Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    गुरुग्राम में 227 जगह मिला डेंगू मच्छर का लार्वा, समय रहते कार्रवाई से नए मरीजों पर लगी रोक

    Updated: Thu, 02 Jul 2026 01:55 AM (GMT+05:30)

    गुरुग्राम में बरसात के साथ डेंगू का खतरा बढ़ा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से संक्रमण नियंत्रण में है। लार्वा खोज अभियान में 227 स्थानों पर ड ...और पढ़ें

    समय रहते कार्रवाई से नए मरीजों पर लगी रोक। (AI Generated Image)

    समय रहते कार्रवाई से नए मरीजों पर लगी रोक। (AI Generated Image)

    HighLights

    1. गुरुग्राम में 227 स्थानों पर मिला डेंगू का लार्वा।

    2. स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से डेंगू संक्रमण नियंत्रण में।

    3. अब तक केवल चार डेंगू और तीन मलेरिया के मामले।

    जागरण संवाददाता, गुरुग्राम। जिले में बरसात के साथ डेंगू का खतरा बढ़ने लगा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग की सक्रियता से फिलहाल संक्रमण पर नियंत्रण में है। लार्वा खोज अभियान के दौरान अब तक 35,552 पानी के कंटेनरों की जांच में 227 स्थानों पर डेंगू फैलाने वाले मच्छरों का लार्वा मिला।

    इसके अलावा 58 घरों में भी लार्वा मिलने पर स्वास्थ्य टीमों ने मौके पर ही कूलर और पानी से भरे बर्तनों को खाली कराकर दवा का छिड़काव किया। बुधवार नगर निगम अधिनियम के तहत लापरवाही बरतने वालों को दो नोटिस भी जारी किए गए। अब तक 587 संबंधित लोगों को नोटिस थमाए जा चुके हैं।

    स्वास्थ्य विभाग की रैपिड फीवर मास सर्वे टीमों ने 6,912 घरों में पहुंचकर बुखार से पीड़ित लोगों की जानकारी जुटाई। जिसमें अर्बन एरिया में 3216 और रूरल एरिया में 3696 घर शामिल हैं।

    बुधवार को नहीं मिला नया मरीज

    इस दौरान 18 लोगों के रक्त नमूने डेंगू जांच के लिए गए। विभाग के अनुसार जिले में अब तक 526740 घरों का सर्वे किया जा चुका है। जबकि 2,116 सैंपलों की लैब जांच और 157 रैपिड टेस्ट किए जा चुके हैं।

    अब तक डेंगू के केवल चार और तीन मलेरिया के मामलों की पुष्टि हुई है। राहत की बात यह रही कि बुधवार को भी कोई नया मरीज मिला। 

    यह भी पढ़ें- हरियाणा में अब प्राइवेट अस्पतालों और लैब्स की नहीं चलेगी मनमानी, स्वास्थ्य विभाग ने तय की डेंगू टेस्ट की कीमत

    यह भी पढ़ें- आईआईटी खड़गपुर ने बनाया 'क्लाईमेड मॉडल', डेंगू के जोखिम का करेगा सटीक आकलन

    डेंगू के खिलाफ जीत के लिए आम लोगों की सहभागिता बेहद जरूरी है। लोगों से अपील की है कि घरों और आसपास पानी जमा न होने दें, कूलर व टंकियों की नियमित सफाई करें तथा बुखार आने पर तुरंत जांच कराकर इलाज शुरू कराएं।

    -

    डॉ. जयप्रकाश राजरीवाल, जिला मलेरिया अधिकारी, गुरुग्राम।

    खबरें और भी