गढ़वा में घर में घुसकर नाबालिग से दुष्कर्म, कार्रवाई के नाम पर महिला थाना में सुलह करवाने का आरोप
गढ़वा में एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में महिला थाना पर एफआईआर दर्ज न कर सुलह का दबाव बनाने का आरोप लगा है। तीन महीने से अधिक समय तक कार्रवाई न हो ...और पढ़ें

गढ़वा में नाबालिग से दुष्कर्म, महिला थाना पर सुलह का आरोप।
HighLights
गढ़वा में नाबालिग से दुष्कर्म, महिला थाना पर सुलह का आरोप।
एसडीपीओ ने महिला थाना प्रभारी को कार्रवाई के निर्देश दिए।
संवाददाता जागरण, गढ़वा। गढ़वा महिला थाना के पुलिसिया संवेदनहीनता को शर्मसार करने वाला एक बेहद गंभीर मामला सामने आया है। यहां एक गांव में घर में अकेली पाकर एक युवक ने नाबालिग लड़की के साथ जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
हैरान करने वाली बात यह है कि जब पीड़िता इंसाफ की गुहार लेकर महिला थाना पहुंची, तो पुलिस ने आरोपी को सलाखों के पीछे भेजने के बजाय थाना में ही मामले को रफा-दफा कर दिया। मार्च महीने में हुई इस घटना के करीब तीन महीनों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी जब पुलिस ने केस दर्ज नहीं किया, तब थक-हारकर पीड़िता ने पुलिस के वरीय अधिकारियों का दरवाजा खटखटाया है।
जानकारी के अनुसार, गढ़वा थाना क्षेत्र के एक गांव की 13 वर्षीय नाबालिग लड़की अपने घर पर अकेली थी। उसकी मां बाजार गई हुई थी। इसी दौरान गांव का ही एक युवक राकेश उरांव ने उसके घर में आकर पहले नाबालिग से उसकी मां के बारे में पूछा और घर में किसी के न होने का फायदा उठाकर उसे दबोच लिया।
आरोप ने नाबालिग को घसीटते हुए चारपाई पर ले गया और उसके साथ जबरन दुष्कर्म किया। पीड़िता के रोने-चिल्लाने पर आरोपी ने उसका मुंह दबा दिया और जान से मारने तथा शादी करने का झांसा देकर किसी से कुछ भी न कहने की धमकी दी।
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घटना के बाद जब पीड़िता की मां घर लौटी, तो पीड़िता ने आपबीती सुनाई। इसके बाद जब मां-बेटी आरोपित के घर शिकायत करने पहुंचे, तो आरोपी के स्वजन ने उनके साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट का प्रयास किया।
न्याय न मिलता देख पीड़िता अपनी मां के साथ महिला थाना पहुंची और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता का आरोप है कि महिला थाना प्रभारी ने आरोपी राकेश को थाने बुलाया, जहां अपराध साबित होने के बाद भी पुलिस ने केस दर्ज करने के बजाय पीड़िता पर सुलह करने का दबाव बनाया। थाना प्रभारी ने यह दलील दी कि लड़का अब अपनी गलती मान रहा है, इसलिए मामला यहीं खत्म कर दो।
लेकिन पीड़िता लगातार मुकदमा दर्ज करने की मांग करती रही, फिर भी पुलिस ने उसकी एक न सुनी। मार्च महीने से लेकर अब तक पुलिस मामले को दबाए बैठी रही। पीड़िता को झांसा दिया गया कि कार्रवाई की जा रही है।
इस बीच जब पीड़िता ने 24 मई को कोर्ट में जाकर पता किया, तो उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसे मालूम हुआ कि थाना स्तर से इस मामले में कोई एफआईआर दर्ज ही नहीं की गई है। पुलिस की इस घोर लापरवाही और संवेदनहीनता से तंग आकर अब पीड़िता ने वरीय पुलिस अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाते हुए अविलंब प्राथमिकी दर्ज कराने और आरोपी की गिरफ्तारी की मांग की है।
इस मामले की जानकारी मिली है। महिला थाना प्रभारी को कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
-दिलू लोहार, एसडीपीओ, गढ़वा।