रेवाड़ी में बावल इंडस्ट्रियल एरिया में धमाके के साथ भड़की आग! 10 दिन में दूसरी फैक्ट्री में कांड से मचा हड़कंप
रेवाड़ी के बावल औद्योगिक क्षेत्र में जीएलएस फैक्ट्री में भीषण आग लग गई, जिससे लाखों का सामान जलकर खाक हो गया। यह 10 दिनों में दूसरी घटना है, जिसने औद् ...और पढ़ें

बावल औद्योगिक क्षेत्र स्थित फैक्ट्री में लगी आग। फोटो: जागरण
HighLights
बावल औद्योगिक क्षेत्र की जीएलएस फैक्ट्री में भीषण आग लगी
शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका, लाखों का नुकसान हुआ
10 दिनों में दूसरी घटना, औद्योगिक सुरक्षा पर उठे सवाल
जागरण संवाददाता, रेवाड़ी। जिले के बावल औद्योगिक क्षेत्र में एक बार फिर भीषण आग लगने से हड़कंप मच गया। महज 10 दिनों के भीतर दूसरी फैक्ट्री में आग की घटना ने औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
गनीमत यह रही कि आग की लपटें देख फैक्ट्री के सभी कर्मचारी बाहर भाग गए। सूचना मिलते ही रेवाड़ी, बावल व मानेसर से 10 से अधिक दमकल की गाडियां मौके पर पहुंच बचाव कार्य में जुट गई। फिलहाल किसी कर्मचारी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है। बावल एसडीएम व भारी पुलिस बल भी मौके पर पहुंच गया है।

दोपहर 12 बजे धमाके के साथ लगी आग
जानकारी के अनुसार बावल औद्योगिक क्षेत्र के सेक्टर पांच में स्थित जीएलएस फैक्ट्री में दोपहर करीब 12 बजे अचानक तेज धमाके के साथ आग भड़क उठी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया।
आग इतनी भीषण थी कि फैक्ट्री में रखा कच्चा माल, मशीनें और तैयार सामान जल गया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गई। हालांकि शुरूआत में आसपास की फैक्ट्रियों में लजजगी फायर सेफ्टी सिस्टम से आग पर काबू पाने का प्रयास किया गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शार्ट सर्किट माना जा रहा है, हालांकि आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
खबरें और भी

10 दिन पहले दूसरी फैक्ट्री में लगी थी आग
दरअसल, इससे पहले भी करीब 10 दिन पहले छह मई को औद्योगिक क्षेत्र के इसी सेक्टर में एक अन्य फैक्ट्री में भी भीषण आग लगी थी, जिसमें लाखों रुपये का नुकसान हुआ था। लगातार आग लगने की घटनाओं से उद्योग संचालकों और प्रशासन दोनों की चिंता बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों और श्रमिकों का कहना है कि कई फैक्ट्रियों में फायर सेफ्टी के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जिसकी वजह से ऐसे हादसे बार-बार हो रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से औद्योगिक क्षेत्र में सख्त सुरक्षा जांच अभियान चलाने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।