Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    टाटा संस कर्जमुक्त, समूह का मुनाफा 1.7 लाख करोड़ तक पहुंचा; ईवी में टाटा मोटर्स की बादशाहत

    Updated: Tue, 28 Jul 2026 11:54 AM (IST)

    टाटा समूह ने वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 1.71 लाख करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ अर्जित कर नया इतिहास रचा, जिससे टाटा संस पूरी तरह कर्जमुक्त हो गई। समूह ...और पढ़ें

    टाटा समूह का रिकॉर्ड मुनाफा, टाटा संस हुआ कर्जमुक्त।

    टाटा समूह का रिकॉर्ड मुनाफा, टाटा संस हुआ कर्जमुक्त।

    HighLights

    1. टाटा समूह का शुद्ध लाभ 1.71 लाख करोड़ रुपये पहुंचा।

    2. टाटा संस पूरी तरह कर्जमुक्त हुई, भारी लाभांश।

    3. ईवी, स्टील, सेमीकंडक्टर में समूह का मजबूत प्रदर्शन।

    जागरण संवाददता, जमशेदपुर। टाटा समूह ने वित्त वर्ष 2025-26में अपने शानदार चौतरफा प्रदर्शन के दम पर नया इतिहास रच दिया है। स्टील, वाहन, साफ्टवेयर, विमानन और ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों में मजबूत मांग से समूह का कुल शुद्ध लाभ करीब 52 प्रतिशत बढ़कर रिकार्ड 1.71 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।

    इस बेहतरीन प्रदर्शन के साथ ही होल्डिंग कंपनी टाटा संस पूरी तरह कर्जमुक्त हो गई है। बोर्ड ने अपने शेयरधारकों के लिए 1,10,717 रुपये प्रति शेयर के भारी लाभांश (डिविडेंड) की सिफारिश की है।

    ईवी बाजार में टाटा मोटर्स की बादशाहत

    वाहन क्षेत्र में टाटा मोटर्स का प्रदर्शन दमदार रहा। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 3.41 लाख करोड़ रुपये का राजस्व अर्जित किया। टाटा मोटर्स के यात्री वाहन विभाग ने देश के इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) बाजार में 40 प्रतिशत से अधिक की बड़ी हिस्सेदारी पर अपना कब्जा बरकरार रखा है।

    कंपनी के नेक्सान और पंच माडल सबसे पसंदीदा इलेक्ट्रिक वाहनों में शीर्ष पर रहे। वहीं, वाणिज्यिक वाहन (सीवी) श्रेणी में कंपनी ने 55 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ भारी ट्रकों के बाजार में अपना नेतृत्व बनाए रखा।

    सहायक कंपनी टाटा आटोकाम्प सिस्टम्स के राजस्व में भी 70 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जिससे यह देश की दूसरी सबसे बड़ी आटो कंपोनेंट निर्माता बन गई है।

    टाटा स्टील ने दर्ज की रिकार्ड घरेलू डिलीवरी

    समूह की एक और प्रमुख कंपनी टाटा स्टील ने इस अवधि में उल्लेखनीय प्रगति की है। कंपनी ने वित्त वर्ष 2025-26 में 2.34 लाख करोड़ रुपये का राजस्व दर्ज किया। इसके साथ ही कंपनी ने भारतीय बाजार में अपनी अब तक की सबसे अधिक घरेलू डिलीवरी पूरी की है।

    जमशेदपुर समेत विभिन्न संयंत्रों में क्षमता विस्तार और आधुनिकीकरण पर निरंतर काम चल रहा है। स्टील उत्पादन में हरित ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए कंपनी ने अपने पहले स्क्रैप-आधारित इलेक्ट्रिक आर्क फर्नेस को भी सफलतापूर्वक चालू किया है।

    मजबूत हुआ टाटा संस का बही-खाता

    वार्षिक रिपोर्ट के अनुसार, टाटा संस का राजस्व सालाना आधार पर 9.1 प्रतिशत बढ़कर 42,367 करोड़ रुपये रहा, जबकि कर पश्चात लाभ (पीएटी) 21.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 31,961 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।

    खबरें और भी

    समूह स्तर पर कुल राजस्व 7.8 प्रतिशत बढ़कर 16.24 लाख करोड़ रुपये (लगभग 185 अरब डालर) पर पहुंच गया। समूह की कुल 26 सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 277 अरब डॉलर हो गया है, जिन्होंने निवेशकों को पिछले 10 वर्षों में बेहतरीन रिटर्न दिया है।

    भविष्य की तकनीकों पर बड़ा निवेश

    टाटा समूह ने भविष्य की तकनीकों पर अपना निवेश तेज कर दिया है। टाटा पावर ने 5,118 करोड़ रुपये का अपना अब तक का सर्वाधिक शुद्ध लाभ दर्ज किया है। वहीं, टाटा इलेक्ट्रानिक्स गुजरात के धोलेरा में भारत की पहली सेमीकंडक्टर चिप फैक्टरी का निर्माण कर रही है। विमानन क्षेत्र में एयर इंडिया ने चुनौतीपूर्ण वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद 71,870 करोड़ रुपये का राजस्व हासिल किया।

    टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने कहा कि समूह सेमीकंडक्टर, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआइ), कनेक्टिविटी, ऊर्जा और रक्षा जैसे रणनीतिक क्षेत्रों में बड़ा निवेश कर रहा है। यह निवेश वर्ष 2047 में भारत की स्वतंत्रता की शताब्दी तक देश को तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

    यह भी पढ़ें- टाटा स्टील में संगठनात्मक बदलाव: आशुतोष और विमल को नई जिम्मेदारी, तैराकी चैंपियनशिप में टाटा स्टील ओवरऑल चैंपियन

    यह भी पढ़ें- टाटा स्टील की ब्रिटेन सरकार को चेतावनी, सस्ते आयात से प्लांट बंद होने का खतरा; रोजगार पर बड़ा संकट