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    झारखंड पुलिस का 'हाईटेक प्रहार': तैयार हुआ 'C-360' सॉफ्टवेयर, एक क्लिक पर खुलेगी अपराधियों डिजिटल कुंडली

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 07:37 PM (IST)

    झारखंड पुलिस ने संगठित अपराध से निपटने के लिए 'C-360' सॉफ्टवेयर विकसित किया है, जो अपराधियों की डिजिटल कुंडली तैयार करेगा। ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. C-360 सॉफ्टवेयर से अपराधियों की डिजिटल कुंडली तैयार होगी

    2. अपराधियों के घरों की पहली बार हुई जीपीएस मैपिंग

    3. पलामू से शुरुआत, फिर पूरे झारखंड में होगा लागू

    जागरण संवाददाता, मेदिनीनगर (पलामू)। झारखंड पुलिस अब अपराधियों को पकड़ने के लिए सिर्फ मुखबिर तंत्र और पारंपरिक पुलिसिंग पर निर्भर नहीं रहेगी। संगठित अपराध के खिलाफ तकनीक को सबसे बड़ा हथियार बनाते हुए पुलिस ने ' सी-360 (क्राइम 360 डिग्री)' सॉफ्टवेयर तैयार किया है।

    इसके जरिए अपराधियों की ऐसी डिजिटल कुंडली तैयार की गई है, जिसमें उनके घर के लोकेशन से लेकर संपत्ति, सोशल मीडिया गतिविधियां, जमानतदार, पनाहगार और पूरे आपराधिक नेटवर्क की जानकारी एक क्लिक पर उपलब्ध होगी।

    पलामू रेंज के डीआईजी किशोर कौशल की पहल पर विकसित यह साफ्टवेयर सबसे पहले पलामू जिले में लांच किया जाएगा। इसके बाद इसे चरणबद्ध तरीके से पूरे झारखंड में लागू करने की योजना है। जुलाई के तीसरे सप्ताह से इसके पूर्ण रूप से कार्य करने की संभावना है।

    अपराधियों के घरों की पहली बार हुई जीपीएस मैपिंग

    सी-360 की सबसे खास बात यह है कि पुलिस ने पहली बार अपराधियों के घरों की जीपीएस मैपिंग कर उनकी लोकेशन को डिजिटल रिकार्ड में शामिल किया है। इतना ही नहीं, अपराधियों के पनाहगारों और जमानतदारों के घरों का भी अक्षांश और देशांतर दर्ज किया गया है।

    पुलिस ने अपराधियों के पास मौजूद वाहनों, उनकी चल-अचल संपत्तियों, रिश्तेदारों के ठिकानों और उनसे जुड़े लोगों का भी विस्तृत डाटा तैयार किया है। यह सॉफ्टवेयर अपराधियों के पूरे सामाजिक और आपराधिक नेटवर्क को एक प्लेटफॉर्म पर लाने का काम करेगा।

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    सोशल मीडिया से लेकर मुकदमों तक की रहेगी निगरानी

    सॉफ्टवेयर में अपराधियों के सोशल मीडिया अकाउंट्स और उनकी गतिविधियों को भी अपडेट किया जाएगा। उनके खिलाफ दर्ज मुकदमों, न्यायालय से जुड़े मामलों और आपराधिक इतिहास का पूरा रिकॉर्ड डिजिटल फॉर्मेट में उपलब्ध रहेगा। इससे पुलिस को अपराधियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखने में मदद मिलेगी।

    संगठित अपराध पर हाईटेक प्रहार

    फिलहाल पलामू, गढ़वा और लातेहार जिलों में सक्रिय संगठित अपराधियों का डाटा सॉफ्टवेयर में फीड किया जा चुका है। इसे पुलिस की मोबाइल एप से भी जोड़ा जा रहा है, ताकि फील्ड में मौजूद पुलिस अधिकारी मौके पर ही किसी अपराधी की पूरी प्रोफाइल देख सकें।

    पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, किसी बड़ी आपराधिक घटना के बाद आरोपितों और उनके नेटवर्क की जानकारी जुटाने में काफी समय लगता है। सी-360 के लागू होने के बाद यह प्रक्रिया कुछ ही मिनटों में पूरी हो सकेगी। इससे न केवल अपराधियों की निगरानी आसान होगी, बल्कि उनके खिलाफ त्वरित और प्रभावी कार्रवाई भी संभव हो सकेगी।

    क्यों खास है सी 360

    • अपराधियों की डिजिटल कुंडली तैयार होगी।
    • घरों की जीपीएस मैपिंग की गई है।
    • संपत्ति और वाहनों का पूरा ब्योरा उपलब्ध रहेगा।
    • जमानतदारों और पनाहगारों की भी होगी निगरानी।
    • सोशल मीडिया गतिविधियों पर पुलिस की नजर रहेगी।
    • पुलिस मोबाइल एप से जुड़ा होगा सॉफ्टवेयर।
    • पलामू से होगी शुरुआत, बाद में पूरे राज्य में होगा लागू।

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    सी-360 सॉफ्टवेयर अपराधियों का एक समेकित डिजिटल डाटाबेस है। इसमें अपराधियों के सोशल मीडिया, संपत्ति, परिवार, पनाहगार, जमानतदार और आपराधिक नेटवर्क से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां उपलब्ध रहेंगी। उन्होंने कहा कि डिजिटल डाटाबेस के आधार पर संगठित अपराधियों पर प्रभावी निगरानी रखने और उनके खिलाफ कार्रवाई करने में पुलिस को बड़ी मदद मिलेगी।

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    किशोर कौशल, डीआईजी, पलामू रेंज