भारत का नया AI सुपरकंप्यूटर ‘परम प्रज्ञा', PM मोदी ने IIT दिल्ली में किया शुभारंभ; कई खूबियों से है लैस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आईआईटी दिल्ली के सोनीपत कैंपस में अत्याधुनिक सुपरकंप्यूटिंग सुविधा 'परम प्रज्ञा' का उद्घाटन किया। इससे AI शोध और वैज्ञानि ...और पढ़ें

पीएम मोदी ने किया सुपरकंप्यूटर परम प्रज्ञा का शुभारंभ।
HighLights
प्रधानमंत्री मोदी ने IIT दिल्ली में 'परम प्रज्ञा' का उद्घाटन किया
250 पेटाफ्लॉप AI क्षमता से शोध और गणनाओं को गति मिलेगी
देशभर के संस्थानों को भी कंप्यूटिंग संसाधनों का लाभ मिलेगा
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और हाई-परफार्मेंस कंप्यूटिंग के क्षेत्र में भारत की क्षमता को नई ताकत देने वाली अत्याधुनिक सुपरकंप्यूटिंग सुविधा ‘परम प्रज्ञा’ (Supercomputer Param Pragya ) अब IIT दिल्ली के सोनीपत कैंपस में शुरू हो गई है।
शनिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने IIT दिल्ली के 57वें दीक्षांत समारोह के दौरान इसका उद्घाटन किया। करीब 250 पेटाफ्लॉप की AI कंप्यूट क्षमता वाली यह सुविधा बड़े पैमाने पर AI शोध और जटिल वैज्ञानिक गणनाओं को तेज करने में अहम भूमिका निभाएगी।
400 GPU और 250 पेटाफ्लॉप की AI क्षमता
‘परम प्रज्ञा’ की सबसे बड़ी खासियत इसकी कंप्यूटिंग क्षमता है। इसमें 400 एनवीडिया ए100 80जीबी GPU लगाए गए हैं। इनकी मदद से करीब 250 पेटाफ्लॉप की AI कंप्यूट क्षमता उपलब्ध होगी।
यानी AI मॉडल को ट्रेन करने, बड़े स्तर पर डेटा प्रोसेस करने और जटिल गणनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए संस्थानों को बड़ी कंप्यूटिंग ताकत मिलेगी।
10 पेटाबाइट स्टोरेज, बड़े डेटा को तेजी से करेगा प्रोसेस
सुपरकंप्यूटर में 10 पेटाबाइट की पैरेलल फाइल सिस्टम स्टोरेज क्षमता भी है। इसकी मदद से बड़े डेटा सेट को तेजी से स्टोर, प्रोसेस और एक्सेस किया जा सकेगा। AI और वैज्ञानिक शोध में लगातार बढ़ रहे बड़े डेटा की जरूरत को देखते हुए यह इसकी अहम खूबियों में शामिल है।
800 किलोवाट का डाटा सेंटर, 24 घंटे संचालन की क्षमता
‘परम प्रज्ञा’ के लिए करीब 800 किलोवाट क्षमता का आधुनिक डाटा सेंटर तैयार किया गया है। इससे सुपरकंप्यूटिंग सुविधा को चौबीसों घंटे स्थिर और प्रभावी तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
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पेटाफ्लॉप क्या है?
पेटाफ्लॉप सुपरकंप्यूटर की गति या काम करने की क्षमता को मापने की एक इकाई है। इसका मतलब है कि कोई कंप्यूटर एक सेकंड में कितने कैलकुलेशन (गणना) कर सकता है। ऐसे में 250 पेटाफ्लॉप की क्षमता का मतलब बेहद बड़े स्तर पर गणनाओं को तेजी से करने की क्षमता है।
सिर्फ IIT दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगी सुविधा
‘परम प्रज्ञा’ को नेशनल सुपरकंप्यूटिंग मिशन (एनएसएम) के तहत विकसित किया गया है। परियोजना के निर्माण में विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) और इलेक्ट्रानिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का सहयोग रहा है। IIT दिल्ली ने भी डाटा सेंटर के निर्माण में करीब 25 करोड़ रुपये का योगदान दिया है।
इस सुपरकंप्यूटिंग सुविधा की एक खास बात यह है कि इसका लाभ केवल IIT दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा। एनएसएम के तहत देश के बाहर के उपयोगकर्ताओं और संस्थानों को भी करीब 40 प्रतिशत कंप्यूटिंग क्षमता उपलब्ध कराई जाएगी।
इससे AI, रोबोटिक्स, स्वास्थ्य, शिक्षा, मल्टी-लिंगुअल एआई और विज्ञान से जुड़े बड़े शोध प्रोजेक्ट को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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