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    दलमा के जंगलों में एक करोड़ के इनामी माओवादी असीम मंडल की घेराबंदी, पुलिस मुख्यालय को रोज भेजी जा रही रिपोर्ट

    Updated: Sun, 09 Aug 2026 11:09 PM (IST)

    पूर्वी सिंहभूम के दलमा और आसपास के इलाकों में एक करोड़ के इनामी माओवादी असीम मंडल समेत अन्य दस्तों की मौजूदगी की सूचना पर पुलिस का विशेष अभियान जारी ह ...और पढ़ें

    दलमा में एक करोड़ के इनामी माओवादी असीम मंडल को लेकर चल रही कार्रवाई पर रोज मुख्यालय भेजी जा रही अभियान की रिपोर्ट।

    दलमा में एक करोड़ के इनामी माओवादी असीम मंडल को लेकर चल रही कार्रवाई पर रोज मुख्यालय भेजी जा रही अभियान की रिपोर्ट।

    जासं, जमशेदपुर । पूर्वी सिंहभूम जिले के दलमा और उससे सटे इलाकों में एक करोड़ रुपये के इनामी माओवादी असीम मंडल उर्फ आकाश समेत माओवादी दस्तों की मौजूदगी की गुप्त सूचना के बाद पुलिस का विशेष अभियान लगातार जारी है। 
     
    पुलिस मुख्यालय ने सख्त निर्देश दिया है कि जब तक क्षेत्र में सक्रिय माओवादी पकड़े नहीं जाते, आत्मसमर्पण नहीं करते या उनके खिलाफ कार्रवाई पूरी नहीं होती, तब तक अभियान बिना रुके जारी रखा जाए। 
     
    इसके तहत दलमा, गालूडीह और घाटशिला समेत आसपास के दुर्गम जंगल व पहाड़ी इलाकों में पुलिस की विशेष टीमें लगातार कांबिंग ऑपरेशन चला रही हैं।
     

    8 माओवादी दस्तों की हलचल, 3 राज्यों में समन्वय

    पुलिस सूत्रों के अनुसार, क्षेत्र में करीब आठ माओवादी दस्तों की गतिविधियों की सूचना को बेहद गंभीरता से लिया गया है। अभियान की दैनिक प्रगति और माओवादी गतिविधियों से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट प्रतिदिन सीधे पुलिस मुख्यालय को भेजी जा रही है। 
     
    माओवादियों की मजबूत घेराबंदी को लेकर झारखंड के अलावा पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल और ओडिशा के वरीय पुलिस अधिकारियों के बीच उच्चस्तरीय समन्वय बैठक भी हो चुकी है। तीनों राज्यों की सीमावर्ती गतिविधियों और संदिग्ध रास्तों पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
     

    वांटेड माओवादियों की तस्वीर लेकर जंगलों में तलाशी

    सर्च ऑपरेशन में जुटी पुलिस टीमों को वांटेड माओवादियों की तस्वीरें उपलब्ध कराई गई हैं। इन तस्वीरों के आधार पर पुलिस ग्रामीण इलाकों, छिपने के संभावित ठिकानों और आवाजाही के रास्तों की पहचान कर रही है। 
     
    पुलिस को पुख्ता सूचना मिली है कि वांटेड माओवादी रामदास मार्डी उर्फ सचिन अपने झुझका स्थित पैतृक घर पर आता-जाता रहा है, जहां उसकी पत्नी के भी साथ रहने की जानकारी है। 
     

    सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा कड़ी

    इस इनपुट के बाद उसके संभावित ठिकानों पर पुलिस की निगरानी और चौकसी काफी बढ़ा दी गई है। दलमा से लेकर गालूडीह और घाटशिला तक पुलिस का फोकस माओवादी दस्तों के छिपने के ठिकानों तक पहुंचने और उनकी रसद सप्लाई लाइन को काटने पर है। 
     
    झारखंड, बंगाल और ओडिशा के बीच बेहतर अंतरराज्यीय तालमेल से सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था अभेद्य बना दी गई है।
     
    जब तक इलाके से माओवादियों का पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता, यह बड़ा तलाशी अभियान लगातार जारी रहेगा।

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