जानबूझकर नुकसान पहुंचान, फाड़ना या जलाना राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम 1971 के तहत दंडनीय अपराध है।