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    बोकारो में 'बिजली' का बड़ा झटका: JBVNL ने घरेलू उपभोक्ता को भेजा ₹37 लाख का बिल, 5 लाख यूनिट देख उड़े होश

    Updated: Wed, 01 Jul 2026 07:10 PM (IST)

    Jharkhand Bijli Vitran Nigam Limited: बोकारो के कसमार में गणेश महतो को झारखंड बिजली विभाग ने तीन महीने का 37 लाख रुपये का बिल भेजा है, जिसमें 5 लाख यू ...और पढ़ें

    37 लाख रुपये का बिजली बिल देख उपभोक्ता परेशान।(एआइ फोटो)

    37 लाख रुपये का बिजली बिल देख उपभोक्ता परेशान।(एआइ फोटो)

    विकास गोस्वामी, कसमार(बोकारो)। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (JBVNL)की लापरवाही या बिलिंग सिस्टम की तकनीकी गड़बड़ी का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसे सुनकर हर कोई दंग है।

    बोकारो जिले के कसमार प्रखंड के गररी गांव निवासी गणेश महतो को विभाग ने 37,06,668 (करीब 37 लाख रुपये) का बिजली बिल थमा दिया है। इस भारी-भरकम बिल को देखकर न सिर्फ उपभोक्ता, बल्कि पूरा इलाका हैरान है।

    तीन महीने में 5 लाख यूनिट की 'असंभव' खपत

    विभागीय आंकड़ों की मानें तो इस बिल में 26 जनवरी 2026 से 29 अप्रैल 2026 के बीच कुल पांच लाख यूनिट बिजली की खपत दिखाई गई है। किसी भी सामान्य घरेलू उपभोक्ता के घर में एक फ्रिज, कुछ पंखे, बल्ब या टीवी होते हैं।

    ऐसे में मात्र तीन महीने के भीतर 5 लाख यूनिट से अधिक की बिजली खपत होना व्यावहारिक और तकनीकी रूप से पूरी तरह असंभव है। इतनी बिजली का उपयोग बड़े-बड़े औद्योगिक कारखानों में होता है, न कि किसी ग्रामीण घरेलू कनेक्शन पर।

    उपभोक्ता ने मार्च में ही चुकाया था पिछला बिल

    पीड़ित उपभोक्ता गणेश महतो ने बताया कि मार्च 2026 में ही अपने पिछले सारे बकाए बिजली बिल का भुगतान कर दिया था। इसके बावजूद विभाग ने अचानक लाखों रुपये का नया बिल जारी कर दिया। इस घटना के बाद से बिजली विभाग की ऑटोमैटिक बिलिंग प्रणाली और मीटर रीडरों की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

    गलत बिल के कारण उपभोक्ता और उनका परिवार भारी मानसिक तनाव से गुजर रहा है। स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसी बड़ी और गंभीर त्रुटियों को नहीं सुधारा गया, तो आम जनता का बिजली विभाग पर से भरोसा पूरी तरह उठ जाएगा।

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    पीड़ित उपभोक्ता ने विभाग के उच्च अधिकारियों से इस बिल की तत्काल जांच करने, इसे सुधार कर सही बिल जारी करने और इस लापरवाही के लिए जिम्मेदार कर्मियों पर कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।

    उपभोक्ता को घबराने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। वे विभाग को इस गड़बड़ी के संबंध में एक लिखित आवेदन दे दें। आवेदन मिलते ही मीटर और उसकी रीडिंग की गहन जांच करवाई जाएगी और जो भी त्रुटि होगी, उसे दुरुस्त कर जल्द ही सही बिल जारी कर दिया जाएगा। - अमित कुमार, सहायक अभियंता (एसडीओ), विद्युत विभाग, जैनामोड।

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