गढ़वा में रिश्वतखोरी की शिकायत के बाद रात में विधवा के घर पहुंचे बैंक अधिकारी, दबाव बनाने का आरोप
गढ़वा में एक विधवा ने आरोप लगाया है कि रिश्वत की शिकायत के बाद बैंक प्रबंधक और मैसेंजर रात में उसके घर पहुंचे। शिकायत वापस लेने का दबाव बनाया। यह घटना ...और पढ़ें

रात में गांव पहुंचने पर शाखा प्रबंधक एवं मैसेंजर को ग्रामीणों ने घेरा।
HighLights
बैंक अधिकारी रात में विधवा के घर शिकायत वापस लेने पहुंचे।
एसडीएम ने रिश्वत की शिकायत पर बैंककर्मी को फटकार लगाई थी।
ग्रामीणों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
संवाद सूत्र, गढ़वा/रांची। बड़गड़ प्रखंड के कालाखजुरी गांव में पेंशन प्रकरण की जांच के दौरान सामने आए कथित रिश्वतखोरी के मामले ने मंगलवार की रात नया मोड़ ले लिया।
कालाखजुरी गांव की विधवा रंजू देवी ने आरोप लगाया कि बैंक अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराने के कुछ ही घंटे बाद मंगलवार रात करीब 7:45 बजे झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक, बड़गड़ शाखा के शाखा प्रबंधक कृष्ण कुमार तथा बैंक के मैसेंजर नंदलाल राम उर्फ हेमंत कुमार उसके घर पहुंच गए।
आरोप लगाया जा रहा है कि घर के अंदर लाइट बुझाकर शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने लगे। इसी दौरान ग्रामीणों को इसकी सूचना मिली। इसके बाद अर्जुन मिंज के नेतृत्व में कई ग्रामीण रंजू देवी के घर पहुंच गए।
ग्रामीणों ने शाखा प्रबंधक और मैसेंजर से सवाल किया कि रात के समय एक विधवा के घर पहुंचकर अंधेरे में किस उद्देश्य से बातचीत की जा रही है। आरोप है कि दोनों कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके और वहां से लौट गए।
इससे पहले मंगलवार को रंका एसडीएम और एलडीएम की मौजूदगी में जांच के दौरान रंजू देवी ने अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराई थी कि पति की मृत्यु के बाद बैंक खाते से लगभग 55 हजार रुपये निकालने के लिए बैंक के मैसेंजर नंदलाल राम उर्फ हेमंत कुमार ने पांच हजार रुपये रिश्वत की मांग की गई है।
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विरोध के बावजूद पांच हजार रुपये की निकासी कराई गई, जिसमें से तीन हजार रुपये अपने पास रख लिए गए। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम ने संबंधित बैंक कर्मी को कड़ी फटकार लगाई थी और बुधवार तक तीन हजार रुपये वापस करने का निर्देश दिया था।
साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी थी कि निर्धारित समय तक राशि वापस नहीं करने पर प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इधर, इस संबंध में पूछे जाने पर झारखंड राज्य ग्रामीण बैंक, बरगढ़ शाखा के शाखा प्रबंधक कृष्ण कुमार ने कहा कि वह मंगलवार को मेदिनीनगर में एक बैठक में थे।
उन्हें सूचना मिली कि एसडीएम और एलडीएम बैंक शाखा में जांच के लिए पहुंचे हैं। इसके बाद वह वापस बड़ुगड आए, लेकिन तब तक दोनों अधिकारी जा चुके थे। रंजू देवी के घर रात में जाने के संबंध में उन्होंने कहा कि शिकायत की जानकारी मिलने के बाद वह स्वयं को रोक नहीं पाए और पूरे मामले को समझने के लिए उनके घर चले गए थे।
इसी दौरान कुछ ग्रामीण वहां पहुंच गए और हंगामा करने लगे, जिससे बातचीत नहीं हो सकी। इसके बाद वह वहां से लौट आए। उन्होंने कहा कि मृतक रतन लकड़ा का केवाईसी एक माह पूर्व ही हो चुका था और इसकी सूचना बड़गड़ के मुखिया पति दिनेश लकड़ा के माध्यम से उनके स्वजन तक पहुंचा दी गई थी।
उनके अनुसार, स्वजन तत्काल राशि निकासी से इनकार करते हुए कहा था कि कार्रवाई पूरी होने के बाद ही पैसे की निकासी करेंगे। वहीं, रंजू देवी द्वारा लगाए गए रिश्वत मांगने और राशि रखने के आरोपों को शाखा प्रबंधक ने निराधार एवं बेबुनियाद बताया।
रात में शिकायतकर्ता के घर बैंक अधिकारियों के पहुंचने और शिकायत वापस लेने का दबाव बनाने के आरोप तथा शाखा प्रबंधक के स्पष्टीकरण के बाद पूरे क्षेत्र में मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
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