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    रेवाड़ी नगर परिषद में बड़ा घोटाला: 4 अस्पताल और एक मॉल को गुपचुप NOC जारी, नॉर्म्स ताख पर; गायब फाइलों की जांच शुरू

    Updated: Sun, 01 Mar 2026 10:45 PM (IST)

    रेवाड़ी नगर परिषद में कार्यकाल समाप्त होने के बाद अनियमितताओं का खुलासा हुआ है। जनवरी-फरवरी के बीच चार निजी अस्पतालों और एक मॉल को नियमों का उल्लंघन क ...और पढ़ें

    नगर परिषद कार्यालय रेवाड़ी।

    नगर परिषद कार्यालय रेवाड़ी।

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    मुकेश शर्मा, रेवाड़ी। नगर परिषद का कार्यकाल समाप्त होने के बाद लगातार अनियमितताओं के मामले उजागर हो रहे हैं। ताजा मामला नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) से जुड़ा हुआ है।

    एक माह के अंतराल में नगर परिषद की तरफ से चार निजी अस्पताल और एक माॅल को नियमों को ताख पर रख एनओसी जारी कर दी गई, जबकि यह निजी अस्पताल और माल किसी भी नाॅर्म्स को पूरा नहीं कर रहे थे।

    इसी वजह से इनकी एनओसी की फाइलें दो-तीन सालों से पेंडिंग थी। इतना ही नहीं दो अस्पतालों को छोड़कर बाकी सभी की फाइलें तक गायब है। साथ ही नगर परिषद कार्यालय से डिस्पैच रजिस्टर भी गायब है।

    नाॅर्म्स पूरे किए बिना ही एनओसी जारी कर दी

    दरअसल, दिल्ली रोड स्थित मार्स अस्पताल, सरकुलर रोड स्थित सावित्री अस्पताल, मिनी बाईपास स्थित सुपर प्राइम अस्पताल, माॅडल टाउन स्थित एक निजी अस्पताल के अलावा बाईपास स्थित एक माल की एनओसी नगर परिषद में काफी समय से पेंडिंग थी।

    नगर परिषद के सूत्रों के अनुसार, इन्हें एनओसी इसलिए नहीं मिल पा रही थी, क्योंकि यह एनओसी के लिए जरूरी नाॅर्म्स को पूरा नहीं कर रहे थे। मगर जनवरी से 14 फरवरी के बीच इन्हें गुपचुप तरीके से नाॅर्म्स पूरे किए बिना ही एनओसी जारी कर दी गई।

    कार्यकारी अधिकारी को नोटिस जारी 

    हैरानी की बात यह है कि एक अस्पताल का न तो नक्शा पास है और न ही प्राॅपर्टी आईडी बनी है जबकि एक निजी अस्पताल की एनओसी की फाइल पर जेई की तरफ से बकायदा लिखित में भवन को अस्वीकृत किया हुआ है। उसके बावजूद इन्हें एनओसी जारी करना गड़बड़ी की तरफ साफ इशारा कर रहे हैं।

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    एक निजी अस्पताल को एनओसी जारी करने के मामले में बकायदा प्रदूषण बोर्ड की तरफ से नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी को नोटिस जारी किया गया है। एक और हैरानी की बात यह है कि नगर परिषद में सिर्फ दो अस्पतालों की फाइलें ही हैं, जबकि बाकी फाइलें गायब है। डिस्पैच रजिस्टर तक गायब है।

    जेई और अकाउंटेंट सस्पेंड और ईओ हो चुके ट्रांसफर

    बता दें कि हाल में नगर परिषद के जेई हैप्पी और अकाउंटेंट जितेंद्र को सस्पेंड किया गया था। इतना ही नहीं 16 फरवरी को कार्यकारी अधिकारी (ईओ) सुशील भुक्कल का ट्रांसफर कर दिया गया था। यह मामला जेई हैप्पी के चार माह के अवैतनिक अवकाश पर जाने के बावजूद दो माह का वेतन जारी करने से जुड़ा था। दरअसल, नगर परिषद का कार्यकाल 17 जनवरी को समाप्त हो गया था। उसके बाद बतौर प्रशासक एसडीएम रेवाड़ी सुरेश कुमार कार्यभार संभाल रहे हैं। लेकिन कार्यकाल समाप्त होने के बाद अनियमितताओं के मामले भी लगातार उजागर हो रहे हैं।

    "कुछ निजी अस्पतालों और एक माल को गुपचुप तरीके से एनओसी जारी करने का मामला मेरे संज्ञान में आया है। मैंने ईओ को पत्र लिखा है। मामले की जांच कराकर संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।"

    -ब्रह्मप्रकाश अहलावत, डीएमसी।

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