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FIFA World Cup 2026 का सबसे बड़ा उलटफेर, केप वेर्डे के आगे रो दिए यूरोप के चैंपियंस

Updated: Tue, 16 Jun 2026 07:25 AM (IST)

फीफा विश्व कप 2026 में केप वेर्डे ने यूरोपीय चैंपियन स्पेन को 0-0 से ड्रॉ पर रोककर इतिहास रच दिया। स्पेन ने गेंद पर 74% कब्जा रखा, लेकिन केप वेर्डे ने जोस मोरिन्हो की रणनीति अपनाते हुए मजबूत रक्षात्मक खेल दिखाया।

FIFA World Cup 2026: पूर्व विश्व चैंपियन स्पेन को झटका

FIFA World Cup 2026: पूर्व विश्व चैंपियन स्पेन को झटका

HighLights

  1. पूर्व विश्व चैंपियन स्पेन को झटका

  2. 5.50 लाख की आबादी वाले केप वेर्डे ने 2010 की चैंपियन को गोल रहित ड्रॉ पर खेला

  3. केप वेर्डे के गोलकीपर वोजिन्हा ने स्पेन के खिलाफ 7 शानदार बचाव किए

डिजिटल डेस्क, जागरण दिल्ली। FIFA World Cup 2026 Spain vs Cape Verdeसाल 2020 में दिग्गज फुटबॉल कोच जोस मोरिन्हो की उस वक्त की टीम टाटनहम हाट्सपर ने इंग्लिश प्रीमियर लीग के एक अहम मैच में मैनचेस्टर सिटी को 2-0 से हरा दिया। इस मैच में सिटी ने 65 प्रतिशत से ज्यादा वक्त तक गेंद अपने कब्जे में रखी थी। मैच के बाद मोरिन्हो से जब इस पर सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा था कि वो गेंद अपने साथ घर ले जा सकते हैं, हमने तीन अंक ले लिए। आप मानें या ना मानें लेकिन 5.50 लाख की जनसंख्या वाले केप वेर्डे की फुटबॉल टीम स्पेन के खिलाफ अपने डेब्यू फीफा विश्व कप मैच से पहले शायद मोरिन्हो की यही बात गांठ बांधकर आई थी।

मौजूदा यूरोपियन चैंपियन स्पेन की टीम ने अपने पहले ग्रुप चरण गेम में केप वेर्डे को सिर्फ 26 प्रतिशत वक्त तक गेंद अपने पास रखने दी, लेकिन इसके बावजूद वो मैच में एक भी गोल नहीं कर पाए। केप वेर्डे की टीम ने मोरिन्हो के खेलने के तरीके को पूरी तरह से आत्मसात कर लिया था। ठीक उसी अंदाज में गेंद छिनते ही पूरी टीम रक्षात्मक हो जाती और जैसे ही गेंद मिलती सारे एक साथ स्पेन के हाफ की ओर दौड़ पड़ते।

टीम की इस रणनीति को सफलतापूर्वक कागज से मैदान तक उतारने के लिए केप वेर्डे के मैनेजर बुबिस्तो की भी प्रशंसा करनी होगी, खुद वो भले बहुत ऊंचे स्तर तक नहीं खेल पाए लेकिन उनकी कोचिंग में केप वेर्डे लगातार कमाल का खेल दिखा रही है। जार्जिया के अटलांटा स्टेडियम में हुए इस मैच में स्पेन की टीम जीत की हकदार बनकर तीन अंक लेने आई थी, लेकिन केप वेर्डे ने यहां उन्हें गेंद पर कब्जा और मायूसी के अलावा कुछ नहीं लेने दिया।

FIFA World Cup 2026: स्पेन के खिलाफ केप वेर्डे ने खेला ड्रॉ

स्पेन के पास विश्व रैंकिंग में 67वें नंबर की टीम केप वेर्डे की पूरी जनसंख्या से कई गुना ज्यादा रजिस्टर्ड फुटबालर हैं। जी हां, स्पेन में अलग-अलग स्तरों पर विधिवत फुटबॉल खेलने वालों की संख्या 10 लाख के पार है। इनमें कई हजार तो पेशेवर रूप से फुटबाल खेलते हैं।

इस मैच में भी स्पेन ने जो टीम उतारी, उसका कोई भी खिलाड़ी दुनिया की किसी भी टीम में जगह बना सकता है। लेकिन ये सारे खिलाड़ी मिलकर भी बुबिस्तो की रणनीति, केप वेर्डे के खिलाड़ियों के ना टूटने वाले हौसले और उनके 40 वर्षीय गोलकीपर वोजिन्हा के जान लड़ा देने वाले समर्पण से पार नहीं पा सके। जीवनभर छोटे-छोटे क्लबों के लिए खेलने वाले केप वेर्डे के गोलकीपर वोजिन्हा ने दुनिया के सबसे बड़े मंच पर जो फुर्ती और लचीलापन दिखाया वो दुनिया हमेशा याद रखेगी।

कैसा रहा मैच का हाल?

पहले हाफ की बात करें तो मैच के पहले मिनट से ही स्पेन ने अपना दबदबा बनाने की कोशिश की, लेकिन केप वर्दे के खिलाड़ियों ने कमाल का डिफेंस किया। 23वें मिनट में हाइड्रेशन ब्रेक तक खेल काफी हद तक केप वेर्डे की योजना के अनुसार ही आगे बढ़ा।

इसके बाद दूसरे हाफ में स्पेन ने जीत दर्ज करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन केप वेर्डे का डिफेंस अटूट रहा। इंजरी टाइम (90+6) तक स्पेन लगातार हमले करता रहा, लेकिन गोल का सूखा खत्म नहीं हो सका। इस तरह केप वेर्डे ने विश्व कप डेब्यू में यूरोपीय चैंपियन स्पेन को 0-0 की बराबरी पर रोक दिया। विश्व कप में केप वेर्डे का ये परिणाम किसी जीत से कम नहीं रहा।

गोलकीपर वोजिन्हा का ऐतिहासिक कारनामा

केप वेर्डे के लिए ये एक ऐतिहासिक पल था, जबकि उनके गोलकीपर वोजिन्हा के लिए बड़ी रात थी। 40 साल की उम्र में वोजिन्हा वर्ल्ड कप डेब्यू करने वाली इतिहास के दूसरे सबसे उम्रदराज खिलाड़ी बन गए हैं। उनसे उम्रदराज केवल मिस्र के पूर्व गोलकीपर एसम एल हदारी थे, जिन्होंने 2018 में 45 साल की उम्र में अपना डेब्यू किया था। 2012 में शुरू हुए अपने अंतरराष्ट्रीय करियर में  वोजिन्हा 90 मैच खेलने के साथ देश के सबसे प्रभावशाली फुटबॉलरों में से एक बन गए हैं।

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