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'मन डोले मेरा तन डोले', 72 साल पहले इस फिल्मी धुन से शुरू हुआ 'नागिन डांस'; आज भी कम नहीं हुआ क्रेज

Published: Wed, 24 Jun 2026 02:12 PM (IST)Updated: Thu, 25 Jun 2026 11:22 AM (IST)

भारतीय शादियों में होने वाला 'नागिन डांस' महज एक डांस फॉर्म नहीं, बल्कि एक शुद्ध देसी इमोशन है। जी हां, ...और पढ़ें

बिना 'नागिन डांस' आज भी अधूरा है हर जश्न (Image Source: AI-Generated)

बिना 'नागिन डांस' आज भी अधूरा है हर जश्न (Image Source: AI-Generated)

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लाइफस्टाइल डेस्क, नई दिल्ली। सोचिए, बारात सज चुकी है, लाइट्स चमक रही हैं, और डीजे वाले बाबू बेस बढ़ा रहे हैं... लेकिन क्या इस माहौल में कुछ अधूरा-सा नहीं लग रहा? हां बिल्कुल! जब तक डीजे फ्लोर पर दो-चार लोग 'नागिन डांस' करने के लिए जमीन पर न उतर आएं, तब तक भारतीय शादी की रौनक पूरी ही कहां होती है।

आप शादी में शगुन का लिफाफा देना भूल सकते हैं, पनीर टिक्का मिस कर सकते हैं, लेकिन बारात के बीचो-बीच मुंह में रुमाल दबाकर, जमीन पर लोट-पोट होने वाले उस 'सिग्नेचर स्टेप' को चाहकर भी नहीं भूल सकते। आइए, इस आर्टिकल में 'नागिन डांस' की दिलचस्प कहानी के बारे में जानते हैं।

Nagin dance song origin

(Image Source: AI-Generated)

क्या है नागिन डांस का बॉलीवुड कनेक्शन?

क्या आप जानते हैं कि इस मजेदार डांस के पीछे पूरी तरह से बॉलीवुड का हाथ है? जी हां, बात शुरू होती है 1954 से, जब सिनेमा टेक्नीकलर दौर में कदम रख रहा था। डायरेक्टर नंदलाल जसवंतलाल ने 'नागिन' नाम से एक रोमांटिक ड्रामा फिल्म बनाई, जिसमें लोगों ने पहली बार 'नागिन' संगीत का जादू महसूस किया।

पुरानी फिल्मों ने हमें धुन तो दी थी, लेकिन आज हम जो स्टेप्स करते हैं, उसका असली क्रेडिट 1986 में आई हर्मेश मलहोत्रा की फिल्म 'नगीना' को जाता है। जब सफेद साड़ी में लिपटी श्रीदेवी ने हाथों से सांप का फन बनाया और सपेरे को खूंखार नजरों से देखा, तो दर्शक दीवाने हो गए। आगे चलकर निगाहें, नाचे नागिन गली गली और जानी दुश्मन जैसी फिल्मों ने इस नागिन डांस के क्रेज को आसमान पर पहुंचा दिया।

कैसी होती है नागिन डांस की महफिल?

इस डांस की सबसे खूबसूरत बात यह है कि इसके लिए आपको डांसर होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। आपको सिर्फ अपने हाथ सिर के ऊपर ले जाकर सांप का फन बनाना है, पेट मटकाना है और फुफकारने की एक्टिंग करनी है।

महफिल तब सजती है जब कोई एक शख्स घुटनों के बल बैठकर मुंह में रुमाल दबाता है। यह रुमाल एक 'काल्पनिक पुंगी' या बीन का काम करता है, और बाकी लोग उसके चारों तरफ नागिन बनकर झूमने लगते हैं।

यह डांस शायद इकलौता ऐसा मौका होता है जहां भारतीय पुरुष किसी जेंडर स्टीरियोटाइप की परवाह नहीं करते। महिलाएं तो खुशी-खुशी अपनी अंदर की 'नागिन' बाहर लाती ही हैं, लेकिन इस डांस में सबसे ज्यादा पुरुष ही हिस्सा लेते हैं। यह अपने आप में बेहद दिलचस्प और सशक्त करने वाली बात है।

जश्न से लेकर विरोध तक का अनोखा तरीका

हम भारतीय सिनेमा से बहुत गहराई से जुड़े हुए हैं- चाहे बात फैशन की हो, विचारों की या संगीत की। हम अपनी भावनाओं को व्यक्त करने के लिए डांस और म्यूजिक का खूब इस्तेमाल करते हैं। जब लोग बेहद खुश होते हैं या फिर थोड़े नशे में होते हैं, तो नागिन डांस ही उनकी पहली पसंद होता है। बारात हो या डांस फ्लोर, जितने ज्यादा सपेरे और नागिन होंगे, माहौल उतना ही मजेदार हो जाता है।

लेकिन अब यह सिर्फ शादियों तक सीमित नहीं है:

  • विरोध का नया तरीका: आज कल लोग खराब सड़कों या अन्य मुद्दों का विरोध जताने के लिए भी सड़कों पर नागिन डांस करते नजर आते हैं।
  • सोशल मीडिया का फेवरेट: इंटरनेट पर नागिन डांस के ढेरों मीम्स और वीडियो वायरल होते हैं, जिनमें लोग अमरीश पुरी वाले 'बीन' के अंदाज की मजेदार नकल करते हैं।

कुल मिलाकर, नागिन डांस सिर्फ एक डांस नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा जश्न है जिसमें बॉलीवुड का जादू और हम भारतीयों का बिंदासपन साफ झलकता है।

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