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Dhalbhumgarh Airport को जल्द मिलेगी हरी झंडी, केंद्रीय मंत्री ने दिया आश्वासन

Published: Tue, 08 Sep 2026 09:55 PM (IST)

जमशेदपुर के सांसद बिद्युत बरण महतो की केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात के बाद धालभूमगढ़ एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को गति मिलने की उम्मीद है।

केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार से दस्तावेज मिलते ही पर्यावरणीय स्वीकृति जारी करने का आश्वासन दिया है।

केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार से दस्तावेज मिलते ही पर्यावरणीय स्वीकृति जारी करने का आश्वासन दिया है।

HighLights

  1. धालभूमगढ़ एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को जल्द मिलेगी पर्यावरणीय स्वीकृति।

  2. केंद्रीय मंत्री ने राज्य सरकार से दस्तावेज मांगे हैं।

  3. हाथी-मानव संघर्ष रोकने को 500 करोड़ की योजना।

जागरण संवाददाता, जमशेदपुर। करीब छह वर्षों से लंबित धालभूमगढ़ एयरपोर्ट प्रोजेक्ट को अब जल्द रफ्तार मिलने की उम्मीद जगी है। 
 
जमशेदपुर के सांसद बिद्युत बरण महतो ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव से मुलाकात कर एयरपोर्ट की रुकी हुई पर्यावरणीय स्वीकृति (NOC) और चाकुलिया क्षेत्र में जारी मानव-हाथी संघर्ष पर विस्तृत चर्चा की। 
 
केंद्रीय मंत्री ने भरोसा दिया कि राज्य सरकार से जरूरी दस्तावेज प्राप्त होते ही मंत्रालय प्राथमिकता के आधार पर एनओसी जारी कर देगा।
 

प्रोजेक्ट की स्थिति और केंद्र का आश्वासन 

सांसद ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य सरकार द्वारा पिछले 11 महीनों से आवश्यक दस्तावेज न भेजे जाने के कारण प्रस्ताव अटका हुआ है। 
 
उन्होंने आग्रह किया कि यदि इस बार दस्तावेजों में कोई कमी पाई जाती है, तो प्रस्ताव वापस लौटाने के बजाय सीधे राज्य सरकार से जानकारी मंगा ली जाए, जिस पर मंत्री ने सहमति जताई। 
 
बैठक में मौजूद वन महानिदेशक सुशील अवस्थी ने बताया कि पीसीसीएफ झारखंड एटी मिश्रा के माध्यम से आवश्यक दस्तावेज मंगाकर परीक्षण प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाएगी।
 

6 साल से क्यों अटका है ₹100 करोड़ का प्रोजेक्ट? 

द्वितीय विश्व युद्ध के समय बने इस एयरफील्ड पर जनवरी 2019 में 100 करोड़ रुपये की लागत से नए एयरपोर्ट विकास की आधारशिला रखी गई थी। 
 
हालांकि, 2020 में पर्यावरण मंत्रालय की विशेषज्ञ समिति ने इसे एलिफेंट कॉरिडोर प्रभावित क्षेत्र बताते हुए वन स्वीकृति रोक दी थी। तब से यह मामला केंद्र और राज्य सरकार के बीच पत्राचार में फंसा हुआ है।
 

हाथी-मानव संघर्ष रोकने को 500 करोड़ की योजना 

बैठक के दौरान चाकुलिया व आसपास के क्षेत्रों में मानव-हाथी संघर्ष के स्थायी समाधान पर भी गहन मंथन हुआ। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और छत्तीसगढ़ में हाथी संरक्षण के लिए लगभग 500 करोड़ रुपये की योजना बनाई जा रही है। 
 
इसके लिए जल्द ही चारों राज्यों के उच्च अधिकारियों की संयुक्त अंतर्राज्यीय समन्वय बैठक बुलाई जाएगी।

सांसद के सुझाव पर वन महानिदेशक ने यह भी आश्वस्त किया कि हाथियों के प्राकृतिक वास को सुरक्षित रखने के लिए जंगलों में अव्यवहारिक पार्क व रिसॉर्ट निर्माण पर सख्त रोक लगाई जाएगी।

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