'वहां भी अच्छी और बुरी चीजें...', Dhurandhar को 'प्रोपेगेंडा' कहने वालों को R Madhavan का करारा जवाब
अभिनेता आर माधवन (R Madhavan) ने ब्लॉकबस्टर फिल्म धुरंधर (Dhurandhar) को प्रोपेगेंडा बताने वालों को जवाब दिया है। ...और पढ़ें

धुरंधर को प्रोपेगेंडा बताने पर क्या बोले आर माधवन। फोटो क्रेडिट- एक्स

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। आदित्य धर की ब्लॉकबस्टर फिल्में धुरंधर (Dhurandhar) और धुरंधर: द रिवेंज (Dhurandhar: The Revenge) यूं तो बॉक्स ऑफिस पर खूब सफल रही थीं, लेकिन इन फिल्मों को प्रोपेगेंडा भी बताया गया था।
फिल्म में अजय सान्याल की भूमिका निभाने वाले आर माधवन (R Madhavan) ने अब इसे प्रोपेगेंडा बताने वालों को करारा जवाब दिया है। उनसे 'रॉकेट्री: द नंबी इफेक्ट' के बारे में भी बात की जिसके बारे में कई लोगों का कहना था कि उसमें भारतीय होने पर बहुत ज्यादा जोर दिया गया था।
धुरंधर को प्रोपेगेंडा बताने पर दिया जवाब
गलाटा प्लस के साथ बातचीत में आर माधवन ने कहा, "मुझे समझ नहीं आता कि भारतीय होने को गलत कैसे माना जा सकता है। 'बहुत ज्यादा भारतीय' होने का क्या मतलब है? मुझे नहीं पता। क्या खुद को 'बहुत ज्यादा भारतीय' दिखाना ठीक नहीं है? मुझे नहीं पता। मेरी सोच ऐसी नहीं है। मैंने बस वही दिखाया। यह कोई राजनीतिक बयान भी नहीं है। 'धुरंधर' पाकिस्तान पर आधारित थी। वहां भी अच्छी और बुरी चीजें होती हैं, ठीक वैसे ही जैसे भारत में होती हैं। इसलिए मुझे समझ नहीं आता कि इसमें प्रोपगैंडा क्या है।"

4 साल पुरानी फिल्म का किया बचाव
'रॉकेट्री: द नंबी इफेक्ट' का बचाव करते हुए आर माधवन ने कहा, "नाम्बी सर (एयरोस्पेस साइंटिस्ट नाम्बी नारायणन) के मामले में मैंने बस वही दिखाया जो उनकी जिंदगी में हुआ था। अगर मैं यह दिखाने से डरूं कि वे असल में कैसे हैं, तो मैं कहानी के साथ ईमानंदारी कैसे बरत सकता हूं? वे ऐसे व्यक्ति हैं जो मंदिर जाते हैं। वहीं दूसरी ओर जीडी नायडू (इन्वेंटर और इंजीनियर) नास्तिक हैं। इसलिए हम फिल्म में ऐसी चीजें (उनका मंदिर जाना) नहीं दिखा सकते। मुझे उस किरदार के प्रति सच्चा रहना होगा।"
आर माधवन ने कहा कि उनकी राय यह है कि वह भारत की सभी अच्छी बातों को और बेहतर बनाना चाहता हूं। यह कोई अपराध नहीं हो सकता है। बता दें कि इन दिनों माधवन अपनी लेटेस्ट रिलीज फिल्म GDN को लेकर सुर्खियां बटोर रहे हैं।