पाकुड़ में खनिज माफिया का आतंक: सरकारी तालाब से अवैध मिट्टी का खनन, विरोध करने पर ग्रामीणों को धमकी
महेशपुर के मोहबुना गांव में खनिज माफिया ने सरकारी तालाब से बिना अनुमति जेसीबी से हजारों रुपए की मिट्टी खोदकर बेच दी। इससे तालाब में गहरी खाई बन गई है, ...और पढ़ें
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संवाद सूत्र, महेशपुर (पाकुड़)। प्रखंड के मोहबुना गांव में स्थित सरकारी तालाब से खनिज माफिया ने बिना अनुमति के हजारों रुपए की मिट्टी खोद कर बेच डाली। मनमानी खुदाई से तालाब में बड़ी गहरी खाई बन गई हैं जिससे हादसे का खतरा बना हुआ है।
दूसरी ओर खनिज माफिया यहां की मिट्टी बेच कर हजारों रुपए कमा रहा है। यहां खनिज माफिया ने दिन के उजाले में जेसीबी मशीन लगाकर मिट्टी की खुदाई की और ट्रैक्टरों में भर कर सप्लाई की जिससे हर दिन बड़ी मात्रा में मिट्टी निकाली जाती रही।
स्थानीय लोगों ने शुरू में यह समझा कि शायद तालाब गहरीकरण का शासकीय कार्य चल रहा है लेकिन जब पूरी जानकारी ली तो असलियत समझ में आई कि यह खनिज माफिया का काम है। तब यहां के लोगों ने इसका विरोध शुरू किया। इसके बावजूद माफिया लोगों को धमकी देते हुए तालाब की खुदाई करते रहा।
विरोध करने पर माफिया से मिलती है धमकी
सिर्फ यही नहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि तलाब खुदाई का विरोध करने पर माफिया के द्वारा व्हाट्सएप कॉल पर धमकी भी दी जाती है। जिस कारण एक तरफ माफिया का हौसला बुलंद है, वहीं ग्रामीण मौन साधने में ही भलाई समझ रहे हैं।
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वहीं कुछ ग्रामीणों का यह भी आरोप है कि रसूखदार नेताओं के दबाव में प्रशासन ने आंखों में पट्टी बांध ली है। यही वजह है कि सरकारी तालाब की मिट्टी माफियाओं ने खुलेआम बेच डाली है। वही संबंधित प्रशासन की लापरवाही के कारण अभी तक किसी भी तरह का कार्रवाई नहीं की गई है। जिस कारण लोगों का भी प्रशासन के ऊपर से भरोसा उठ रहा है।
प्रशासन से जांच की मांग
स्थानीय ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग किया है कि संबंधित माफिया के खिलाफ जांच कर कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि आगे से सरकारी संपत्ति की किसी भी तरह नुकसान नहीं पहुंचे। इस संबंध में सीओ संजय कुमार सिन्हा ने बताया कि इस मामले की जांच कर्मचारी के द्वारा की जा रही है, जांच कर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।