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दिल्ली हाट में सजा देश का हुनर, ‘शरद शिल्पोत्सव 2.0’ में दिखेगी राज्यों की पारंपरिक कला

By Gouri Edited By: Anup Tiwari
Published: Wed, 02 Sep 2026 05:25 AM (IST)Updated: Wed, 02 Sep 2026 07:01 AM (IST)

दिल्ली हाट, आइएनए में मंगलवार से 'शरद शिल्पोत्सव 2.0' शुरू हो गया है, जो 15 सितंबर तक चलेगा। यह उत्सव ...और पढ़ें

दिल्ली हाट में आयोजित ‘शरद शिल्पोत्सव 2.0’ में कालीन देखते हुए होते प्रयटक। सौ- आयोजक

दिल्ली हाट में आयोजित ‘शरद शिल्पोत्सव 2.0’ में कालीन देखते हुए होते प्रयटक। सौ- आयोजक

HighLights

  1. 'शरद शिल्पोत्सव 2.0' दिल्ली हाट में शुरू हुआ।

  2. देश भर की पारंपरिक हस्तशिल्प कलाएं प्रदर्शित की जा रही हैं।

  3. कारीगरों को सीधे ग्राहकों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है।

जागण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। दिल्ली हाट, आइएनए में मंगलवार से ‘शरद शिल्पोत्सव 2.0’ शुरू हो गया है। उत्सव में देश के विभिन्न राज्यों की पारंपरिक हस्तशिल्प कलाओं और क्षेत्रीय विविधता को प्रदर्शित कर रहे है। यह शिल्पोत्सव 15 सितंबर तक आयोजित किया जाएगा।

इस दौरान यहां आने वाले पर्यटकों को अलग-अलग क्षेत्रों के कारीगरों के हस्तनिर्मित उत्पाद देखने और खरीदने का मौका मिल रहा है। आयोजन के लिए दिल्ली हाट को रंग-बिरंगे सजावटी स्टॉल, बेंत से बने ढांचों और विशेष इंस्टॉलेशन से सजाया गया है।

यहां हस्तनिर्मित और हथकरघा उत्पादों की प्रदर्शनी के साथ लाइव डेमो भी आयोजित किए जा रहे हैं।

उत्सव में आर्टिसन-लेड प्रोड्यूसर कंपनियां भी हिस्सा ले रही हैं। इन कंपनियों का संचालन पारंपरिक कारीगरों के समूहों की ओर से किया जाता है। इसके माध्यम से कारीगर अपने उत्पाद सीधे ग्राहकों और बाजार तक पहुंचा रहे हैं। इससे उन्हें नए ग्राहकों से जुड़ने और अपने उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

भारतीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने की पहल

वस्त्र मंत्रालय के हस्तशिल्प आयुक्त की ओर से आयोजित यह उत्सव भारतीय हस्तशिल्प को बढ़ावा देने की पहल है। इसका उद्देश्य कारीगरों को सीधे बाजार से जोड़ना और देश की समृद्ध शिल्प विरासत को अधिक लोगों तक पहुंचाना है।

उत्सव में पारंपरिक कला के साथ आधुनिक जरूरतों के अनुरूप तैयार किए गए उत्पाद भी आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।

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