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Mukesh का 60 साल पुराना गाना जो तोड़ता है 'दौलत का घमंड', बॉलीवुड में आज भी अमर है राज कपूर का कल्ट गीत

Published: Thu, 10 Sep 2026 05:49 PM (IST)Updated: Thu, 10 Sep 2026 11:10 PM (IST)

मुकेश का 60 साल पुराना एक गाना जिंदगी का फलसफा बताता है। इसमें राज कपूर ने मुख्य भूमिका निभाई थी।

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एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। मुकेश (Mukesh) को बॉलीवुड में अपने दर्द भरे नगमे और रुहानी आवाज के लिए जाना जाता है। इसी एक वजह के कारण उन्हें द वॉइस ऑफ सैडनेस (Voice of Sadness) भी कहा जाता था।

उनके गम और तनहाई के गीत काफी ज्यादा प्रसिद्ध हुए जिनमें 'कहीं दूर जब दिन ढल जाए', 'जिंदगी ख्वाब है' और 'एक दिन बिक जाएगा माटी के मोल' आदि शामिल हैं।

गाने सोचने पर कर देते हैं मजबूर

मुकेश ने महान अभिनेता राज कपूर (Raj Kapoor) के लिए कई सदाबहार और लोकप्रिय गाने गाए, जिनमें 'आवारा हूं' (Aawara Hu) और 'मेरा जूता है जापानी' (Mera Joota Hai Japani) आदि शामिल हैं। आज आपको मुकेश के एक ऐसे ही गीत के बारे में बताने वाले हैं जो दौलत का घमंड पल भर में चूर- चूर कर देता है।

Raj  Kapoor

हम बात कर रहे हैं साल 1966 में रिलीज हुई फिल्म 'तीसरी कसम' (Teesri Kasam) की। इसमें राज कपूर (Raj Kapoor) और वहीदा रहमान (Waheeda Rehman) ने लीड रोल प्ले किया था। इसका गाना सजन रे झूठ मत बोलो (Sajan Re Jhoot Mat Bolo) काफी ज्यादा पॉपुलर हुआ था। इस गाने को मशहूर गीतकार शैलेन्द्र ने लिखा था और मुकेश ने अपनी जादुई आवाज में इसे गाया था। शंकर-जयकिशन ने इसमें संगीत दिया था।

गाने में छिपी है जिंदगी की सीख

गीत के माध्यम से ये बताने की कोशिश की गई है कि इंसान को कभी भी अपनी संपत्ति,धन या महलों का घमंड नहीं करना चाहिए। अंत में इंसान को खाली हाथ और अकेले ही इस दुनिया से जाना होता है। बड़े-बड़े महल और चौबारे यहीं धरे के धरे रह जाते हैं। एक तरह से गाना आपको पल भर में जिंदगी की सच्चाई दिखा देता है।

तीसरी कसम का निर्देशन बासु भट्टाचार्य ने किया था। इसमें राज कपूर ने हीरामन नाम के भोले बैलगाड़ी वाले का किरदार निभाया था, जबकि वहीदा रहमान हीराबाई बनी थीं। फिल्म फणीश्वरनाथ रेणु की कहानी ‘मारे गए गुलफाम' पर आधारित थी।

फिल्म तीसरी कसम को बॉलीवुड की कल्ट फिल्मों में गिना जाता है। फिल्म को 1967 में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय पुरस्कार मिला था। इसके कई अन्य गाने भी खूब पॉपुलर हुए थे।

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