'अंग्रेजों के सम्मान में लिखा गया...' Mukesh Khanna ने जन गण मन पर फिर की टिप्पणी, भड़के लोग
अभिनेता मुकेश खन्ना ने 'जन गण मन' को ब्रिटिश शासन से जुड़ा बताकर 'वंदे मातरम' को राष्ट्रगान बनाने की मांग ...और पढ़ें
-1787492631000_m.webp)
एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। 'शक्तिमान' (Shaktimaan) और 'महाभारत' (Mahabharat) जैसे मशहूर शो में यादगार भूमिकाओं के लिए पहचाने जाने वाले अनुभवी एक्टर-प्रोड्यूसर मुकेश खन्ना (Mukesh Khanna) ने एक बार फिर भारत के राष्ट्रगान को लेकर बहस छेड़ दी है। एक्टर ने मांग की है कि देश के राष्ट्रगान के तौर पर 'जन गण मन' की जगह 'वंदे मातरम' को अपनाया जाए।
साथ ही, उन्होंने मौजूदा राष्ट्रगान की उत्पत्ति और उसके अर्थ को लेकर अपने विवादित दावे को भी दोहराया है।
मुकेश खन्ना ने राष्ट्रगान पर दिया बेतुका बयान
न्यूज एजेंसी एएनआई से बात करते हुए मुकेश ने कहा कि 'वंदे मातरम' को लेकर चल रही बहस गैर-जरूरी है। उन्होंने अपनी पुरानी बात पर भी जोर दिया कि 'जन गण मन' ब्रिटिश शासन के दौरान लिखा गया था और इसमें एक ब्रिटिश शासक का जिक्र है।
-1787492893942.webp)
मुकेश खन्ना ने कहा,'वंदे मातरम को बेवजह विवाद का विषय बना दिया गया है। ‘जन गण मन’ के बारे में मेरी टिप्पणियां वायरल हो गई हैं। लेकिन मैं फिर से कहता हूं कि यह मेरा राष्ट्रगान नहीं हो सकता। इसे ब्रिटिश काल में लिखा गया था, जब जॉर्ज पंचम (यूनाइटेड किंगडम के पूर्व राजा) का शासन था और भारत ब्रिटिश राज के अधीन था। ‘जन गण मन अधिनायक’ शब्द शासक की ओर इशारा करते हैं और उन्हें भारत का भाग्य तय करने वाले के तौर पर बताते हैं।'
वंदे मातरम को बताया राष्ट्रीय गीत
अपनी बात को और स्पष्ट करते हुए, अभिनेता ने गाने के बोल के शाब्दिक अर्थ पर सवाल उठाया और तर्क दिया कि 'वंदे मातरम' का राष्ट्रीय महत्व अधिक होना चाहिए क्योंकि यह मातृभूमि पर केंद्रित है।
यह पहली बार नहीं है जब मुकेश खन्ना ने 'जन गण मन' के दर्जे पर सवाल उठाए हैं। IANS के साथ एक पुराने इंटरव्यू में, उन्होंने दावा किया था कि यह गाना महारानी एलिजाबेथ के सम्मान में लिखा गया था।
#WATCH | Mumbai, Maharashtra: Actor Mukesh Khanna says, "... Vande Mataram has been unnecessarily turned into a controversy. My comments made about "Jana Gana Mana" have gone viral. It was written during the British era, when India was under British rule. The words "Jana Gana… pic.twitter.com/EMujvKrlrd
— ANI (@ANI) August 23, 2026
सोशल मीडिया पर उनकी बातों की आलोचना हुई है और कई लोगों ने इस गाने से जुड़ी ऐतिहासिक समय-सीमा की ओर इशारा किया है। आलोचकों ने बताया कि महारानी एलिजाबेथ द्वितीय का जन्म 1926 में हुआ था, जबकि माना जाता है कि जन गण मन पहली बार 1911 में गाया गया था।
यह भी पढ़ें- 'यहां सब मजहब के लोग...', Sharmila Tagore के 'वंदे मातरम' पर दिए बयान से मची हलचल; बताया क्या है सबके लिए सही?
