थायरॉयड कैंसर ने घेर ली थी कैरोटिड धमनी, आवाज जाने का भी था खतरा; दिल्ली में जटिल सर्जरी से मिली जिंदगी
सर गंगा राम अस्पताल के डॉक्टरों ने एक महिला के गले से ट्यूमर सफलतापूर्वक निकाला, जिसने दिमाग को खून पहुंचाने ...और पढ़ें

एआई जेनेरेटेड इमेज।
HighLights
ट्यूमर ने दिमाग की मुख्य रक्त वाहिका को घेरा था।
डॉक्टरों ने सावधानीपूर्वक ट्यूमर हटाकर आवाज बचाई।
सर गंगा राम अस्पताल में सफल जटिल सर्जरी हुई।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। महिला के गले में ट्यूमर था, जिसने दिमाग को खून पहुंचाने वाली प्रमुख रक्त वाहिका (कैरोटिड धमनी) को घेरे हुए था। सांस और भोजन की नली तक फैल गया था। सर्जरी के दौरान आवाज की दोनों नसों को नुकसान पहुंचने से आवाज जाने का खतरा था।
ऐसी चुनौतीपूर्ण स्थिति में सर गंगा राम अस्पताल के चिकित्सकों ने ट्यूमर को कैरोटिड धमनी से सावधानीपूर्वक अलग कर न सिर्फ निकाला बल्कि आवाज की दोनों नसों को भी सुरक्षित रखा। इससे महिला की जान के साथ उसकी आवाज भी बच गई।
अस्पताल के चिकित्सक डा. संगीत अग्रवाल ने बताया कि महिला के गले में करीब 10 साल से गांठ थी, जो धीरे-धीरे बढ़ रही थी। पिछले कुछ महीनों में इसका आकार तेजी से बढ़ने लगा। गांठ के बड़े आकार और तेजी से बढ़ने के कारण शुरुआत में डाक्टरों को एनाप्लास्टिक थायरॉयड कैंसर की आशंका हुई।
जांच और बायोप्सी से पता चला कि महिला को पैपिलरी थायरायड कैंसर है।
कई विभागों की टीम ने मिलकर की सर्जरी
मामले की गंभीरता को देखते हुए हेड एंड नेक सर्जिकल आंकोलाजी, वैस्कुलर सर्जरी और प्लास्टिक सर्जरी की टीम ने मिलकर सर्जरी की। टीम का नेतृत्व सर गंगा राम अस्पताल के सीनियर कंसल्टेंट हेड एंड नेक सर्जिकल आंकोलाजी डा.संगीत अग्रवाल ने किया। डा.संगीत अग्रवाल ने बताया कि टीम ने पहले ट्यूमर को कैरोटिड धमनी से अलग किया।
इसके बाद पूरे थायरायड को ट्यूमर समेत निकाल दिया गया। सर्जरी के बाद महिला को दो दिन आइसीयू में निगरानी में रखा गया। इसके बाद उन्हें वार्ड में भेज दिया गया। उनकी आवाज सामान्य रही और संतोषजनक स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।
कहा कि गर्दन की प्रमुख रक्त वाहिकाओं तक फैले बड़े थायरायड कैंसर में सर्जरी से पहले योजना और अलग-अलग विशेषज्ञों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। लंबे समय से या तेजी से बढ़ रही गर्दन की गांठ को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
