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    श्रावणी मेला में बाबा भक्तों को मिलेगा शीघ्रदर्शनम का नया अनुभव, चार्ज होगा डबल; देवघर में अबकी पूरी व्यवस्था अलग

    Updated: Thu, 16 Jul 2026 06:19 PM (IST)

    देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर में शीघ्रदर्शनम कूपन धारकों के लिए नई समर्पित कतार प्रणाली श्रावणी मेला से शुरू होगी। यह व्यवस्था भक्तों का आधा घंटा समय ...और पढ़ें

    बाबा मंदिर प्रशासनिक भवन में श्रावणी मेला को लेकर पुलिस प्रशासन एवं पंडा धर्म रक्षिणी सभा और पंडा समाज की बैठक।

    बाबा मंदिर प्रशासनिक भवन में श्रावणी मेला को लेकर पुलिस प्रशासन एवं पंडा धर्म रक्षिणी सभा और पंडा समाज की बैठक।

    HighLights

    1. शीघ्रदर्शनम कूपन धारकों के लिए नई समर्पित कतार व्यवस्था।

    2. यह नई प्रणाली श्रावणी मेला से देवघर में शुरू होगी।

    3. भक्तों का आधा घंटा समय बचेगा, दर्शन अनुभव सुधरेगा।

    आरसी सिन्हा, देवघर। झारखंड के देवघर में द्वादश ज्योतिर्लिंग में एक बाबा बैद्यनाथ स्थापित हैं। देश की आध्यात्मिक नगरी में शुमार देवघर स्थित बाबा मंदिर में भक्तों की सुविधा को बेहतर बनाने का सतत प्रयास किया जा रहा है। यहां भीड़ से बचने, कम समय में पूजा करने के लिए शीघ्रदर्शनम कूपन लेकर पूजा करने की व्यवस्था है।

    एक साल में इस व्यवस्था से 14 लाख से अधिक भक्त पूजा करते हैं। मंदिर प्रशासन ने विशेष पहल करते हुए शीघ्रदर्शनम कूपन लेकर पूजा करने वाले भक्तों को डेडिकेटेड क्यू सिस्टम विकसित किया है। जिसकी शुरूआत 30 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावणी मेला से की जा रही है।

    सामान्य दिनों में कूपन का मूल्य तीन सौ रुपया होता है। मेला के समय कूपन का मूल्य छह सौ रुपया हो जाता है। शीघ्रदर्शनम के डेडिकेटेड लाइन से पूजा कराने की इस व्यवस्था से भक्तों का आधा घंटा का समय बचेगा।

    कारण क्यू सिस्टम अलग हो जाने से बाबा मंदिर के मुख्य द्वार फील पाया से 30 मीटर पहले टी-प्वाइंट पर सामान्य कतार के साथ शीघ्रदर्शनम कूपन वाले की कतार मिल जाती थी। इससे मंदिर तक पहुंचने में आधा घंटा का समय अधिक लग जाता था। अब यह समय बचेगा।

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    उससे भी अधिक सुकून उनकाे यह होगी कि सामान्य कतार वालों का ताना वह नहीं सुनेंगे। मंदिर प्रशासन ने इस नयी व्यवस्था को विकसित करने से पहले एक नया फुट ओवर तैयार कर लिया है। जिसका ट्रायल 20 जुलाई से होना है। कूपन लेकर पूजा करने वाले भक्त अब सहज महसूस करेंगे।

    नई व्यवस्था में फील पाया के पास मिलेगी दोनों कतार

    नई व्यवस्था जो शुरू हो रही है। उसमें सामान्य कतार अब संस्कार मंडप से सीधे नए फूट ओवर ब्रिज से फील पाया के पास रैंप से उतर जाएगी। शीघ्रदर्शनम की कतार अपने पुराने रूट पर चलकर फील पाया पहुंचकर बाबा मंदिर में प्रवेश करेगी। फील पाया के पास ही दोनों कतार एक होगी जो बाबा मंदिर का मुख्य द्वार होगा।

    क्या होगा बदलाव

    बदलाव यही हुआ कि पुरानी व्यवस्था में टी-प्वाइंट के पास ही कूपन वाली कतार और सामान्य कतार एक साथ हो जाती थी। अब दोनों कतार फील पाया के पास मिलकर एक कतार बनकर सीधे बाबा मंदिर के प्रवेश द्वार से मंझला खंड और गर्भगृह में प्रवेश कर जाएगी। शीघ्रदर्शनम कूपन लेने वालों को यह महसूस होगा कि उनके लिए डेडिकेटेड इंतजाम किया गया है।

    जिसकी आस वह सालों से लगाए बैठे थे। शीघ्रदर्शनम वाली कतार प्रशासनिक भवन के निर्धारित रूट से चलकर होल्डिंग प्वाइंट होते हुए पूर्व दिशा से आगे बढ़ेगी और फील पाया के रास्ते सीधे मुख्य मंदिर में प्रवेश कर जाएगी। किसी प्रकार का सामान्य कतार का व्यवधान नहीं होगा।

    शीघ्रदर्शनम कूपन से पूजा करने वाले भक्तों के लिए डेडिकेटेड लाइन की व्यवस्था श्रावणी मेला से शुरू हो रही है। मेला के समय कूपन की राशि छह सौ और सामान्य दिनों में तीन सौ रुपया है। शीघ्रदर्शनम की लाइन पहले टी प्वाइंट पर सामान्य कतार के साथ मिलकर एक हो जाती थी। अब दोनों कतार सीधे फील पाया के पास आकर मिलेगी। टी-प्वाइंट से फील पाया की दूरी तकरीबन 30 मीटर होगी। इस नयी व्यवस्था से भक्तों का क्यू में कम से कम आधा घंटा का समय बचेगा।
    -रवि कुमार, एसडीओ सह प्रभारी पदाधिकारी, बाबा मंदिर देवघर।