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कैसे बनी थी 'नागिन' की धुन? इस कल्ट गाने में छिपा है सबसे बड़ा राज; Lata Mangeshkar ने गाया था गीत

Published: Thu, 03 Sep 2026 09:39 PM (IST)

'नागिन' (Nagin) की एक धुन हर फिल्मों और सपेरे की बीन पर सुनाई देती है, लेकिन क्या आपको पता है ...और पढ़ें

72 साल पुराने गाने में छुपा मशहूर नागिन धुन।

72 साल पुराने गाने में छुपा मशहूर नागिन धुन।

HighLights

  1. 72 साल पहले बनी थी नागिन की धुन

  2. कल्ट गाने पर बन चुके हैं कई रीमेक सॉन्ग्स

  3. लता मंगेशकर की आवाज में हुआ हिट

एंटरटेनमेंट डेस्क, नई दिल्ली। जब भी कोई नाग-नागिन पर बनी फिल्म आती है या फिर मोहल्ले-मोहल्ले में कोई सपेरा सांप को बीन की धुन पर नचाता है तो सिर्फ ही एक ही धुन सुनाई देती है। नागिन की ये धुन इतनी पॉपुलर हो गई है कि यही आवाज उसकी पहचान बन गई है।

मगर क्या आपको पता है कि आखिर नागिन की ये धुन सबसे पहले किसने बनाई और यह किस तरह सबसे पॉपुलर बन गया। इसका राज 72 साल पुराने लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) के गीत में छुपा है।

72 सालों से बनी है नागिन की धुन

जी हैं, नागिन की वो धुन जो 72 सालों से हर सपेरा के बीन पर बज रही है और हर फिल्मों व सीरियल्स में सुनाई दे रही है, उसका कनेक्शन 50s के एक सुपरहिट गाने से जुड़ा है जो आज भी लता का सबसे पॉपुलर गाना है।

नागिन पर फिल्माया गया सबसे यादगार गाना

यह गीत है 'मन डोले मेरा तन डोले' (Man Dole Mera Tan Dole)। इस गीत को आपने कई बार सुना होगा। इसकी कई रीमेक भी बन चुकी है, लेकिन ओरिजिनल गाना 1954 में आई फिल्म नागिन (Nagin 1954) का है। इस गाने को वैजयंतीमाला पर फिल्माया गया था जो फिल्म में नागिन की भूमिका में थीं।

nagin song

किसने बनाई थी नागिन की धुन?

फिल्म में वैजयंतीमाला पर 'मन डोले मेरा तन डोले' फिल्माया गया जो बीन की धुन से शुरू होती है। यह वही धुन है जो आज हर सपेरा अपनी बीन पर बजाता है। साथ ही हर फिल्मों और सीरियल्स में सुना जाता है। इस धुन को बनाने का श्रेय हेमंत कुमार (Hemant Kumar) को जाता है। उन्होंने ही ये आइकॉनिक धुन तैयार की थी जो 72 सालों से सदाबहार बनी हुई है और इसके बिना कोई भी नागिन फिल्म अधूरी है।

गाने के बोल छू लेते हैं दिल

धुन के साथ-साथ गाने के बोल भी काफी पॉपुलर हुए थे। इस गाने के बोल को आज भी लोग गुनगुनाते हैं। इसके बोल राजेंद्र कृष्ण (Rajendra Krishna) ने लिखे थे। उनके बोल इतने खूबसूरत हैं जिन्हें आज भी जहन से मिटा पाना नामुमकिन है।

 

यह गाना और भी खूबसूरत लता मंगेशकर (Lata Mangeshkar) की आवाज में बन गया। आज भी लोग इस गाने पर झूमने के लिए मजबूर हो जाते हैं।

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