Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम जेल से आए बाहर, टेंडर घोटाले में 2 साल बाद रिहाई

    By Manoranjan SinghEdited By: Piyush Pandey
    Updated: Thu, 14 May 2026 02:56 PM (IST)

    पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, रांची से रिहा कर दिया गया है। ...और पढ़ें

    HighLights

    1. पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिली।

    2. बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, रांची से हुए रिहा।

    3. मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 23 महीने बाद बाहर आए।

    जागरण संवाददाता, रांची। मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों में घिरे झारखंड के पूर्व मंत्री आलमगीर आलम की आज बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा (होटवार जेल) से रिहाई हो गई है।

    जमानतदार उनकी पत्नी निशात आलम बनी हैं। सुप्रीम कोर्ट से बेल मिलने के बाद लगभग दो वर्षों के बाद जेल से बाहर आए हैं। 

    हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को ही दोनों को जमानत दे दी थी, लेकिन तकनीकी कारणों से मंगलवार को उनकी रिहाई मुमकिन नहीं हो सकी।

    Alamgir Alam

    पत्नी भी दिखीं साथ।

    क्यों हुई रिहाई में देरी?

    सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद, आदेश की कॉपी आधिकारिक पोर्टल पर समय पर अपलोड नहीं होने के कारण मंगलवार को जेल से बाहर आने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई।

    नियमों के अनुसार, कोर्ट का आदेश अपलोड होने के बाद ही निचली अदालत में 'बेल बॉन्ड' (बंध पत्र) भरने की प्रक्रिया शुरू होती है। 

    23 महीने बाद आ रहे हैं बाहर

    आलमगीर आलम और संजीव लाल पिछले 23 महीनों से न्यायिक हिरासत में थे। इससे पहले उन्होंने निचली अदालत और झारखंड हाई कोर्ट में जमानत की अर्जी लगाई थी, लेकिन वहां से राहत नहीं मिलने के बाद 25 जुलाई 2025 को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया था।

    यह भी पढ़ें- रांची: सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आज जेल से बाहर आएंगे पूर्व मंत्री आलमगीर आलम, 23 महीने बाद मिलेगी रिहाई

    यह भी पढ़ें- झारखंड कमीशन घोटाला: पूर्व मंत्री आलमगीर आलम को हाई कोर्ट से झटका, अब चलेगा ट्रायल