FIFA World Cup 2026: जापानी फैंस ने किया दिल जीतने वाला काम, कोच मोरियासु की रणनीति भी बनी चर्चा का विषय
जापान के प्रशंसकों ने फीफा विश्व कप मैच के बाद स्टेडियम की सफाई कर एक बार फिर दुनिया का दिल जीता, जो उनकी पुरानी परंपरा है। वहीं, जापानी कोच हाजिमे मोरियासु ने खिलाड़ियों को निर्देश देने के लिए व्हाइटबोर्ड का अनोखा इस्तेमाल किया, जिसने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी।

जापानी फैंस ने जीता दिल
HighLights
जापानी प्रशंसकों ने फीफा मैच के बाद स्टेडियम साफ किया
यह परंपरा 1998 से हर विश्व कप में निभाई जा रही है
कोच मोरियासु ने व्हाइटबोर्ड से खिलाड़ियों को निर्देश दिए
एपी, अर्लिंगटन: फीफा विश्व कप में जापान और नीदरलैंड्स के बीच मुकाबला 2-2 की रोमांचक बराबरी पर समाप्त हुआ, लेकिन मैच के बाद जापानी प्रशंसकों ने एक बार फिर अपने अनुशासन और सामाजिक जिम्मेदारी से दुनिया का दिल जीत लिया।
जहां अधिकांश प्रशंसक मैच खत्म होते ही जश्न मनाते हुए स्टेडियम से निकल जाते हैं, वहीं जापानी समर्थकों ने अपनी पुरानी परंपरा निभाते हुए स्टैंड में फैला कचरा उठाकर पूरे क्षेत्र की सफाई की। मैच के दौरान यही नीले रंग के बैग जापानी प्रशंसकों के उत्साह का प्रतीक बने हुए थे।
नई नहीं है बात
जापानी प्रशंसकों की यह अनूठी परंपरा कोई नई नहीं है। पहली बार 1998 फ्रांस विश्व कप में दुनिया का ध्यान इस ओर गया था, जब जापान के समर्थकों ने मैच समाप्त होने के बाद स्टेडियम की सफाई की थी। इसके बाद से हर विश्व कप में वे इस परंपरा को निभाते आ रहे हैं। कतर में 2022 विश्व कप के दौरान भी जापानी समर्थकों की सफाई अभियान की तस्वीरें और वीडियो पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बने थे।
जापानी कोच का अनोखा अंदाज
जापान अपनी अनोखी सोच और नवाचारों के लिए जाना जाता है और फीफा विश्व कप 2026 में उसकी फुटबॉल टीम के मुख्य कोच हाजिमे मोरियासु ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है। नीदरलैंड्स के विरुद्ध मैच में मोरियासु खिलाड़ियों को निर्देश देने के लिए हाथ में पकड़े व्हाइटबोर्ड का इस्तेमाल करते नजर आए, जिस पर बड़े-बड़े अंक लिखे हुए थे।
मोरियासु मैच के अंतिम मिनटों में तीन से लेकर एक तक के अंक खिलाड़ियों को दिखाते दिखाई दिए। मोरियासु की इस रणनीति ने इंटरनेट मीडिया पर बहस छेड़ दी। कई प्रशंसकों ने इसे भीड़भाड़ और शोरगुल वाले स्टेडियम में संवाद का बेहद प्रभावी तरीका बताया। एक प्रशंसक ने लिखा, जब दृश्य संकेत अधिक स्पष्ट हो सकते हैं तो कोच को चिल्लाने की क्या जरूरत है?
वहीं कुछ लोगों ने अनुमान लगाया कि बोर्ड पर दिखाए गए अंक टीम की विशेष रणनीतियों और योजनाओं के लिए कोड थे। हालांकि मोरियासु ने अब तक इन अंकों का वास्तविक मतलब नहीं बताया है, लेकिन उनका यह पुराना और सरल तरीका विश्व कप के सबसे चर्चित किस्सों में शामिल हो गया है।

