रोज एक्सरसाइज करते हैं, फिर भी नहीं मिल रहा रिजल्ट? वजह हो सकती हैं बाद की ये 5 आदतें
वर्कआउट के बाद शरीर को रिकवर होने का मौका ना देने से ब्लड प्रेशर लो होना, चक्कर आना और मसल्स में सूजन की समस्या हो सकती है।

बेहतर वर्कआउट परिणाम के लिए अपनाएं ये पोस्ट-एक्सरसाइज टिप्स ( Picture Credit- AI Generated)

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। हार्ट को मजबूती देने, मसल्स को स्ट्रॉन्ग बनाने और मेंटल हेल्थ के लिए एक्सरसाइज को सबसे बेहतर तरीका माना गया है। वैसे वर्कआउट की अहमियत को समझते हुए काफी लोगों ने इसे अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाया है और इस दौरान सारी सावधानियां भी बरती जाती हैं।
लेकिन वर्कआडट के बाद क्या और कैसे करना चाहिए उसे लेकर उतने गंभीर नहीं रहते। नतीजन इंजुरी का खतरा बढ़ जाता है और रिकवरी स्लो हो जाती है। वैसे ये तरीके आपकी रिकवरी तेज करने और इंजुरी से बचाने में मदद कर सकते हैं।
कूल डाउन होने के लिए भी समय दें
इससे हार्ट रेट और ब्रीदिंग सामान्य अवस्था में आती है। इस तरह की एक्टिविटी आप कर सकते हैं:
- स्लो वॉकिंग
- हल्की साइकिलिंग
- डीप ब्रीदिंग एक्सरसाइज
- कुछ सेकंड्स की स्ट्रेचिंग
कूल डाउन न करने से ऐसा हो सकता है
- ब्लड प्रेशर लो हो जाना
- चक्कर या थकान होना
रिस्टोर करें इलेक्ट्रोलाइट्स
एक्सरसाइज के बाद थोड़ा पानी पिएं। अगर आपने ज्यादा इंटेंसिटी वाली या लंबे समय तक एक्सरसाइज की है, तो इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक से ज्यादा फायदा मिलेगा।
- इससे क्या होगा: पसीने में जो मिनरल्स बह गए हैं उसको रिस्टोर करने में मदद मिलेगी।
प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट से भरपूर स्नैक
वर्कआउट के बाद मसल्स रिपेयर करने के लिए प्रोटीन और कार्बोहाइड्रेट जरूरी है, आप स्नैक्स के रूप में ऐसी चीजें ले सकते हैं:
- अंडे
- प्रोटीन शेक
- केले के साथ पीनट बटर
- पनीर, स्प्राउट्स या फिर रोस्टेड चना
वर्कआउट के बाद कब-क्या करें
- स्नैक्स: रिकवरी को तेज करने के लिए वर्कआउट के आधे से एक घंटे के भीतर स्नैक्स जरूर ले लें।
- नहाना जरूरी है: पसीना, रैशेज से बचने और मसल्स को आराम पहुंचाने के लिए वर्कआउट के बाद जरूर नहाएं।
- आराम का समय दें: वर्कआउट के बाद मसल्स के बनने और उसके रिपेयर होने का काम होता है, इसलिए ओवरट्रेनिंग से बचते हुए शरीर को थोड़ा आराम भी दें।
ऐसा करने से बचें
- कूल डाउन न करना
- वर्कआउट के एकदम बाद बैठ जाना या लेट जाना
- जंक या अनहेल्दी खाना
- दर्द को नजरअंदाज करना
- दूसरों की फिटनेस गोल के हिसाब अपना गोल सेट करना
