दिल्ली में नॉर्थ-ईस्ट की युवतियों पर नस्लीय टिप्पणी का मामला, साकेत कोर्ट ने दंपती को दी जमानत
साकेत कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश और मणिपुर की महिलाओं पर नस्लीय टिप्पणी के आरोपी दंपती हर्ष प्रिय सिंह और रूबी जैन को जमानत दे दी है। अपर सत्र न्यायाधीश ...और पढ़ें

साकेत कोर्ट ने दंपती को जमानत दी। फाइल फोटो
HighLights
आरोपी दंपती हर्ष प्रिय सिंह और रूबी जैन को जमानत मिली।
साकेत कोर्ट ने अंतरिम जमानत की सभी शर्तों का पालन पाया।
नस्लीय टिप्पणी मामले में पीड़ितों को मानसिक आघात पहुंचा था।
जागरण संवाददाता, दक्षिणी दिल्ली। साकेत कोर्ट ने अरुणाचल प्रदेश व मणिपुर की अपने पड़ोसियों पर नस्लीय टिप्पणी मामले में आरोपित दंपती को जमानत दे दी है। अपर सत्र न्यायाधीश समर विशाल सोमवार को आरोपितों हर्ष प्रिय सिंह और रूबी जैन की जमानत अर्जी पर सुनवाई कर रहे थे।
दोनों को 11 मार्च को दी गई 30 दिन की अंतरिम जमानत की अवधि खत्म होने के बाद कोर्ट में पेश किया गया था। आरोपितों की तरफ से वकील अविनाश कुमार, बीपी सिंह और सुमंत बारीक पेश हुए।
बेल की सभी शर्तों का किया पालन
उन्होंने कोर्ट को बताया कि दंपती ने पिछले आदेश में बताई गई बेल की सभी शर्तों का पालन किया है। उन्होंने मालवीय नगर स्थित अपना घर (जहां घटना हुई थी) खाली कर दिया था और दूसरी जगह पर शिफ्ट हो गए थे।
वकीलों ने बताया कि उन्होंने जांच अधिकारी को अपना नया पता और संपर्क जानकारी भी दे दी थी। वकीलों ने जज को यह भी भरोसा दिलाया कि रूबी जैन अपनी टीबी की बीमारी के लिए लगातार दवा ले रही हैं, और इसके लिए अस्पताल के दस्तावेज़ भी उपलब्ध हैं।
इस मामले की वजह से दंपती की सामाजिक प्रतिष्ठा को काफी नुकसान पहुंचा है। दोनों ने इंटरनेट मीडिया पर और निजी तौर पर भी, अपने मकान मालिक की मौजूदगी में, पीड़ितों से माफी मांगी थी।
सरकारी वकील लियी नोशी ने बेल की अर्जी का विरोध करते हुए जोर देकर कहा कि नस्लवाद की इतनी गंभीर घटनाओं को इतनी आसानी से जाने नहीं देना चाहिए।
उन्होंने कोर्ट को बताया कि पीड़ितों में से एक को राज्य में चल रही जातीय हिंसा के बीच वापस मणिपुर जाना पड़ा। हो सकता है कि उन्हें कोई शारीरिक चोट न लगी हो, लेकिन उन्हें कई दूसरे तरीकों से नुकसान पहुंचा है और भविष्य के कई मौकों का भी काफी नुकसान हुआ है।
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25 फरवरी को हुई थी गिरफ्तारी
यदि दंपती की समाज में इज्जत है और जिन्हें अपनी प्रतिष्ठा बनाए रखनी है, तो उन्हें उसी हिसाब से व्यवहार करना चाहिए, न कि नस्लीय टिप्पणियां करके अपने पड़ोसियों को जलील करना चाहिए। इस मामले में विस्तृत आदेश का इंतजार है।
आरोपित दंपती को दिल्ली पुलिस ने 25 फरवरी को गिरफ्तार किया था। दोनों पक्षों के बीच विवाद तब शुरू हुआ, जब उन तीन महिलाओं के किराए के घर में एयर कंडीशनर लगाते समय निकला मलबा नीचे वाले फ्लोर पर रहने वाले दंपती के घर में गिर गया। घटना 20 फरवरी को हुई थी।