विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

भारत का कोहिनूर ही नहीं, इन 4 देशों की बेशकीमती धरोहर भी लूटकर ले गए थे अंग्रेज; आज भी वापसी की उठती है मांग

Updated: Wed, 12 Aug 2026 03:32 PM (IST)

इस साल भारत अपना 80वां स्वतंत्रता दिवस मनाने जा रहा है। इससे जुड़ी तैयारियों के बीच, ब्रिटिश हुकूमत द्वारा लूटी गई बेशकीमती धरोहरें आज भी याद आती हैं।

कोहिनूर समेत वो 5 अनमोल धरोहरें, जिन्हें अंग्रेजों ने दुनिया भर से लूटा (Image Source: AI-Generated)

कोहिनूर समेत वो 5 अनमोल धरोहरें, जिन्हें अंग्रेजों ने दुनिया भर से लूटा (Image Source: AI-Generated) 

timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। देशभर में स्वतंत्रता दिवस (Independence Day 2026) की तैयारियां जोरों पर हैं। आजादी के इस जश्न के बीच, जब हम अपने गौरवशाली इतिहास को याद करते हैं, तो बरबस ही ब्रिटिश हुकूमत के दौर की वो लूट भी याद आ जाती है जिसने दुनिया भर को खोखला किया।

ऐसे में, कोहिनूर की चर्चा तो हम अक्सर करते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि अंग्रेजों के खजाने में सिर्फ भारत का यह हीरा ही नहीं है? इतिहास के पन्नों में ऐसी 4 और अनमोल चीजों का जिक्र है, जिन्हें ब्रिटिश शासन के दौरान अलग-अलग देशों से लूटा था। आइए, इन ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में विस्तार से जानते हैं।

कोहिनूर हीरा

दुनिया के सबसे नायाब और महंगे हीरों में शुमार 'कोहिनूर' का इतिहास बहुत पुराना है। यह 14वीं सदी में काकतीय वंश के समय आंध्र प्रदेश के गुंटूर में मिला था। आपको जानकर शायद आश्चर्य होगा कि यह पहले वारंगल के एक हिंदू मंदिर में देवी की आंख में लगा हुआ था, जहां से इसे निकालकर महारानी को उपहार के रूप में सौंप दिया गया।

साल 1849 में जब अंग्रेजों ने महाराजा रणजीत सिंह के बेटे दिलीप सिंह को हराकर पंजाब पर कब्जा कर लिया, तो यह हीरा महारानी विक्टोरिया को दे दिया गया। आज यह हीरा लंदन के 'टावर ऑफ लंदन' के ज्वेल हाउस में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा गया है और रानी के मुकुट का हिस्सा है।

एल्गिन मार्बल्स

ब्रिटेन के संग्रहालय में 'एल्गिन मार्बल्स' नाम की एक और बेहद कीमती धरोहर मौजूद है। इसका नाता ग्रीस से है। बताया जाता है कि साल 1803 में लॉर्ड एल्गिन ने ग्रीस के ऐतिहासिक 'पार्थेनन' की दीवारों से इन पत्थरों को उखाड़ लिया था और अपने साथ लंदन ले गए।

ग्रीस अपनी इस सांस्कृतिक चोरी को कभी नहीं भूला और वह 1925 से लगातार ब्रिटेन से अपनी यह धरोहर वापस मांग रहा है। हालांकि, ये मार्बल्स आज भी 'ब्रिटिश म्यूजियम' की ही शोभा बढ़ा रहे हैं।

द ग्रेट स्टार ऑफ अफ्रीका

अंग्रेजों के पास मौजूद एक और अद्भुत रत्न है 'द ग्रेट स्टार ऑफ अफ्रीका'। इसे दुनिया का सबसे बड़ा हीरा माना जाता है। इसका वजन लगभग 530 कैरेट है और आज के समय में इसकी कीमत 400 मिलियन अमेरिकी डॉलर के करीब आंकी गई है।

इस हीरे को 1905 में दक्षिण अफ्रीका की एक खदान से निकाला गया था, जिसके बाद इसे किंग एडवर्ड VII को सौंप दिया गया। कई इतिहासकारों का साफ तौर पर दावा है कि एडवर्ड के शासनकाल के दौरान ब्रिटिश सरकार ने इस हीरे को एक तरह से चुरा लिया था।

टीपू सुल्तान की अंगूठी

ब्रिटिश साम्राज्य की लूट का एक और दर्दनाक सुबूत है टीपू सुल्तान की अंगूठी। साल 1799 में अंग्रेजों के खिलाफ युद्ध में हारने के बाद जब टीपू सुल्तान शहीद हो गए, तो अंग्रेजों ने उनके मृत शरीर से यह अंगूठी निर्दयता से निकाल ली थी।

बाद में इस बेशकीमती और ऐतिहासिक अंगूठी को ब्रिटेन में नीलाम कर दिया गया। किसी अनजान शख्स ने इसके लिए 1,45,000 ब्रिटिश पाउंड की भारी-भरकम कीमत चुकाई और इसे अपने नाम कर लिया।

रॉसेटा स्टोन

लंदन के ब्रिटिश संग्रहालय में नुमाइश के लिए 'रोसेटा स्टोन' नाम का एक और ऐतिहासिक पत्थर रखा हुआ है। कई नामी पुरातत्वविदों का कहना है कि 1800 के दशक में फ्रांस को युद्ध में हराने के बाद अंग्रेजों ने इस बेशकीमती पत्थर को चुरा लिया था।

कोहिनूर से लेकर टीपू सुल्तान की अंगूठी और अफ्रीका के हीरे तक, ये सभी चीजें इस बात की गवाही देती हैं कि कैसे ब्रिटिश साम्राज्य ने दुनिया भर से बेशकीमती धरोहरों को अपने कब्जे में किया था। यही वजह है कि आज कई देश अपनी इन सांस्कृतिक संपत्तियों को वापस मांग रहे हैं।

यह भी पढ़ें- Independence Day 2026: स्वतंत्रता दिवस पर 10 लाइन, फैक्ट चेक GK Quiz और स्पीच तैयार करने में आएंगी काम

यह भी पढ़ें- तिरंगा फहराते समय अनजाने में न हो जाए अपमान! हर भारतीय को पता होने चाहिए झंडा फहराने के ये नियम